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अरबपति बाप पर भारी पड़ा बेटा, हजारों करोड़ के बिजनेस एम्पायर से धोना पड़ा हाथ

4,000 करोड़ की कंपनी रेमण्ड ग्रुप से पिता को किया बेदखल

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नई दिल्ली। रेमण्ड को खड़ा करने के पीछे जिस शख्स का हाथ था, आज उसी कंपनी ने उसे निकाल दिया। रेमण्ड को जमीन से आसमान की ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाले विजयपत सिंघानिया को उनके बेटे ने ही कंपनी से हटा दिया है। विजयपत सिंहानिया को एक लेटर भेज कर कहा गया है कि वह अब रेमण्ण ग्रुप के बोर्ड मेंबर नहीं रहे। विजयपत सिंहानिया पहले ही अपने बेटे गौतम सिंघानिया पर घर से निकालने का आरोप लगा चुके हैं और इसे लेकर दोनों का केस कोर्ट में चल रहा है।

 

बेटे ने पिता को अवकाशप्राप्त चेयरमैन के पद से भी हटाया

 

विजयपत सिंहानिया और उनके बेटे गौतम सिंघानिया के बीच पारिवारिक लड़ाई गहरी और लंबी खींच रही है। गौतम ने अपने पिता से रेमण्ड ग्रुप के अवकाशप्राप्त चेयरमैन के पद से भी हटा दिया है। विजयपत सिंहानिया ने उन्हें बोर्ड मीटिंग में नहीं बुलाए जाने को लेकर कंपनी सेक्रेटरी और बोर्ड से कई बार शिकायत की। इन शिकायतों के कारण गौतम ने अफने पिता विजयपत सिंहानिया को अवकाशप्राप्त चेयरमैन के पद से भी हटा दिया।

 

पिता ने लगाए प्रॉपर्टी से निकालने का आरोप

 

विजयपत सिंघानिया का आरोप है कि जेके हाउस के एक डुप्लेक्स में उन्हें पजेशन नहीं दिया गया। इस पर गौतम सिंघानिया पहले कह चुके हैं कि ऑडिट कमेटी और रेमंड के बोर्ड ने प्रॉपर्टी से जुड़े प्रस्ताव को शेयरधारकों की मंजूरी के लिए भेजा था। लेकिन शेयरधारकों ने प्रस्ताव नामंजूर कर दिया। उनका कहना था कि शेयरधारकों के हित परिवार के हित से बड़े हैं इसलिए उन्होंने शेयरधारकों के फैसले का पालन किया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने रेमंड लिमिटेड के चेयरमैन एवं एमडी गौतम सिंघानिया और उनके पिता विजयपत सिंघानिया से सौहार्दपूर्ण तरीके से प्रॉपर्टी विवाद सुलझाने को कहा है।

 

आगे पढ़ें - पिता के पास घर नहीं लेकिन बेटा के पास हैं प्राइवेट जेट

रेमण्ड को नए लेवल पर ले जाने के पीछे विजयपत का हाथ

 

सिंघानिया परिवार ने साल 1925 में ठाणे में रेमण्ड वुलन मिल की शुरुआत की। साल 1944 में लाला कैलाशपत सिंघानिया ने रेमण्ड मिल की कमांड संभाली। तब वह वुलन कंबल और वुलन फैबरिक बनाते थे लेकिन वह बाद में फैबरिक बनाने लगे। साल 1980 में कैलाशपत सिंघानिया के बेटे विजयपत सिंघानिया ने कंपनी की बागडोर संभाली। उनके समय में कंपनी पॉलिस्टर यार्न, डेनिम, कोल्ड रोल स्टील बनाने लगी। गौतम सिंघानिया 1990 में रेमण्ड ग्रुप के डायरेक्टर बने।

 

बाप के पास घर नहीं, बेटा के पास है महंगे जेट

 

विजयपत सिंघानिया का आरोप है कि उनके बेटे ने उन्हें घर से निकाल दिया है। पिता को कारोबार और घर से बेदखल करने वाले रेमण्ड ग्रुप के एमडी और चेयरमैन गौतम सिंघानिया फार्म हाउस में पार्टी करते हैं और उनके पास कई मंहगी कार और जेट हैं।

 

 

आगे पढ़ें - गौतम सिंघानिया के लाइफस्टाइल के बारे में..

गौतम सिंघानिया का लाइफस्टाइल

 

- रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया के पास बॉम्बार्डियर चैलेंजर 600 लग्जरी बिजनेस जेट है। इसकी कीमत करीब 143 करोड़ रुपए है। इसका इंटीरियर उन्होंने स्वयं डिजाइन किया है। इसके अलावा उनके पास 3 शानदार हेलिकॉप्टर भी हैं।

 

- गौतम सिंघानिया का घर मुकेश अंबानी के घर एंटीलया से भी ऊंचा बना है। गौतम सिंघानिया का जेके हाउस मुंबई के ब्रीचकैंडी पर स्थित है। यह देश का दूसरा सबसे ऊंचा बंगला बताया जाता है। उनके इस घर में 37 फ्लोर है।

 

- गौतम बचपन से ही कारों के लिए क्रेजी रहे हैं। इसी बात को समझते हुए उनके पिता ने उनके 18वें जन्मदिन पर उन्हें प्रीमियर पद्मिनी 1100 कार गिफ्ट की थी।

 

- गौतम सिंघानिया के लग्जरी कार कलेक्शन में फरारी 458, लोटस एलिस, होन्डा एस 2000 और लेम्बोर्गिनी जैसी कारें शामिल हैं। इसके अलावा भी उनके पास कई लग्जरी कारें हैं।

 

- वे मोटर-कार रेस इवेंट्स के लिए स्पेशल कारें जो भारत में नहीं अवेलेबल होती हैं, उन्हें भी खासतौर पर विदेशों से मंगवाते हैं। रेसिंग का उन्हें काफी शौक है।

 

 

 

 

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