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देखिए जहांगीर की वाइन कप और पटियाला महारानी का चोकेर सेट, कतर की रॉयल फैमिली कर रही है नुमाइश

मुगल बादशाह जहांगीर किस कप में शराब पीता था, या फिर पटियाला की महारानी का चोकेर सेट कैसा था, ये सब अगर देखना चाहते हैं,

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नई दिल्ली। मुगल बादशाह जहांगीर किस कप में शराब पीता था, या फिर पटियाला की महारानी का चोकेर सेट कैसा था, ये सब अगर देखना चाहते हैं, तो उनकी नुमाइश लगी हुई है। कतर की रॉयल फैमिली जिसके पास भारतीय राजाओं और बादशाहों के ज्वैलरी और खास तरह के बर्तन हैं, उसकी नुमाइश कर रहे हैं। ये प्रदर्शनी चीन के बीजिंग शहर में लगाई गई है। हम आपको उन आभूषणों की खास तस्वीर दिखा रहे हैं, जो प्रदर्शनी में रखी गई हैं। ये सारे कलेक्शन प्रदर्शनी कतर की रॉयल फैमिली द्वारा चलाई जा रही वेबसाइट अल थानी से लिए गए हैं। इस प्रदर्शनी में भारत की 270 से ज्यादा बहुमूल्य रत्न और आभूषण का कलेक्शन रखा गया है।

 

 

ये है कतर की रॉयल फैमिली

 

 

हमद बिन खलीफा अल थानी कतर की रॉयल फैमिली के रूलिंग मेंबर रहे है। उन्होंने कतर में 1995 से 2013 में शासन किया है। कतर की सरकार उन्हें 'हिस हाइनेस द फादर अमीर' कहती है। कतर की रॉयल फैमिली की अल थानी कलेक्शन नाम से वेबसाइट है जहां वह महंगी और बहुमूल्य ज्वैलरी कलेक्शन के डिस्प्ले के बारे में जानकारी देते हैं।

 

पटियाला की महारानी का चोकेर सेट

 

पटियाला की महारानी का चोकेर सेट जिसमें रूबी, मोती और डायमंड लगे हुए हैं। ये सेट साल 1931 में कार्टियर ने बनाया था। चोकेर सेट महाराजा भूपिंदर सिंह ने ऑर्डर किया था। उस चोकेर सेट का बस सबसे छोटा पार्ट ही बचा है। महाराजा भूपिंदर नें कार्टियर से कई सेट अपने ऑर्डर किए थे।

 

आगे देखें - जहांगीर का वाइन कप

 

जहांगीर का वाइन कप

 

जहांगीर संगमरमर के बने कप में वाइन पीते थे। इस वाइन कप पर कैलीग्राफी की गई है। ये कप1607 से 1608 के बीच बना है। ये जहांगीर का पर्सनल कप था। इस कप पर 17वीं सेंचुरी की कविताएं लिखी हुई है।

 

आगे देखें - शाहजहां की स्पाइनेल अंगूठी

 

शाहजहां की स्पाइनेल अंगूठी

 

 

स्पाइनेल मैग्नीशियम एलूमिनियम मिनरल्स ग्रुप का खनिज है। स्पाइनेल रिंग पर 1643 की डेट है और इस पर 'साहिब किरण आई थानी' लिखा हुआ है। ऐसा कहा जाता है कि यह टाइटल शाहजहां ने अपने आप को दिया है। स्पाइनेल खनिज की ही शाहजहां की पर्सनल सील हुआ करती थी।

 

आगे देखें - मोती से बना मानव आकार का पेडेंट

मोती से बना मानव आकार का पेडेंट

 

मोती के आसपास एक इंसान का मॉडल पेंडेंट है। ऐसा माना जाता है कि यह इंडिया में ट्रेड के दौरान आया। ये कुंदन में बना हुआ है। ये 16वीं सेंचुरी के इटैलियन प्रोटोटाइप्स का बना हुआ है। ये पेंडेंट 1575 से 1625 में बनाया गया है। ये मुगल के वेस्टर्न आर्ट को दिखाता है। इसमें गोल्ड, डायमंड, एमरेल्ड, सफायर, ग्लास, मोती और लाख का इस्तेमाल किया गया है।

 

आगे देखें - टाइगर आई टरबन आभूषण

 

टाइगर आई टरबन आभूषण

 

 

साल 1934 में नवनगढ़ के महाराजा रंजीतसिंह के पास व्हिस्की कलर का डायमंड था, जो उन्होंने अपनी पगड़ी में लगाया हुआ था। ये डायमंड 61.50 कैरेट का था। ये डायमंड कार्टियर ने महाराजा रंजीतसिंह को बेचा था जिसे बाद में उनके उत्तराधिकारी महाराज दिग्विजय सिंह टर्बन पीस में लगवाया था।

 

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मोर के आकार का आभूषण

 

पेरिस के ज्वैलर मेल्लेरियो डिट्स मेल्लर ने कपूरथला के महाराजा जगजीत सिंह के लिए मोर के आकार की ज्वैलरी बनाई थी। उन्होंने अपने कोर्ट और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्पेशल ज्वैलरी पीस बनाए थे। ये ज्वैलरी पीस मोर के आकार के है इसमें गोल्ड, डायमंड और इनैमल का इस्तेमाल किया गया है। ये पीस महाराजा की पांचवी रानी प्रेम कौर के पोर्टरेट में नजर आता है।

 

 

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