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अल्ट्रा रिच की दौलत संभालने के लिए छोड़ी नौकरी, अब स्वयं बन गए अरबपति

आइए जानते हैं कौन हैं निर्मल जैन और क्या है उनका बिजनेस..

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नई दिल्ली. नौकरी छोड़ अपना बिजनेस शुरू करने वाले लोगों की कहानी आपने अक्सर सुनी होगी। लेकिन क्या आपने कभी ये सुना है कि दूसरों की दौलत संभालने के लिए अपनी नौकरी छोड़ कोई अरबपति बना है। ऐसा हुआ है। दुनिया में तेजी से बढ़ती इंडियन इकोनॉमी के बीच निर्मल जैन देश के नए अरबपतियों कि गिनती में शामिल है। ब्लूमबर्ग इंडेक्स के मुताबिक मार्च में जैन की कुल नेटवर्थ 100 करोड़ डॉलर (7,125 करोड़ रुपए) थी। आइए जानते हैं कौन हैं निर्मल जैन और क्या है इनका बिजनेस...

 

कौन हैं निर्मल जैन

 

निर्मल जैन भारत की सबसे बड़ी फाइनेंसियल सर्विसेज कंपनी आईआईएफएल होल्डिंग्स लिमिटेड के प्रमोटर हैं। उनकी फर्म 2000 करोड़ डॉलर (1.42 लाख करोड़ रुपए) का प्राइवेट वेल्थ मैनेज करती है। आज आईआईएफएल होल्डिंग्स भारत की सबसे बड़ी फाइनेंसियल सर्विसेज कंपनी है। इसका मुख्य बिज़नस हाउसिंग फाइनेंस और नॉन बैंकिंग वेल्थ एसेट मैनेजमेंट, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, ब्रोकिंग, फाइनेंसियल प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन, इंस्टीटयुशनल इक्विटी, रियल्टी और प्रॉपर्टी एडवाइजरी सर्विसेज में है।

 

 

मोदी के फाइनेंशियल इंक्लूजन का मिला सपोर्ट

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए फाइनेंशियल इंक्लूजन प्रोग्राम से जैन को सपोर्ट मिला। इस प्रोग्राम से देश में बचत को बढ़ावा मिला। लोगों बैंकों के अलावा शेयर बाजार में निवेश करने का प्रोत्साहन मिला जिसका फायदा कंपनी ने उठाया। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 12 महीने में आईआईएफएल होल्डिंग्स का स्टॉक दोगुना से ज्यादा बढ़ा है जिसकी वजह से उनकी दौलत बढ़कर 100 करोड़ डॉलर हो गई।

 

आगे पढ़ें - पहले कहां करते थे नौकरी..

 

एचयूएल में करते थे नौकरी

 

1989 में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड एक कमोडिटी ट्रेडर के तौर पर शुरू की थी। 1995 में उन्होंने इक्विटी रिसर्च फर्म की नींव रखी जो इंडिया इंफोलाइन या आईआईएफएल ग्रुप से जाना जाता है। उन्होंने साल 2000 में देश की पहली ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट की शुरुआत की। बाद उन्होंने अपने बिजनेस को डाइवर्सिफाअइड किया और अब उनकी कंपनी लाइफ इंश्योरेंस एंड म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन, इक्विटीज और अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज देती है।

 

विदेश में भी फैला है कारोबार

 

आज उनकी कंपनी में 1300 कर्मचारी है और उनका ऑफिस स्विटजरलैंड से मॉरिशस में भी है। जैन ने फॉरेन इन्वेस्टर्स को अपनी कंपनी में शामिल किया है। टोरंटो बेस्ड इंश्यूरर फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग लिमिटेड की यूनिट आईआईएफएल की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर है।

 

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कोटक वेल्थ मैनजमेंट से निकले आगे

 

वेल्थ संभालने के मामले में जैन की आईआईएफएल ने कोटक वेल्थ मैनेजमेंट को पीछे छोड़ दिया है। 31 दिसंबर 2017 को समाप्त हुए क्वार्टर में आईआईएफएल का प्रॉफिट 32 फीसदी बढ़कर 236 करोड़ रुपए रहा, जबकि एसेट अंडर मैनेजमेंट बढ़कर 1.30 लाख करोड़ रुपए  को पार हो गया। वहीं जून 2017 तक कोटक का वेल्थ अंडर मैनेजमेंट 110500 करोड़ रुपए रहा। फिलहाल, आईआईएफएल वेल्थ 10,000 हाई या अल्ट्रा हाई अमीरों की दौलत संभालती है।

 

 

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