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भारत में असली बताकर बेचा जा रहा सिंथेटिक हीरा, ज्‍वैलरी कंपनी के MD ने बताई पूरी सच्‍चाई

25 से 30 फीसदी सस्‍ता होने के कारण सिंथेटिक हीरे की यूज तेजी से बढ़ा है। पर भारत में इसे असली बताकर बेचा रहा है...

Jeweler reveals secret Be careful while buying diamonds, you could very well be getting synthetic diamond

नई दिल्‍ली। विदेशों में बिकने वाला सिंथेटिक हीरा भारत में असली बताकर बेचा जा रहा है। नॉलेज नहीं होने के चलते लोग धड़ल्‍ले से खरीद भी रहे हैं। NAC ज्वैलर्स के प्रबंध निदेशक (MD) एन अनंत पद्मनाभन ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दी गई जानकारी में खुद इस बात का खुलासा किया है। कुछ ट्रेडर्स के मुताबिक, सिंथेटिक हीरे और असली हीरे में फर्क करना बेहद मुश्किल होता है। इसकी लागत भी असली हीरे के मुकाबले 25 से 30 फीसदी कम होती है। भारत मेंं  इसका यूज तेजी के साथ बढ़ा है। ऐसे में लोग फ्रॉड का शिकार हो रहे हैं।


कुछ बड़े ज्‍वैलर्स पहचान करने वाली मशीन रख रहे हैं
विदेशों में सिंथेटिक हीरे को तो सिंथेटिक हीरे के नाम से ही बेचा जाता है, लेकिन भारत में इन्‍हें असली हीरे के तौर पर ही बेचा जाता है। उन्होंने कहा कि आम आदमी असली या सिंथेटिक हीरे में भेद नहीं कर सकता। हालांकि कुछ ज्‍वैलर्स ने इसकी पहचान करने वाली मशीन लगाई है। अगर आगे से आप भी हीरा खरीद रहे हैं।  दुकानदार से यह मशीन जरूर मांगे, और इसपर चेक करवाएं।

 

दुकानदार से बिल जरूर मांगें 
बहुत से ग्राहक टैक्‍स से बचने के लिए बिना बिल के ही खरीददारी कर लेते हैं। पर उन्‍हें नहीं पता कि वह इसकी क्‍या कीमत चुका रहे हैं। अनंत के मुताबिक, डुप्‍लीकेसी से बचने के लिए दुकानदार से बिल जरूर लें, ताकि धोखे की सूरत में उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकें। अनंत के मुताबिक, विदेशों में सिंथेटिक हीरे को सिंथेटिक हीरा बताकर ही बेचते हैं। इसके चलते वहां सिंथेटिक डायमंड का अपना एक मार्केट डेवलप हो गया है हालांकि भारत में वे इसे असली हीरे की कीमत पर ही बचेते हैं। 


SYNTHdetect नाम की डिवाइस में मार्केट में 
हाल में ही चेन्‍नई के वुम्मिदी बंगारू ज्‍वैलर्स ने एक स्‍क्रीनिंग डिवाइस भी पेश की है। SYNTHdetect नाम की यह डिवाइस सिंथेटिक हीरे को आसानी से पहचान लेती है। इस डिवाइस का मकसद लोगों को हीरा खरीदने के प्रति जाकरूक करना है। वुम्मिदी बंगारू ज्‍वैलर्स के एमडी अमरेंद्र विम्मिदी ने बताया कि दे बीयर्स ग्रुप की सब्‍सीडरी इंटरनेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ डायमंड ग्रेडिंग एंड रिसर्च की और से तैचार इस डिवाइस को लंदन से इम्‍पोर्ट किया जाता है। जल्‍द ही हीरों के पहचान करने के लिए पब्लिक के बीच उपलब्‍ध होगी।  

 

बढ़ रहा है सिंथेटिक हीरे का बाजार 
एक स्‍टडी के मुताबिक, अकेले एशिया प्रशांत क्षेत्र में सिंथेटिक डायमंड का मार्केट करीब 749.6 करोड़ डॉलर का हो चुका है। माना जा रहा है कि यह 2023 तक 7 फीसदी की दर से ग्रोथ करेगा। 

 

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