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डेबिट और क्रेडिट कार्ड रखना हो सकता महंगा

Google और Apple पर भी RBI का दबाव

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नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गाइडलाइन के तहत ग्लोबल पेमेंट कंपनी Mastercard, visa और American Express अब अपने सर्वर भारत में ही सेटअप करने जा रही हैं। इससे भारतीयों के डेटा को देश में ही सुरक्षित रखा जा सकेगा। साथ ही इन कंपनियों को भारत में होने वाली इनकम पर 15% टैक्ट देना होगा। अब तक इन कंपनियां को भारत में छूट थी, क्योंकि भारत में इन्हें एक स्थायी कंपनी का दर्जा नहीं प्राप्त था। ये कंपनियां भारत में सिंगापुर ऑफिस से ऑपरेट होती थी, जबकि डेटा अमेरिका और आयरलैंड में स्टोर किया जाता था। 

 

कार्ड होल्डर से वसूला जा सकता है टैक्स 

भारत में स्थापित कंपनियों से कॉरपोरेट प्रॉफिट पर 30% टैक्स वसूला जाता है। हालांकि ग्लोबल पेमेंट कंपनी Mastercard, visa और American Express से 15% टैक्स लिया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत का सिंगापुर जैसे देशों के साथ टैक्स समझौता हुआ है और ये कंपनियां सिंगापुर से ही ऑपरेट होती है। ऐसी खबरें है कि ये कंपनियां 15% टैक्स का भी बोझ कार्ड होल्डर पर डालने जा रही हैं। मतलब इन कंपनियों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड होल्डर से फीस वसूली जा सकती है। 

 

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क्या था आरबीआई का फरमान

रिजर्व बैंक ने इस साल अप्रैल में फरमान दिया था कि 15 अक्टूबर तक  Mastercard, vasa और American Express कंपनियां भारत में डाटा सुरक्षित करने का इंतजाम कर ले, लेकिन 15 अक्टूबर की तय समय सीमा में वे ऐसा नहीं कर पाए।

 

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Google और Apple पर टैक्स की मार

Google और Apple जैसे कंपनियों से भी आरबीआई ने भारतीयों का डेटा देश में ही ट्रांसफर करने निर्देश दिया है। ऐसे में इन कंपनियों पर भी टैक्स का बोझ पड़ सकता है। भारत ने हाल ही में डेटा प्रोटेक्शन कानून बनाया है। इसमें घेरलू डेटा स्टोरेज सर्वर को भारत में ही लगाने का नियम है।  

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