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अब कबाड़ा वाहनों से कमाई करेगी महिंद्रा, ग्रेटर नोएडा में लगाया देश का पहला वाहन रिसाइक्लिंग प्लांट

कंपनी की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं कबाड़ा वाहनों के स्वामी

Mahindra and MSTC Established India’s First vehicle Recycling plant

नई दिल्ली। देश की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा अब कबाड़ा वाहनों के बाजार में प्रवेश करने जा रही है। इसके लिए महिंद्रा ने इस्पात मंत्रालय के तहत भारत सरकार के उपक्रम एमएसटीसी के साथ मिलकर CERO (महिंद्रा एमएसटीसी रिसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड) नाम से संयुक्त कंपनी बनाई है। इस कंपनी ने देश का पहला वाहन रिसाइक्लिंग प्लांट उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में लगाया है। दिल्ली सरकार ने देश के पहले वाहन रिसाइक्लिंग प्लांट CERO को जरुरी मान्यता दे दी है। CERO लोगों से कबाड़ या पुराने हो चुके वाहनों को खरीदकर रिसाइकिल करेगी। CERO की वेबसाइट के मुताबिक, वह कबाड़ा वाहनों से निकलने वाले अच्छे पार्ट्स को बेचने का कारोबार भी करेगी। 

 

स्टील समेत कई धातुएं निकाली जाएंगी

 

CERO के अनुसार, वह लोगों से पुराने दोपहिया, तिपहिया, कार और ट्रक खरीदेगी और इन्हें ग्रेटर नोएडा प्लांट में रिसाइकिल किया जाएगा। इन पुराने वाहनों से स्टील समेत कई प्रकार की धातुएं निकाली जाएंगी। कंपनी के अनुसार एक वाहन के निर्माण 65-70 फीसदी स्टील का इस्तेमाल होता है। रिसाइकिल करने के बाद निकलने वाली स्टील से देश में स्टील के आयात में भी कमी आएगी। पुराने वाहन बेचने वालों को कंपनी की ओर से उचित मूल्य दिया जाएगा, जो वाहन की स्थिति पर आधारित होगा। 

 

आप ऐसे बेच सकेंगे अपना पुराना वाहन

 

CERO के अनुसार, कोई भी अपना पुराना वाहन बेचने के लिए कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-267-6000 या कंपनी की वेबसाइट http://www.cerorecyling.com/ पर रजिस्टर कर सकता है। यहां पर रजिस्ट्रेशन के बाद कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाहन स्वामी से संपर्क करेंगे। डील फाइनल होने के बाद कंपनी खुद ग्राहकों के घर से पुराने वाहन को लेकर आएगी और वाहन मालिक के खाते में भुगतान कर दिया जाएगा। CERO ने बताया कि धोखाधड़ी रोकने के लिए कंपनी केवल वाहनों के असली स्वामी से ही खरीदारी करेगी। इसके लिए वाहन स्वामी के पास वाहन की चाभी, आरसी और पैन कार्ड होना आवश्यक है। 

 

लोगों को मिलेगी झंझट से मुक्ति

 

CERO के मुताबिक, लोगों को पुराने वाहन बेचने के दौरान होने वाले झंझटों से मुक्ति मिल जाएगी। कंपनी लोगों के घरों से वाहनों कलेक्ट करने से लेकर उनको रिसाइकिल करने तक का सारा काम खुद करेगी। कंपनी की ओर से लोगों को उनके वाहन के कानूनी रूप से खत्म होने का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। 

 

दान भी कर सकते हैं वाहन

 

CERO के अनुसार, लोग अपने पुराने वाहनों के दान भी कर सकते हैं। इसके तहत वाहन से होने वाली कमाई महिंद्रा फाउंडेशन के Nanhi Kali एनजीओ के पास जमा कराया जाएगा। दान करने वाले लोगों को कंपनी की ओर से एक सर्टिफिकेट भी जारी किया जाएगा, जिससे वह आयकर की धारा 80G के तहत कर छूट का दावा कर सकते हैं।

 

प्रदूषण नियंत्रण में मिलेगी मदद

 

महिंद्रा के एक्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य झूबेन भिवंडीवाला ने बताया कि कंपनी के इस कदम से प्रदूषण नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि CERO पुराने वाहनों का प्रदूषणरहित तरीके से रिसाइकिल करेगी। भिवंडीवाला ने बताया कि कंपनी देश में पांच और शहरों में ऐसे ही रिसाइक्लिंग प्लांट लगाने की योजना बना रही है। आपको बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली-एनसीआर में 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन और 10 साल पुराने डीजल वाहनों के संचालन पर रोक लगा रखी है। इस आदेश के बाद दिल्ली परिवहन विभाग ने करीब 40 लाख ऐसे वाहनों को डीरजिस्टर किया है। सुप्रीम कोर्ट भी दिल्ली परिवहन विभाग को ऐसे वाहनों की सूची अपने पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कह चुका है। 

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