बिज़नेस न्यूज़ » Industry » Companiesएक बिजनेस करता है दूसरी फिलैन्थ्रॉपी, ऐसी है अंबानी के बेटे और बहू की जोड़ी

एक बिजनेस करता है दूसरी फिलैन्थ्रॉपी, ऐसी है अंबानी के बेटे और बहू की जोड़ी

मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अौर श्‍लोका मेहता की शादी इस साल दिसंबर में हो सकती है।

1 of

नई दिल्‍ली. मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अंबानी जल्‍द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। उनकी शादी हीरा कारोबारी और रोजी ब्लू के ओनर रसेल मेहता की बेटी श्लोका मेहता से होने जा रही है। बृहस्‍पति‍वार को मुंबई में उनका प्री इंगेजमेंट फंक्‍शन हुआ। दोनों की शादी इस साल दिसंबर में हो सकती है। आकाश अंबानी को जहां एक बेहतरीन बिजनेसमैन के तौर पर देखा जाता रहा है वहीं श्‍लोका फिलैन्थ्रॉपी के काम करती है। आइए जानते हैं कि  आकाश अंबानी और श्‍लोका मेहता से जुड़े कुछ रोचक फैक्‍ट्स के बारे में - 

आकाश बिजनेस तो श्लोका फिलैन्थ्रॉपी पर हैं फोकस


बिजनेस फैमिली से आने के बाद भी श्‍लोका मेहता ने फैमिली बिजनेस ज्‍वाइन नहीं किया है। वह फिलैन्थ्रॉपी के काम में लगी हैं। इंडियन कॉरपोरेट वर्ल्‍ड में श्‍लोका मेहता को ऐसी रिच किड के रूप में जाना जाता है, जो अपने बिजनेस नहीं बल्कि अपने फिलैन्थ्रॉपी कामों के लिए ज्‍यादा मशहूर हैं। इस पर कई मीडिया रिपोर्ट्स भी छप चुकी हैं।

 

वहीं आकाश अंबानी अपना पारिवारिक बिजनेस आगे बढ़ा रहे हैं। उनके आने के बाद आरआईएल की वैल्‍यू में लगतार इजाफा हो रहा है। यह तो सभी जानते हैं कि जियो को देश के टॉप टेंलिकॉम कंपनी बनाने में आकाश अंबानी का बड़ा रोल रहा है। यह बात मुकेश अंबानी खुद भी कई बार स्‍वीकार कर चुके हैं।  आगे पढ़ें 

 

रोजी ब्लू फाउंडेशन की निदेशक हैं श्‍लोका 


श्‍लोका मेहता रोजी ब्लू फाउंडेशन की निदेशक हैं। यह फाउंडेशन उनकी पारिवारिक कंपनी रोजी ब्‍लू डायमंड की फिलैन्थ्रॉपी से जुड़ी इकाई है। 2014 में एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर बनने से पहले श्‍लोका के पास इस तरह के कामों का कोई अनुभव नहीं था। यह फाउंडेशन शिक्षा के क्षेत्र में इनोवेशन और सस्‍टेनेबिलिटी पर फोकस करता है। श्‍लोका ने 2009 में धीरूभाई अंबानी इंटरनेशन स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से मानवशास्त्र की पढ़ाई की। इसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से विधि शास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। 


पैसे कमाने से ज्‍यादा फिलैन्थ्रॉपी​ पर फोकस 
करीब 3 साल पहले अंग्रेजी बिजनेस डेली मिंट से बातचीत में श्‍लोका ने बताया था कि बिजनेस फैमिली से आने के बाद भी उनका फोकस पैसे कमाने से ज्‍यादा फिलैन्थ्रॉपी पर था। बकौल श्‍लोका जब उन्‍होंने अपने दादा अरुण कुमार रमनिकलाल मेहता से फाउंडेशन से जुड़ने ही बात बताई तो उन्‍होंने साफ सलाह दी कि तुम इस फाउंडेशन से जुड़कर दिमागी संतुष्‍टि तो हासिल कर सकती है, तो बहुत कमाई की उम्‍मीद मत करना।  आगे पढ़ें 

सिर्फ एक काम पर फोकस करो 
श्‍लोका के दादा अरुण कुमार मेहता के मुताबिक, उन्‍होंने अपनी नातिन से साफ कहा था कि एक साथ कई प्रोजेक्‍ट पर काम करने की बजाय सिर्फ एक या दो प्रोजेक्‍ट  पर काम करना बेहतर होता है। जब एक प्रोजेक्‍ट पूरा हो जाए तभी दूसरे प्रोजेक्‍ट पर हाथ डालो। 


बदल गई सोच 
श्‍लोका के मुताबिक, शुरू -शुरू में उन्‍होंने लगता था कि बिना पैसे के चैरिटी शायद मुश्किल होती है। हालांकि अब उनकी सोच बदल चुकी है। श्‍लोका के मुताबिक, पैसा निश्चित तौर पर आपका बड़ा साथी है, लेकिन लेकिन इंसानी रिसोर्स की वैल्‍यू कहीं ज्‍यादा है। परोपकार दूसरों की  मुश्किलें आसान करने के लिए होता है और इसे आप अपना समय देकर भी कर सकते हैं।  

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट