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रक्षाबंधन पर मिठाइयों के दाम 10 फीसदी बढ़े, काजू बर्फी डिमांड में

इस साल रक्षाबंधन में मिठाई के दाम 10 से 15 फीसदी तक बढ़े हैं।

Rakshabandhan special sweets price increased in festive time

नई दिल्ली। रक्षाबंधन का त्योहार बिना मिठाई के डब्बे के कभी पूरा नहीं होता। इस साल मिठाई के दाम आपकी जेब पर असर जरूर डालने वाले हैं। इस साल रक्षाबंधन में मिठाई के दाम 10 से 15 फीसदी तक बढ़े हैं। कारोबारियों के मुताबिक रॉ मैटेरियल कॉस्ट बढ़ने और जीएसटी का असर मिठाईयों के दाम में नजर आ रहा है।

 

रॉ मैटेरियल कॉस्ट बढ़ी

 

कारोबारियों के मुताबिक रॉ मैटेरियल का प्राइस बढ़ने से मिठाईयों के दाम 20 से 30 रुपए प्रति किलो बढ़ें हैं। अब रॉ मैटेरियल कॉस्ट बढ़ने के कारण मिठाईयों के दाम में भी नजर आ रहा है। हीरा स्वीट्स के अधिकारी ने बताया कि अब ज्यादातर चॉकलेट और कन्फेक्शनरी प्रोडक्ट 18 फीसदी की केटेगरी में है। वैट के समय में ज्यादातर चॉकलेट और कन्फेक्शनरी प्रोडक्ट 12.5 फीसदी टैक्स स्लैब में थे। जीएसटी के बाद ये महंगे हुए है। जैसे पहले काजू बर्फी का एक किलो का डब्बा 570 से 600 रुपए तक आता था लेकिन अब 625 रुपए में मिल रहा है।

 

जीएसटी का भी है असर

 

कारोबारियों के मुताबिक जीएसटी आने के बाद से ड्राई फ्रूट के दाम बढ़ गए हैं जिसके कारण जिन मिठाईयों में ड्राई फ्रूट का इस्तेमाल ज्यादा होता है उनके दाम ज्यादा बढ़े हैं। बिकानेरवाला के अधिकारी ने बताया कि काजू बर्फी मिठाई का दाम बीते एक साल में 80 रुपए तक बढ़े हैं लेकिन त्योहार के कारण डिमांड बढ़ने से इसके दाम 30 से 40 रुपए तक बढ़ाएं हैं। कारोबारियों के मुताबिक वह रक्षाबंधन के दिन 100 किलो तक काजू बर्फी बेच देतें हैं जो कि औसतन 10 किलो तक रोजाना बिकती है।

 

कम समय में भी बन सकता है बड़ा फंड

 

अगर आप कम समय में जैसे 20 साल में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं तो आप 1,000 रुपए एसआईपी में निवेश शुरू करें और इसे हर साल 10 फीसदी बढ़ा सकते हैं। ऐसे में आप कम समय में बड़ा फंड बना सकते हैं।

 

निवेश जल्‍द शुरू करने का मिलता है फायदा


आप निवेश जितना जल्‍दी शुरू करेंगे आप के लिए यह उतना ही बेहतर होता है। निवेश जल्‍द करने पर आपके निवेश पर कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। आपके निवेश पर मिलने वाले रिटर्न पर आपको जो रिटर्न मिलता है उसे कंपाउंडिंग कहते हैं। बजाज कैपिटल के फाइनेंशियल प्‍लानिंग हेड सुशील का कहना है कि आम तौर पर 15 साल के बाद कंपाउंडिंग का फायदा आपके फंड पर बहुत तेजी से दिखता है। 
 

 

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