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ये हैं मार्क जुकरबर्ग की बहन, एक बात पर तोड़ दिया फेसबुक से रिश्ता

मार्क जुकरबर्ग उन्हें रैंडी को लेकर मानते थे कि वह जीवन में करियर के लेवल पर कभी कुछ नहीं कर पाएंगी।

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नई दिल्ली। फेसबुक फाउंडर मार्क जुकरबर्ग की बहन रैंडी ने अपने भाई के साथ रिश्तों पर कई बड़े खुलासे किए। उन्होंने कुछ समय पहले न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में बताया है कि उन्हें मार्क की बहन कहलाना पसंद नहीं है। मार्क जुकरबर्ग उन्हें रैंडी को लेकर मानते थे कि वह जीवन में करियर के लेवल पर कभी कुछ नहीं कर पाएंगी। रैंडी के मुताबिक अपने को सही साबित करने के लिए उन्होंने फेसबुक की नौकरी छोड़ दी। उसके बाद उन्होंने अपना प्रोडक्शन हाउस खोला और उससे अपनी पहचान बनाई।

 

कॉलेज के समय में एक दूसरे के सबसे करीब थे जुकरबर्ग भाई-बहन

 

साल 1999 में रैंडी जुकरबर्ग ने हार्वर्ड से साइकोलॉजी की पढ़ाई शुरू की। वह शुरूआत में यूनिवर्सिटी के म्यूजिक डिपार्टमेंट को ज्वाइन करना चाहती थी लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाई। साल 2002 में रैंडी के छोटे भाई मार्क जुकरबर्ग ने हार्वर्ड ज्वाइन किया। रैंडी ने साल 2003 में अपना ग्रैजुएशन पूरा कर लिया और मार्क ने बाद में हार्वर्ड छोड़ दिया। तब दोनों भाई बहन एक दूसरे के काफी करीब थे।

 

मार्क जुकरबर्ग को लगता था नहीं बनेगा बहन का करियर

 

ग्रैजुएशन के बाद रैंडी जुकरबर्ग न्यूयॉर्क चली गई और उन्होंने प्रोडक्शन असिस्टेंट के तौर पर फोर्ब्स ऑन फॉक्स ज्वाइन कर लिया। उनकी सैलरी तब 21 लाख रुपए सालाना थी। तब उनके छोटे भाई मार्क जुकरबर्ग ने अपनी मां से शिकायत की थी कि उनकी (रैंडी) का करियर नहीं बनने वाला और उनका करियर खत्म होने की कगार पर है।

 

आगे पढ़ें - भाई ने दी फेसबुक में नौकरी..

दिया फेसबुक आने का न्यौता

 

मार्क ने अपनी बहने के लिए फेसबुक ऑफिस आने के लिए प्लेन का टिकट खरीदा और उन्होंने अपनी बहन से कहा कि तुम्हें यहां आना पसंद आएगा। रैंडी फेसबुक के ऑफिस आई और आखिर में मार्क ने उन्हें एक पेपर दिया जिस पर लिखा था सैलरी या स्टॉक ऑप्शन.. रैंडी ने ऑफर को स्वीकार कर लिया और उन्होंने मार्केटिंग मैनेजर की पोस्ट पर फेसबुक ज्वाइन कर लिया।

 

फेसबुक का कल्चर नहीं भाया रैंडी जुकरबर्ग को

 

हालांकि वह सिलिकॉन वैली की सबसे बड़ी कंपनी में काम करती थी लेकिन वह इस शांत कल्चर से मैच नहीं कर पा रही थी। साल 2007 में उन्होंने अपना गाना गाते हुए वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने जिंगा, माइक्रोसॉफ्ट और याहू जैसी कंपनी का मजाक बनाया था। उन्होंने बाद में कई ऐसे वीडियो पोस्ट किए जिसे यूजर भी पसंद नहीं करते थे। साल 2009 में रिपब्लिकन नेशनल के सम्मेलन में फेसबुक के बारे में नेगेटिव बातें कहीं जो उनके भाई मार्क जुकरबर्ग को भी पसंद नहीं आई।

 

आगे पढ़ें - अब नहीं पसंद 'मार्क की बहन' कहलाना..

रैंडी ने छोड़ दिया फेसबुक

 

कई मार्केटिंग प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद रैंडी को लगने लगा कि उनकी असंयमित (जो अपने बोलने पर कंट्रोल नहीं कर पाता।) पर्सनैलिटी कंपनी के कल्चर में फिट नहीं बैठ रही है, इसलिए साल 2011 में उन्होंने फेसबुक छोड़ दिया। इसके बाद रैंडी जुकरबर्ग न्यूयॉर्क वापिस आ गई।

 

फेसबुक का वर्क कल्चर नहीं था पसंद

 

रैंडी जुकरबर्ग ने वोग में लिखा था कि हर एक चीज की कीमत होती है। उस कल्चर में आपके पर्सनल पैशन या शौक के लिए कोई जगह नहीं थी। अगर आप सर नीचे करते 24 घंटे और सातों दिन फोकस होकर कंपनी की सफलता के लिए काम नहीं करते तो आपको छोटा या नाकारा समझा जाता है।

 

अब उनकी है मीडिया कंपनी

 

फेसबुक से अलग होने के एक साल बाद रैंडी ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी जुकरबर्ग मीडिया शुरू की। अब जुकरबर्ग मीडिया के तहत रैंडी 2 टेलिविजन शो और मार्केटिंग प्रोजेक्ट चला रही है। इसके अलावा वह म्यूजिकल वीडियो में भी नजर आईं है। उन्होंने कई किताबें लिखी हैं। वह रेडियो पर एक टॉक शो भी चलाती हैं। रैंडी जुकरबर्ग की अपनी मीडिया कंपनी है और उन्हें 'मार्क की बहन' कहलाना पसंद नहीं है।

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