बिज़नेस न्यूज़ » Industry » Companiesपैसे कमाने से रोकती हैं 5 आदतें, खुद अमीरों ने किताब में खोले राज

पैसे कमाने से रोकती हैं 5 आदतें, खुद अमीरों ने किताब में खोले राज

इंक डॉट कॉम की एक रिपोर्ट में है जिक्र, किताब 'वेल्‍थ कांट वेट' है रिपोर्ट का आधार

1 of

नई दिल्‍ली. हर कोई चाहता है कि उसके पास ढेर सारे पैसे हों और वह उन्‍हें अपनी मर्जी से खर्च कर सके। लेकिन कई बार हमारी कोशिशों पर कुछ अनजान वजह या गलतियां पानी फेर देती हैं। इन ग‍लतियों के चलते हाथ आया मौका भी निकल जाता है। इंक डॉट कॉम की एक रिपोर्ट में ऐसी ही 5 वजहों का जिक्र है। 

 

इंक डॉट कॉम की यह रिपोर्ट एंटरप्रेन्‍योर, रियल एस्‍टेट इन्‍वेस्‍टर्स और सेल्‍फ मेड मिलियेनियर्स डेविड ओसबॉर्न और पॉल मोरिस की नई किताब वेल्‍थ कांट वेट पर है। ओसबॉर्न अमेरिका की केलर विलियम्‍स रियल्‍टी के ऑपरेटिंग पार्टनर और प्राइवेट इक्विटी ग्रुप अलाइन कैपिटल में मैनेजिंग पार्टनर हैं, वहीं मॉरिस केलर विलियम्‍स फ्रेंचाइजी के CEO हैं। आइए बताते हैं कि इन दोनों एंटरप्रेन्‍योर्स ने अपनी किताब में किन चीजों को अमीरी की राह का रोड़ा माना है-  

 

जोखिम न लेना

अगर आप वाकई में अमीरी की ओर बढ़ना चाहते हैं तो आपको अपने कंफर्ट जोन से निकलकर रिस्‍क लेना ही पड़ेगा। अपनी रुचि और शुरुआत से जो करते आ रहे हैं, उसी काम में बने रहना काफी आसान होता है लेकिन सफलता की राह आसान नहीं होती, इसके लिए आपको कभी-कभी दांव खेलना ही पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने स्किल्‍स का इस्‍तेमाल कर अपने कंफर्ट जोन के बाहर भी रुचि विकसित करें और जोखिम लें। 

 

अमीरी को नकारात्‍मक रूप से लेना

पैसों को लेकर हर किसी की सोच अलग होती है। कई लोग बहुत ज्‍यादा पैसा होना जरूरी मानते हैं तो कई अमीरी को सिरदर्दी समझते हैं। साथ ही कुछ लोग इसे लालच और भ्रष्‍टाचार का प्रतीक भी मानते हैं। ये नकारात्‍मक सोच ज्‍यादा पैसा कमाने में बड़ी रुकावट है। 

 

हार मान लेना

अमीरी की राह आसान नहीं है, आपके सामने कई चुनौतियां और असफलताएं आ सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि हार मानकर हताश न हों। जब असफलता मिलती है तो साथ में कोई न कोई सीख भी मिलती है। हो सकता है कि आपने कोई चूक की हो या फिर कोशिश गलत वक्‍त या दिशा में की गई हो। इसलिए अपनी असफलताओं का विश्‍लेषण करें और नए जोश और हिम्‍मत के साथ फिर से कोशिश करें। 

 

आगे पढ़ें- खुद को हरदम बेचारा मानना

खुद को शिकार और बेचारा मानना

जिंदगी में बुरी परिस्थितियां सबके सामने आती हैं लेकिन उनका डटकर सामना करना जरूरी है। खुद को हमेशा हालात का शिकार या बेचारा मान लेने की आदत आपके कॉन्फिडेंस को कम करती हैं। इसके अलावा जब आप हर चीज में खुद को बेचारा मानते हैं तो आप दूसरों पर दोष डालने लगते हैं। कामयाबी के लिए जरूरी है कि खराब वक्‍त को पीछे छोड़ पॉजिटिव सोच के साथ आगे बढ़ा जाए 

 

आगे पढ़ें- मुझे सब पता है वाली सोच है नुकसानदेह 

मुझे सब पता है वाली सोच

ओसबॉर्न और मॉरिस ने स्‍टीफन हॉकिंग के एक कोट का जिक्र किया है। उस कोर्ट में हॉकिंग ने कहा है कि ज्ञान (नॉलेज) का सबसे बड़ा दुश्‍मन अज्ञानता नहीं, बल्कि ज्ञान होने का भ्रम है। इसका अर्थ है कि भले ही आपको कितनी भी नॉलेज क्‍यों न हो सीखने की गुंजाइश हमेशा रहती है। इसलिए सीखना कभी न छोड़ें। जब इन्‍सान यह सोच लेता है कि अब उसने सब सीख लिया, उसे सब पता है और अब कोई भी उसे कुछ सिखा नहीं सकता या सीखने के लिए कुछ नहीं बचा तो यहीं से उसकी ग्रोथ रुक जाती है। उसके बाद वह आगे तरक्‍की के बजाय पिछड़ने लगता है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट