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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बाद अब अयोध्या में 800 करोड़ में बनेगी भगवान श्रीराम की मूर्ति

भगवान श्रीराम की इस मूर्ति को बनाने में लगभग 800 करोड़ का खर्चा आएगा।

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नई दिल्ली। गुजरात में बने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बाद अब उत्तर प्रदेश की सरकार अयोध्या में दुनिया की सबसे ऊंची मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की मूर्ति बनाने जा रही है। भगवान श्रीराम की इस मूर्ति को बनाने में लगभग 800 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इस मूर्ति की ऊंचाई लगभग 221 मीटर होगी जो कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से ज्यादा है। उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने वर्ष 2017 में ही इस प्रस्‍ताव की घोषणा की थी। हालांकि प्रतिमा का निर्माण जिस जगह पर होगा उस पर अंतिम निर्णय फिलहाल नहीं लिया गया है। इस संबंध में गत शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर बैठक ली। बैठक में अयोध्या में बनने वाली भगवान श्रीराम की भव्य मूर्ति के संबंध में चर्चा की गई। इस दौरान बाकायदा मूर्ति का मॉडल पेश किया गया। 

 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रसिद्ध मूर्तिकार रामसुतार के नाम पर दिखाई रूचि
अगर बात की जाए इस मूर्ति के निर्माण की तो इसमें स्टील, कंक्रीट और सीमेंट का इस्तेमाल किया जाएगा। मूर्ति के निर्माण के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रसिद्ध मूर्तिकार रामसुतार के नाम पर रूचि दिखाई है। रामसुतार ने इससे पहले स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बनाने  में भी अपना योगदान दिया था। गौरतलब है कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और इसके आसपास का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो ने किया था। 

 

2021-22 तक हो पाएगा मूर्ति का निर्माण
श्रीराम की इस सबसे ऊंची मूर्ति का निर्माण लखनऊ और अयोध्या को जोड़ने वाले बाईपास पर होगा। इसके अलावा सरकार ने अभी मूर्ति के डिजाइन और आर्किटेक्ट का चुनाव नहीं किया है। इस मूर्ति को बनने  में कितना समय लगेगा, इस बात का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है लेकिन इसकी औपचारिकताओं में लगभग सालभर का समय लगेगा। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि भगवान श्रीराम की इस मूर्ति का काम 2021-22 तक होगा। 

 

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सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाई गई दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue Of Unity) को दिग्गज निर्माण कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने देश की इंजीनियरिंग स्किल के प्रति ट्रिब्यूट बताया है। न सिर्फ यह दुनिया का सबसे ऊंचा स्टैच्यू हैबल्कि यह सबसे तेजी से तैयार होने वाली मूर्ति भी है। यह सिर्फ 33 महीने में बनकर तैयार हो गईजबकि चीन के स्प्रिंग टेंपल बुद्ध (Spring Temple Buddha) को तैयार होने में पूरे 11 साल लगे थे। इसकी ऊंचाई भी सिर्फ 153 मीटर हैजबकि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई 182 मीटर है। न्यूयॉर्क के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई भी इसकी महज आधी है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 2,989 करोड़ रुपए की लागत में बनकर तैयार हुआ है।

 

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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट थाजो कि 19700 वर्ग किलोमीटर में फैली एक परियोजना का हिस्सा है। इसमें करीब 17 किलोमीटर लंबी फूलों की घाटी भी शामिल है। स्टैच्यू के अंदर लिफ्ट भी लगाई गई है। पर्यटक लिफ् के जरिए सरदार पटेल के दिल तक पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही 153 मीटर लंबी गैलरी के जरिए लगभग 200 लोग एक साथ इस स्टैच्यू में से विंध्यांचल और सतपुड़ा पर्वत श्रृंखलाओं को देख सकते हैं। यहां से वह प्वाइंट भी नजर आएगा जहां मध्य प्रदेशगुजरात और महाराष्ट्र मिलते हैं।

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