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सिर्फ 1 रुपए में बिक रही है इस बड़ी विमान कंपनी की हिस्सेदारी, ये है बड़ी वजह

बंद हुई कंपनी तो चली जाएगी 23 हजार लोगों की जॉब

jet airways majority stake being sold just 1 rupee

एक समय पर भारत की सबसे अच्छी एयरलाइन माने जाने वाली जेट एयरवेज पिछले कुछ समय से कर्ज में डूबी हुई है। ऐसे में इसकी 50 फीसदी हिस्सेदारी सिर्फ 1 रुपए में बिक रही है। जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले सरकारी बैंकों के समूह ने कंपनी के 50.1 फीसदी शेयरों को 1 रुपए में लेने की बात कही है।  इसपर 21 फरवरी को फैसला आएगा। आपको बता दें करीब एक दशक तक जेट एयरवेज भारत के टॉप तीन एयरलाइंस में शामिल थी।

नई दिल्ली। एक समय पर भारत की सबसे अच्छी एयरलाइन माने जाने वाली जेट एयरवेज पिछले कुछ समय से कर्ज में डूबी हुई है। ऐसे में इसकी 50 फीसदी हिस्सेदारी सिर्फ 1 रुपए में बिक रही है। जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले सरकारी बैंकों के समूह ने कंपनी के 50.1 फीसदी शेयरों को 1 रुपए में लेने की बात कही है।  इसपर 21 फरवरी को फैसला आएगा। आपको बता दें करीब एक दशक तक जेट एयरवेज भारत के टॉप तीन एयरलाइंस में शामिल थी। जेट एयरवेज को टिकट एजेंट रहे नरेश अग्रवाल ने स्थापित किया था। पिछले कुछ महीनों से कंपनी रिवाइवल के लिए जद्दोजहद कर रही है। एयरलाइन का नेतृत्व करने वाले जब नाकाम रहे तो स्थिति सुधारने की जिम्मेदारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास है। जेट एयरवेज ने 1990 के दशक में एविएशन सेक्टर में सरकारी कंपनियों के एकाधिकार को समाप्त कर दिया था। फिलहाल, इस कंपनी में 24 फीसदी हिस्सेदारी अबू धाबी की एतिहाद एयरवेज के पास है। 

 

मुश्किल में इस तरह फंसी जेट एयरवेज


जेट एयरवेज एक समय में काफी अच्छी तरह से काम कर रही है लेकिन इंडिगो, स्पाइसजेट, गो एयर के आ जाने से इसका दबदबा कम होता चला गया। मार्केट में कई एयरलाइन के आने से जेट ने मुकाबला करने के लिए अपने किराए कम करना शुरू कर कर दिए जिससे कंपनी को काफी नुकसान उठाना पड़ा। कुछ समय बाद जेट फ्यूल महंगा होने की वजह से किराए बढ़ा और लोगों ने बजट एयरलाइंस की तरफ रुख किया। कमाई नहीं होने पर कंपनी लगातार लोन पर डिफॉल्ट करने लगी। कर्मचारियों की सैलरी देने के लिए रकम कम पड़ी और कई उड़ानें रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा। कंपनी लगातार कर्ज के तले दबती चली गई। 

 

बंद हुई कंपनी तो चली जाएगी 23 हजार लोगों की जॉब


जेट एयरवेज का बने रहना सरकार के लिए भी बेहद जरूरी है। वजह यह है कि फिलहाल रोजगार सृजन न कर पाने के आरोपों में घिरी सरकार कंपनी के फेल होने पर घिर सकती है। जेट एयरवेज ने 23,000 लोगों को रोजगार दे रखा है। यदि कंपनी में किसी तरह का बिखराव होता है तो यह रोजगार के लिहाज से भी गहरा संकट होगा।
 

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