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RIL देश की सबसे ज्‍यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी, PSU में इंडियन ऑयल टॉप पर

रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) वित्‍त वर्ष 2018 में देश की सबसे ज्‍यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी रही।

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नई दिल्‍ली. मुकेश अंबानी के नेतृत्‍व वाली रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) वित्‍त वर्ष 2018 में देश की सबसे ज्‍यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी रही। आरआईएल लगातार तीसरे साल सबसे अधिक प्रॉफिटेबल कंपनी रही। उसने 2017-18 में 36,075 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। वहीं, सरकारी कंपनियों में इंडियन ऑयल (आईओसी) ने सबसे ज्‍यादा मुनाफा कमाया। आईओसी लगातार दूसरे साल ओएनजीसी को पीछे छोड़कर यह रुतबा हासिल किया। 

 

 

IOC को सब्सिडी देने की तैयारी पर उठे सवाल 
31 मार्च 2018 को समाप्‍त हुए वित्‍त वर्ष में इंडियन ऑयल ने 21,346 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड शुद्ध मुनाफा कमाया। यह इससे पिछले वित्‍त वर्ष के 19,106 करोड़ रुपए के शुद्ध लाभ से 12 फीसदी अधिक रहा। आईओसी के रिकॉर्ड मुनाफे के बाद पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम के बीच ओएनजीसी जैसी ऑयल एक्‍सप्‍लोरर कंपनियों की तरफ से रिटेलर्स को सब्सिडी दिलाने पर सवाल उठने लगे हैं। ओएनजीसी ने वित्‍त वर्ष 2018 में 19,945 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। य‍ह इससे पिछले वित्‍त वर्ष की तुलना में 11.4 फीसदी ज्‍यादा है। 

 

RIL लगातार तीसरे साल टॉप पर 
मुकेश अंबानी की आरआईएल लगातार तीसरे साल देश की सबसे ज्‍यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी रही। आरआईएल ने बीते वित्‍त वर्ष में 36,075 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया। वहीं, दूसरी सबसे प्रॉफिटेबल कंपनी टाटा कंसल्‍टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) रही। टीसीएस ने वित्‍त वर्ष 2017-18 में 25,880 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया। 

 

सबसे लंबे समय तक ONGC का रहा रुतबा 
सरकारी कंपनी ओएनजीसी सबसे लंबे समय तक देश की सबसे ज्‍यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी रही। लेकिन तीन साल पहले वह रिलायंस इंडस्‍ट्रीज और टीसीएस से पिछड़ गई। एक वक्‍त ओएनजीसी का शुद्ध लाभ तीनों सरकारी तेल कंपनियों आईओसी, एचपीसीएल और बीपीसीएल के कुल नेट प्रॉफिट से ज्‍यादा अधिक था लेकिन अब वह आईओसी से पीछे है। बीते वित्‍त वर्ष हिंदुस्‍तान पेट्रोलियम कार्प लिमिटेड (एचपीसीएल) का शुद्ध लाभ 6,357 करोड़ रुपए रहा, जबकि टर्नओवर 2.43 लाख करोड़ रहा। वहीं, भारत पेट्रोलियम कार्प लिमिटेड (बीपीसीएल) का नेट प्रॅफिट 7,919 करोड़ रुपए रहा। 

 

तेल रिटेलर्स को सब्सिडी सपोर्ट की जरूरत नहीं 
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों आईओसी, एचपीसीएल और बीपीसीएल के लगातार हो रहे मुनाफे को देखते हुए ओएनजीसी से इन्‍हें सब्सिडी देने के लिए कहना तर्कसंगत नहीं है। ओएनजीसी के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने कहा, ''इनके मुनाफे को देखिए। उन्‍हें किसी सब्सिडी सपोर्ट की जरूरत नहीं है। हम तेल और गैस की उत्‍खनन और उत्‍पादन ( ईएंडपी) करने के बिजनेस में है, जिसमें भारी कैपिटल की जरूरत होती है। हम रिफाइनरी तरह हम जोखिम भरे ईएंडपी बिजनेस के लिए लोन नहीं ले सकते हैं।''

 

आगे पढ़ें... सब्सिडी पर ओएनजीसी ने और क्‍या कहा... 

सब्सिडी देने से ONGC से बिजनेस पर होगा असर 

ओएनजीसी सालाना 30 हजार से 35 हजार करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। यदि उसे रियायती दर पर फ्यूल देने के लिए कहा जाएगा तो इसे आगे बनाए नहीं रखा जा सकता है। अपस्‍ट्रीम ऑयल प्रोड्यूसर्स ओएनजीसी और ऑयल इंडिया लिमिटेड ने जून 2015 तक सालाना फ्यूल सब्सिडी बिल की 40 फीसदी तक रकम दी थी। 

 

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