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लोग इस भारतीय को कहते हैं ‘चीन का दामाद’, जानिए क्या है कहानी..

चाइनीज बिजनेसवुमन तिआन्फू से शादी करने के बाद बदली किस्मत

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नई दिल्ली। आप उस भारतीय को क्या कहेंगे, जिसने चीन जैसी कम्युनिस्ट कंट्री में 90 के दशक में कारोबार में नाम कमाया। चीन में नौकरी के अनुभवों का सांगिक रॉय ने अपने कारोबार में इस्तेमाल किया। अब वह चीन के सबसे सफल भारतीय कारोबारी माने जाते हैं। वह 2,700 करोड़ रुपए के टेक्सटाइल, टायर ग्रुप योंगटोंग के मालिक हैं। उनकी किस्मत चाइनीज बिजनेसवुमन तिआन्फू से शादी करने के बाद बदली। आज चीन का बिजनेस सर्किल उन्हें ‘चीन का दामाद’ कहता है।

 

1,300 रुपए जेब में लेकर चीन गए थे सांगिक रॉय

 

80 के दशक की शुरूआत में 16 साल की उम्र में जब सांगिक रॉय बीजिंग लिए प्लेन में बैठे थे, तो उनकी जेब में सिर्फ 1,300 रुपए थे। वह स्कॉलरशिप पर चीन की बीजिंग लैंग्वेज एंड कल्चर यूनिवर्सिटी में पढ़ने गए थे। उन्होंने विश्व भारती से ग्रेजुएशन किया था। वह चीन में स्कॉलर के तौर पर कुछ बड़ा करना चाहते थे। उनके पिता एक टीचर और मार्क्सवादी थे।

 

 

चीन में की ऑफिस मैनेजर की नौकरी

 

सांगिक रॉय के पिता एक टीचर थे। उनका परिवार पश्चिम बंगाल में मिडिल क्लास फैमिली थी। अपनी एजुकेशन चीन में खत्म होने के बाद भारत लौटने की जगह राय ने चीन में ही काम करने के बारे में सोचा। वह एक चाइनीज कंपनी सीनोफाइल इंफॉरमेशन सर्विस लिमिटेड में ऑफिस मैनेजर के तौर पर नौकरी करने लगे।

 

चीनी के लोगों से सीखा उनकी तरह काम करने का तरीका

 

नौकरी करने के दौरान उन्होंने अमेरिकी सोर्सिंग कंपनी में भी काम किया, जहां उन्होंने चीन में खरीदने और बेचने के गुर सीखे। सांगिक रॉय ने कहा कि चीन में इंटरप्रेटेटर और मिडिलमैन के जरिए आप कारोबार में बहुत आगे नहीं जा सकते। चीन में हॉर्वर्ड स्टाइल बिनजेस काम नहीं कर सकता। रॉय के मुताबिक, चीन में कंपनियों के फाइनल डिसीजन लेने वाले अधिकारियों को ढूंढना काफी मुश्किल काम है। यही कारण है कि सांगिक रॉय को अपना पहला बड़ा ऑर्डर मिलने में 6 साल का समय लगा।

 

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कोरियन ने दिया आइडिया

 

सांगिक रॉय ने कहा कि कोरिया ने चीन में कारोबार करने के लिए हजारों की संख्या में मिडिल लेवल मैनेजर भेजे। हालांकि, वह यहां बिजनेस नहीं कर पाए। उनका फोकस यहां की भाषा और कल्चर सीखने पर रहा। इससे कोरियन कंपनियों को चीन में काफी मदद मिली।

 

कितना बड़ा है सांगिक रॉय का कारोबार

 

सांगिक रॉय ने कहा कि उन्होंने कभी भी बिजनेस करने के बारे में नहीं सोचा था। लेकिन अब वह चीन में सबसे सफल भारतीय कारोबारी हैं। वह योंगटोंग ग्रुप के इकलौते इंडियन डायरेक्टर हैं। योंगटोंग ग्रुप की 33 टेक्सटाइल यूनिट हैं। ग्रुप ने मिनरल्स और टायर में भी इन्वेस्ट किया हुआ है। योंगटोंग ग्रुप में सांगिक रॉय, उनकी चाइनीज पत्नी, रॉय के सास-ससुर और उनके दोस्तों की हिस्सेदारी है।

 

आगे पढ़ें - कैसे चाइनीज बिजनेसवुमन से शादी करने से बदली किस्मत

शादी ने बदली किस्मत

 

सांगिक रॉय को अपना पहला बड़ा ऑर्डर चाइनीज स्टील प्लांट के लिए करीब 7 करोड़ रुपए का आयरन-ओर पारादीप से इंपोर्ट करने का मिला था। इस बीच सांगिक रॉय की मुलाकात चाइनीज कारोबारी तिआन्फू से हुई और एक साल बाद उन्होंनें तिआन्फू से शादी कर ली। शादी के बाद उन्हें कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा। उन्हें ऐेसी और डील्स मिलने लगी।

 

चीन के बाद भारत में भी किया इन्वेस्ट

 

साल 2008 में सांगिक रॉय की हिस्सेदारी वाली कंपनी टक्यको लिमिटेड (Txyco Ltd) और कोलकाता की कंपनी ग्लोबल बाइनरी कॉन्सेप्ट के साथ ज्वाइंट वेंचर किया। उन्होंने इस जेवी में 72 करोड़ रुपए इन्वेस्ट किए थे। ये दोनों मिलकर कंप्यूटर हार्डवेयर मैन्युफैक्चर करने लगे। कंपनी ने साल 2008 में कंपनी ने प्रोडक्शन शुरू कर दिया था।

 

 

लोग क्यूं कहते हैं उन्हें ‘चीन का दामाद’

 

सांगिक रॉय कहते हैं कि तिआन्फू से शादी करने के बाद चीन के लोग उन्हें चाइनीज ही मानने लगे। चीन के लोग भूल गए हैं कि वह विदेशी हैं। कुछ समय बाद उन्हें चाइनीज बिजनेस सर्कल में ‘चाइना का दामाद’ कहा जाने लगा। अब वह चीन में सबसे सफल भारतीय कारोबारी माने जाते हैं। वह क्यिाटे योंगटॉन्ग कंपनी लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। वह 2,700 करोड़ रुपए का योंगटोंग ग्रुप चलाते हैं।

 

सांगिक रॉय का घर

 

बीजिंग में उनके घर में चाइनीज और भारतीय कल्चर की छाप साफ नजर आती है। उनके घर में चाइनीज और भारतीय हैंडीक्राफ्ट दोनों का मिश्रण है।

 

 

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