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नहीं थी बाप-दादा की दौलत केवल दिमाग से कमा लिए अरबों, ऐसे है धरती के 5 टेक अमीर

अलग सोच और कुछ कर दिखाने के जज्बे ने दुनिया में कई ऐसे अरबपति बनें हैं, जो उन्होंने अपने दम पर मुकाम बनाया है।

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नई दिल्ली। अलग सोच और कुछ कर दिखाने के जज्बे से दुनिया में कई ऐसे अरबपति बनें हैं, जो उन्होंने अपने दम पर मुकाम बनाया है। यानी इन लोगों के पास बाप-दादा की दौलत नहीं थी, लेकिन फिर भी इन्होंने दुनिया में एक नया मुकाम बनाया है। आज हम आपको ऐसे ही टेक अरबपति के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने अलग सोच के दम एक नई पहचान बनाई है। बल्कि दुनिया को भी बदल कर रख दिया।

 

जेफ बेजोस, अमेजन चेयरमैन

 

नेटवर्थ – 13,030 करोड़ डॉलर

 

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी अमेजन के चेयरमैन जेफ बिजोस का जन्म मेक्सिको शहर में बाइक शॉप ओनर टेड जोरगेन्नसन के घर हुआ था। जेफ बिजोस की मां जैकलिन उस समय टीनेजर थी वह उस हाई स्कूल में पढ़ाई कर रहीं थी। इसी बीच उनकी मां जैकलिन और पिता का तलाक हो गया जिसके बाद उन्होंने क्यूबा के इमीग्रेंट माइक बिजोस से शादी कर ली। माइक बेजोस ने जेफ को गोद ले लिया। माइक एक्जॉन कंपनी में इंजीनियर का काम करते थे। जेफ के फ्यूचर को यहीं से दिशा मिली

 

अमेजन को किया शुरू 

 

जेफ बेजोस अब अमेरिकन टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योर और इन्वेस्टर हैं। उन्होंने अमेजन की शुरूआत साल 1994 में न्यूयॉर्क शहर में की थी। वह पहले एक बारटेंडर बनने का सपना देखते थे लेकिन बाद में वह ऑनलाइन रिटेल कारोबार में आए।

 

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बिल गेट्स, माइक्रोसॉफ्ट फाउंडर

 

नेटवर्थ – 9,220करोड़ डॉलर

 

बिल गेट्स का जन्म सिएटल में हुआ था और उनके पिता विलियम गेट्स एक वकील थे। उनकी मां मैरी मैक्सवेल गेट्स एक कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में शामिल थी। बिल गेट्स की एक छोटी और बड़ी बहन थी। उनकी फैमिली कंपिटिशन को प्रमोट करती थी यानी जब गेट्स स्विमिंग, बॉलिंग जैसे कांपिटिशन में जीतते थे तो उन्हें रिवार्ड मिलता था और हारने पर पेनल्टी।

 

 

हार्वर्ड में अपनी पढ़ाई के दौरान वह कंप्यूटर्स पर सबसे ज्यादा समय बिताते थे। गेट्स ने 1974 में हनीवेल कंपनी ज्वाइन की। उस समय इंटेल 8080सीपीयू कंप्यूटर आया जिसममें उन्हें मौका नजर आया। उन्होंने हावर्ड पढ़ाई बीच में छोड़कर बिजनेस शुरू कर दिया। उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

 

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मार्क जुकरबर्ग, फेसबुक चेयरमैन

 

नेटवर्थ – 7,300करोड़ डॉलर

 

 

मार्क जुकरबर्ग का जन्म साल 1984 में डेन्टिस्ट एडवर्ड और साइकैट्रिस्ट करेन के घर हुआ। वह घर में बहन रैंडी, डोना और एरियल के बाद सबसे छोटे बेटे थे। उनके माता पिता कारोबारी नहीं थे बावजूद मार्क जुकरबर्ग दुनिया के पांचवें सबसे अमीर कारोबारी हैं और उनकी नेटवर्थ 71 अरब डॉलर है। फेसबुक की शुरूआत उन्होंने हॉस्टल के छोटे से कमरे से की। साल 2002 में हार्वर्ड ज्वाइन करने के बाद में मार्क जुकरबर्ग की लाइफ में काफी बदलाव आए। उन्होंने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर फेसबुक की शुरूआत की। उन्होंने फेसबुक पर फोकस करने के लिए पढ़ाई बीच में छोड़ दी। मार्क जुकरबर्ग साल 2006 में 22 साल की उम्र में करोड़पति बन गए थे। एक साल में ही जुकरबर्ग अरबपतियों की गिनती में शामिल हो गए थे। वह दुनिया के सबसे अमीर लोगों की गिनती में शामिल है। उनके फेसबुक पर 2 अरब एक्टिव मंथली यूजर्स हैं।

 

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लैरी एलिसन, एक्जीक्यूटिव

 

चेयरमैन, ऑरेकल

 

नेटवर्थ – 5,750 करोड़ डॉलर

 

 

लैरी एलिसन ने ऑरेकल की शुरूआत 1977 में की थी। उनका जन्म अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हुआ था। लैरी के जन्म के समय उनकी मां की शादी नहीं हुई थी। उनके पिता एक इटैलियन थे जो यूनाइटेड स्टेट आर्मी एयर कॉर्प थे। लैरी एलिसन को 9 महीने की उम्र में निमोनिया हो गया था जिसके बाद उनकी मां ने उन्हें अपने अंकल और आंटी को गोद लेने के लिए दे दिया था। लैरी अपने बॉयोलिजिकल मां से कभी नहीं मिले थे लेकिन जब वह 48 साल के हुए तब अपनी मां से मिले थे। अपने बचपन की पेरशानियों के पीछे छोड़ टेक वर्ल्ड में लैरी ने अपनी एक अलग जगह बनाई है। उन्होंने अपनी कंपनी की शुरूआत घर के गैराज से की थी।

 

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लैरी पेज, गूगल को-फाउंडर

 

नेटवर्थ – 4,900 करोड़ डॉलर

 

 

लैरी पेज गूगल के को-फाउंडर और साल 2001 तक सीईओ भी रहे हैं। लैरी के पिता कार्ल विक्टर पेज ने कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की थी और उनकी मां ग्लोरिया कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में इंस्ट्रक्टर थी। लैरी पेज ने बताया कि उनका घर कंप्यूटर, साइंस और टेक्नोलॉजी बुक्स से भरा रहता था। उन्हें बचपन में किताबें पढ़ने का शौक वहीं से हुआ। उनके पास छह साल की उम्र में फर्स्ट जेनरेशन कंप्यूटर भी था। उन्हें वहीं से समझ आ गया था कि उन्हें कुछ खोजना है और इसलिए वह टेक्नोलॉजी वर्ल्ड के बिजनेस में आए। 12 साल की उम्र में उन्हें एहसास हो गया था कि उन्हें कंपनी खोलनी है।

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