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Paytm के विजय ने अपने दम पर खड़ा किया अरबों का एम्पायर, फोर्ब्स लिस्ट में 4 सेल्फमेड भारतीय भी शामिल

अब Paytm में 4 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने जा रहे हैं वारेन बफे

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नई दिल्ली। दुनिया के सबसे बड़े इन्वेस्टर कहे जाने वाली वारेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने Paytm की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस में 2500 करोड़ रुपए (35.60 करोड़ डॉलर) में 4 फीसदी हिस्सेदारी खरीद रहा है। वारेन बफे का किसी भी भारतीय स्टार्टअप कंपनी में यह पहला इन्वेस्टमेंट है। विजय शेखर शर्मा की कंपनी ऐसा करने में कामयाब रही है। वह देश के ऐसे अरबपति हैं, जिन्हें परिवार से विरासत में बड़ा कारोबार नहीं मिला लेकिन अपनी मेहनत और आइडिया के दम पर अरबों का कारोबार खड़ा कर दिया। देश के ये नए अरबपति काफी मेहनत के बाद इस मुकाम पर पहुंचे हैं और इन्होंने देश के टॉप 100 अमीर भारतीयों की फोर्ब्स की 2018 की लिस्ट में जगह बनाई है। आइए जानते हैं ऐसे ही कारोबारियों के बारे में....

 

विजय शेखर शर्मा, एमडी पेटीएम

-इंडिया के अमीर लोगों में रैंकिंग – 99

-नेटवर्थ – 1.47 अरब डॉलर

 

पेटीएम के एमडी विजय शेखर शर्मा अलीगढ़ के एक मिडिल क्लास परिवार से हैं। उनकी मां हाउसवाइफ और पिता स्कूल टीचर थे। स्कूल की पढ़ाई करने क बाद उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। 

उन्होंने पेटीएम शुरू करने से पहले एक्सएस और वन97 जैसी कंपनियां बनाई और अपनी सारी जमा पूंजी इसमें लगा दी। उनके पार्टनर उन्हें छोड़कर चले गए। मार्केट में स्मार्टफोन आए तो उन्होंने शॉपिंग वेबसाइट और रीचार्ज प्लेटफॉर्म के तौर पर पेटीएम शुरू की। अब पेटीएम मोबाइल वॉलेट के साथ बिलिंग पेमेंट प्लेटफॉर्म भी है। नोटबंदी का सबसे ज्यादा फायदा पेटीएम को मिला और इसने विजय शेखर को अरबपतियों की गिनती में शामिल कर दिया। अब दुनिया के सबसे बड़े इन्वेस्टर वारेन बफे उनकी कंपनी में इन्वेस्ट कर रहे हैं।

 

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आचार्य बालकृष्ण – सीईओ, पतंजलि

-इंडिया के अमीर लोगों में रैंकिंग – 19

-नेटवर्थ – 6.55 अरब डॉलर

 

फोर्ब्स रिचेस्ट लिस्ट में बालकृष्ण की एंट्री बीते साल 2016 में 48th रैंक के साथ हुई थी। पतंजलि के सीईओ बालकृष्ण सियासी तौर पर मजबूत बाबा रामदेव के बचपन के दोस्त हैं। दोनों ने पतंजलि आयर्वेद साल 2006 में बनाया। बालकृष्ण के पास पतंजलि के 97% शेयर होल्डिंग्स हैं। हालांकि, रामदेव का कंपनी में कोई शेयर नहीं है, लेकिन वो इसके ब्रांड एम्बेसडर जरूर हैं। कंपनी को बालकृष्ण ही ऑपरेट करते हैं। अब वह फोर्ब्स की लिस्ट में उनकी 19वी रैंकिंग है और अब उनकी नेटवर्थ 6.55 अरब डॉलर है।

 

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किरन मजूमदार शॉ

-इंडिया के अमीर लोगों में रैंकिंग – 72

-नेटवर्थ – 2.16 अरब डॉलर

 

बायोकॉन की चेयरमैन किरन मजूमदार शॉ का जन्म बेंगलुरू की गुजराती फैमिली में हुआ। उन्होंने जियोलॉजी में पढ़ाई की। वह मेडिकल स्कूल में पढ़ना चाहती थी लेकिन उन्हें स्कॉलरशिप नहीं मिली। अपने पिता के कहने पर उन्होंने शराब बनाने (फर्मनटेशन साइंस) की पढ़ाई कर कार्लटन कंपनी में नौकरी की।

इसी दौरान उन्होंने आयरलैंड में बायोकॉन बॉयोकेमिलकल्स लिमिटेड में नौकरी की और फिर साल 1978 में इंडिया आकर बायोकॉन की शुरुआत की। उन्होंने बेंगलुरू के अपने किराए के घर से 10,000 रुपए के फंड्स शुरुआत की। शुरुआत में उन्हें फंड्स से लेकर टैलेंटेड कर्मचारियों की कमी सहित कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपनी सभी परेशानियों के लिए सॉल्युशंस निकाले। आज बायोकॉन देश की बड़ी कंपनियों की गिनती में शामिल है।

 

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दिलीप सांघवी

-इंडिया के अमीर लोगों में रैंकिंग – 9

-नेटवर्थ – 12. 1 अरब डॉलर

 

दिलीप सांघवी सन फार्मा के फाउंडर हैं। दिलीप सांघवी ने सन फार्मा को भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी बना दिया है। दिलीप सांघवी ने अपने सहयोगी प्रदीप घोष के साथ सन फार्मास्युटिकल्स की स्थापना की थी। गुजरात के अमरेली में पैदा हुए दिलीप सांघवी को 2016 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने सन फार्मा को बड़ी फार्मा कंपनी बनाने में काफी मेहनत की।

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