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महिलाओं को कैसे बनाएं बिजनेसमैन, बांग्‍लादेश से भी सीख सकता है भारत

भारत में अभी भी महिला उद्यमियों की राह आसान नहीं है।

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नई दिल्‍ली. पूरी दुनिया आज अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस मना रही है। महिलाओं को हर मोर्चे पर सक्षम बनाने के लिए हर तरह से कोशिशें की जा रही हैं। महिला एंटरप्रेन्‍योरशिप की बात करें तो दुनिया में कई ऐसी महिलाएं हैं जो बड़ी-बड़ी ग्‍लोबल इंडस्‍ट्रीज की कमान संभाल रही हैं। लेकिन भारत में अभी भी महिला उद्यमियों की राह आसान नहीं है।

 

ग्‍लोबल पेमेंट इंडस्‍ट्री की दिग्‍गज टेक्‍नोलॉजी कंपनी मास्‍टरकार्ड के मास्‍टरकार्ड इंडेक्‍स ऑफ वुमन एंटरप्रेन्‍योर्स (MIWE) में भारत को इस साल भी 52वां स्‍थान मिला है। पिछले साल भी भारत की रैंकिंग यही रही थी। 

 

भारत की यह पोजिशन दर्शाती है कि देश में अभी महिलाओं को बिजनेस अवसर उपलब्‍ध कराने और उनके बिजनेस को आगे बढ़ाने में सपोर्ट करने की दिशा में और कदम उठाए जाने की जरूरत है। इस मामले में भारत बांग्‍लादेश से भी सीख ले सकता है। किसी भी देश में कुल बिजनेस ओनर्स में महिला बिजनेस ओनर्स की हिस्‍सेदारी के मामले में बांग्‍लादेश सबसे आगे है। यहां तक कि चीन और अमेरिका जैसे दिग्‍गज देश भी बांग्‍लादेश से पीछे रह गए हैं। इंडेक्‍स में इस मामले में बांग्‍लादेश की पोजिशन 18वीं रही, वहीं भारत की 48वीं। अमेरिका की पोजिशन 23वीं तो चीन की 33वीं रही। 


कौन रहे टॉप 5 देश 

इस इंडेक्‍स में टॉप पर न्‍यूजीलैंड रहा। स्‍वीडन, कनाडा दूसरे और तीसरे वहीं अमेरिका इस साल चौथे स्थान पर रहा। पांचवां पायदान सिंगापुर को हासिल हुआ। चीन 29वें स्‍थान पर रहा। 

 

आगे पढ़ें- क्‍या है MIWE

क्‍या है MIWE

MIWE किसी भी देश में महिला एंटरप्रेन्‍योर्स को मिलने वाले मौकों को उनके द्वारा भुनाए जाने की क्षमता पर फोकस करता है। इस इंडेक्‍स में एशिया पैसिफिक, मिडिल ईस्‍ट एंड अफ्रीका, नॉर्थ अमेरिका, लैटिन अमेरिका और यूरोप के 57 देश शामिल हैं। सभी को मिलाकर पूरी दुनिया में महिला लेबर फोर्स 78.6 फीसदी है। 

 

आगे पढ़ें- भारत में राह नहीं आसान

भारत में महिला एंटरप्रेन्‍योर के लिए हालात कम अनुकूल

इंडेक्‍स से सामने आया कि अभी भारत में महिला एंटरप्रेन्‍योर के लिए हालात बाकी उच्‍च रैंकिंग वाले देशों से कम अनुकूल हैं। भारतीय महिला बिजनेस ओनर्स या प्रोफेशनल्‍स का खुद का बिजनेस करने की ओर कम झुकाव है। इसकी वजह भारत में व्‍याप्‍त सांस्‍कृतिक पूर्वाग्रह है। वहीं जो महिलाएं एंटरप्रेन्‍योर हैं, उनमें कम लाभ और फाइनेंस की कमी के चलते अपना बिजनेस बंद करने की प्रवृत्ति अन्‍य देशों की तुलना में ज्‍यादा है। 

 

