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12 दिसंबर से बेकार हो जाएंगी ऐसी चेक बुक, SBI के कस्टमर हो जाएं अलर्ट

पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा में 1 जनवरी से लागू होगा बदलाव

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नई दिल्ली। आप भी अगर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कस्टमर हैं तो यह खबर आपके लिए काफी जरूरी है। आप भी अगर बिना सीटीएस वाले चेक का इस्तेमाल कर रहे हैं तो अपनी चेकबुक को जल्दी ही बदल लें। एसबीआई ने हाल ही में कहा है कि वह 12 दिसंबर से कस्टमर्स के बिना सीटीएस वाले  चेक स्वीकार नहीं करेगा। इसके लिए कस्टमर्स को अपनी नॉन सीटीएस वाली चेकबुक बदलनी होगी जिसके बदले उन्हें नई सीटीएस चेक बैंक की ओर से फ्री में दिए जाएंगे। लगभग तीन महीने पहले, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गैर-सीटीएस चेक के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे, जिसमें कहा गया था कि इन्हें 1 जनवरी से स्वीकार नहीं किया जाएगा।

12 दिसंबर के बाद एसबीआई के कस्टमर्स के केवल CTS चेक ही क्लीयर होंगे। वहीं, दूसरे सरकारी और निजी बैंकों में यह नियम 1 जनवरी 2019 से लागू होगा। आरबीआई की गाइडलाइंस के चलते सभी बैंक अपने ग्राहकों से चेकबुक बदलवाने के लिए अनुरोध कर रहे हैं। एसबीआई लगातार अपने बैंकिंग सिस्टम में बदलाव कर रही है जिसकी वजह से बीते कुछ दिनों में बैंक ने अपनी की सेवाओं को बंद कर दिया है। 

 

क्या होता है CTS
CTS का मतलब होता है चेक ट्रांजेक्शन सिस्टम। इसके तहत चेक की एक इलेक्ट्रॉनिक तस्वीर कैप्चर हो जाती है जिससे फिजिकल चेक को एक बैंक से दूसरे बैंक में भेजने की कोई जरूरत नहीं होती। इस सिस्टम में ग्राहकों का काम जल्दी हो जाता है। यह प्रभावी ढंग से चेक के एक जगह से दूसरी जगह जाने में लगने वाली कॉस्ट को खत्म करता है, उनके कलेक्शन में लगने वाले समय को कम करता है और चेक प्रोसेसिंग की पूरी प्रक्रिया को बेहतर बनाता है।

 

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PNB भी नहीं करेगा 1 जनवरी से नॉन सीटीएस चेक को स्वीकार 
एसबीआई की देखादेखी पंजाब नेशनल बैंक ने भी अपने ग्राहकों से नॉन सीटीएस चेक बुक बदलवाकर नई चेकबुक लेने का अनुरोध किया है। बैंक ने निर्देश जारी कर कहा है कि वह 1 जनवरी से  नॉन सीटीएस चेक को स्वीकार नहीं करेगा। पीएनबी ने कहा बहा कि नॉन सीटीएस सुविधा का चेक 1 जनवरी 2019 से क्लीयरेंस के लिए नहीं लिया जाएगा। बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक, यूको बैंक, कॉरपोरेशन बैंक सहित अन्य बैंकों ने भी 30 दिसबंर से पहले चेक बदलने की सूचना अपने बैंकों को दी है। 

 

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नॉन सीटीएस चेक बंद करने के पीछे ये है वजह
बैंकों की ओर से नॉन सीटीएस चेक बंद करने के पीछे अहम कारण यह है कि नॉन सीटीएस चेक को कंप्यूटर रीड नहीं कर पाता। जिसके वजह से इन्हें फिजिकली एक ब्रांच से दूसरी ब्रांच में भेजा जाता है। यही कारण है कि चेक को ड्रॉप-बॉक्स में लगाने के बाद इसकी क्लीयरेंस में ज्यादा समय लगता है।

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