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ये प्रोडक्ट पहले मिलते थे फ्री, लेकिन अब चुकाने पड़ते हैं पैसे

कई प्रोडक्ट और सर्विस पहले फ्री मिलती थी लेकिन बढ़ते कंपिटिशन ने इन्हें फ्री नहीं रहने दिया।

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नई दिल्ली। समय के साथ सर्विस और प्रोडक्ट दोनों बदलते हैं। कई ऐसे प्रोडक्ट और सर्विस पहले फ्री मिलती थी लेकिन बढ़ते कंपिटिशन ने इन प्रोडक्ट को फ्री नहीं रहने दिया। यहां हम आपको ऐसे प्रोडक्ट और सर्विस के बारे में बता रहे हैं जो अब फ्री नहीं मिलती। उनके लिए अब पैसे चुकाने पड़ते हैं।

 

कैरी बैग

 

पहले किसी भी स्टोर में सामान खरीदने पर कैरी बैग फ्री मिलता था लेकिन अब ऐसा नहीं होता। ज्यादातर सभी स्टोर में आपको कैरी बैग के लिए अलग से पे करना पड़ता है। ये एक समय में जब प्लास्टिक बैग पर बैन नहीं था, तब ये फ्री मिलते थे।

 

रेस्टोरेंट में पानी के लिए चुकाने पड़ते हैं पैसे

 

अगर आप रेस्टोरेंट में रेगुलर ग्लास ऑफ वाटर लेते हैं तो उसके लिए आपको पैसा नहीं चुकाना होगा। लेकिन अब आपको कई रेस्टोरेंट में बताना पड़ता है कि आपको रेगुलर वाटर चाहिए, नहीं तो वह मिनरल वाटर की बोतल का पानी सर्व कर देंगे और आपके बिल में एड हो जाएगा।

 

आगे पढ़े - किन प्रोडक्ट के लिए चुकाने पड़ते हैं पैसे..

एयर लाइन्स में खाना

 

एयरफेयर जरूर कम हो गया है लेकिन बेहतर होगा कि आप एयरलाइंस कंपनी के शर्ते पहले जान लें नहीं तो आप बेफकुफ बन सकते हैं। अगर आपकी कम पैसे में टिकट हुई है तो इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि बाकी सर्विस के लिए आपको पैसे नहीं चुकाने होंगे। एयरलाइंस में पहले काफी सारी सर्विस फ्री होती थी लेकिन अब आपको उनके लिए पैसे चुकाने पड़ते हैं। आपको लो-एयर फेयर एयरलाइंस में चेकइन बैग, ऑनबोर्ड स्नैक्स, बेवरेज, मील्स, अपनी पसंद की सीट लेने के लिए पैसे चुकाने पड़ते हैं जो पहले फ्री थी। अगर आपका फेयर कम है तो भी इन सर्विस के चार्ज आपके सफर को महंगा कर देंगे।

 

होटल सर्विस

 

एयरलाइंस की तरह होटल भी कई सर्विस के लिए एक्सट्रा चार्ज करते हैं। उनके बिल को अगर आप ध्यान से पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि फ्री सर्विस सही मायने में फ्री नहीं होती। होटल रिजॉर्ट फीस के नाम पर एक्स्ट्रा चार्ज करने लगे हैं। इसमें पूल, जिम और कॉम्पिलिमेंटरी न्यूजपेपर, मिनी फ्रिज जैसी सर्विस शामिल है।

 

आगे पढ़े - किन प्रोडक्ट के लिए चुकाने पड़ते हैं पैसे..

बैंक सर्विस

 

पहले एटीएम से कैश निकालने पर कोई भी चार्ज नहीं देना पड़ता था और एक लिमिट तक कैश कई बार निकाल सकते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होता। अब दूसरे बैंक के एटीएम से 3 बार के बाद पैसा निकालने पर चार्ज देना पड़ता है।

 

ऑनलाइन न्यूजपेपर

 

 

अभी तक ज्यादातर सभी अपने पब्लिकेशन अपने डिजीटल कंटेंट रीडर्स को फ्री में पढ़वाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। इंडिया में कुछ पब्लिकेशन इंटरनेट कंटेट के लिए सब्सक्रिप्शन फीस लेते हैं। ये प्रेक्टिस विदेशों में ज्यादा है लेकिन अब इंडिया में भी यह ट्रेड प्रेक्टिस शुरू हो गई है।

 

 

 

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