आगे पढ़ें- क्‍या करने की जरूरत

वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत 

मास्‍टरकार्ड इंडेक्‍स में भारत की पोजि‍शन पर मास्‍टरकार्ड की वाइस प्रेसिडेंट, मार्केटिंग एंड कम्‍युनिकेशंस मानसी नरसिम्‍हन ने कहा कि भारत जैसे देश जो कम धनी और विकसित हैं, वे महिलाओं को एंटरप्रेन्‍योर के रूप में आगे बढ़ाने के हालात विकसित करने में कम सक्षम हैं। यह इंडेक्‍स ऐसे देशों में आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक स्‍तर पर बदलाव लाने के लिए और महिलाओं को अपना खुद का सफल बिजनेस चलाने  और समृद्ध बनने में सक्षम बनाने के लिए प्रेरित करता है। इंडेक्‍स में उच्‍च रैंक वाले देशों जैसे अमेरिका और चीन से सीख लेकर भारत को एक ऐसा वातावरण निर्मित करने की जरूरत है, जहां वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी ज्‍यादा हो और उन्‍हें भी उच्‍च शिक्षा और फाइनेंशियल सर्विसेज तक पहुंच मिले।   

 

आगे पढ़ें- क्‍या हैं रुकावटें

सभी 57 देशों में महिलाओं के रास्‍ते में ये हैं रुकावटें 

इंडेक्‍स में शामिल सभी देशों में कुछ ऐसी रुकावटें मौजूद हैं जो महिला एंटरप्रेन्‍योर्स को आगे बढ़ने से रोक रही हैं। इन रुकावटों को पैदा करने में सबसे बड़ा हाथ जेंडर बायस का है। जेंडर बायस की वजह से महिला उद्यमियों के लिए सोशल और कल्‍चरल एक्‍सेप्‍टेंस की कमी, आत्‍मविश्‍वास की कमी और उनकी फाइनेंशियल फंडिंग या वेंचर कैपिटल तक पहुंच की राह में अवरोध उत्‍पन्‍न होता है। 

 

आगे पढ़ें- नॉलेज फाइनेंशियल एसेट्स उपलब्‍ध कराने में कैसा है भारत 

नॉलेज और फाइनेंशियल एसेट्स में यह रही पोजिशन 

महिला उद्यमियों को नॉलेज एसेट्स और फाइनेंशियल एसेट्स उपलब्‍ध कराने में भारत की रैंकिंग 55वीं रही। वहीं इस मामले में चीन 10वें और अमेरिका 16वें स्‍थान पर रहे। 
 
आगे पढ़ें- एंटरप्रेन्‍योरियल कंडीशंस को सहयोग 

एंटरप्रेन्‍योरियल कंडीशंस को सहयोग के मामले में भारत 47वां 

एंटरप्रेन्‍योरियल कंडीशंस को सहयोग देने की बात करें तो इसमें भारत की रैंकिंग 47वीं रही। एंटरप्रेन्‍योरियल कंडीशंस में बिजनेस को लोकल लेवल पर चलाने में आसानी, लोकल गवर्नेंस की क्‍वालिटी, सेफ्टी लेवल्‍स आदि आते हैं। इस मामले में भारत चीन से बहुत ज्‍यादा पीछे नहीं है। चीन को एंटरप्रेन्‍योरियल कंडीशंस में 41वां स्‍थान हासिल हुआ, वहीं अमेरिका 11वें पायदान पर रहा। 

 

आगे पढ़ें- क्‍या कदम उठाए भारत 

देश में म‍‍हिला उद्यमियों के लिए क्‍या करने की जरूरत 

भारत को महिला एंटरप्रेन्‍योर्स के लिए अच्‍छा वातावरण निर्मित करने व उन्‍हें और ज्‍यादा सक्षम बनाने के लिए कुछ कदम उठाने की जरूरत है। इनमें उच्‍च शिक्षा में महिलाओं की संख्‍या बढ़ाया जाना, महिला एंटरप्रेन्‍योर्स के लिए बिजनेस लोन जैसी फाइनेंशियल सर्विसेज की पहुंच बढ़ाना, बिजनेसेज को सिंगल विंडो क्‍लीयरेंस, टैक्‍स ब्रेक और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रमोट करने के लिए कुछ और उपाय किया जाना आदि शामिल है। 

 

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