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मां से सीखा था अहम सबक, जुकरबर्ग से लेकर एलन मस्‍क जैसे टॉप अमीरों ने बताई अपनी कहानी

टॉप एंटरप्रेन्‍योर्स आज अपनी कामयाबी में अपनी मां की सीखों का भी बराबर योगदान मानते हैं।

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नई दिल्‍ली. कहते हैं कि मां बच्‍चे की पहली गुरू होती है। इन्‍सान जिंदगी में जो कुछ करता है, उसमें मां से सीखी बातों की अहम भूमिका होती है। हर शख्‍स अपनी मां का अपनी जिंदगी में योगदान के लिए शुक्रगुजार होता है। फिर चाहे वह महान कलाकार चार्ली चैपलिन हों या फिर मार्क जुकरबर्ग, एलन मस्‍क, रिचर्ड ब्रैनसन जैसे आधुनिक दौर के दिग्‍गज कारोबारी। जी हां, दुनिया के टॉप रईसों और कामयाब हस्तियों में शामिल इन एंटरप्रेन्‍योर्स ने अपनी मां से कुछ न कुछ सीख ली और उसे अपनी जिंदगी में अमल में लाए। ये टॉप एंटरप्रेन्‍योर्स आज अपनी कामयाबी में अपनी मां की सीखों का भी बराबर योगदान मानते हैं। आइए आपको बताते हैं कि किस एंटरप्रेन्‍योर ने अपनी मां से आखिर क्‍या सीख ली- 

 

एलन मस्‍क- मत छोड़ो मेहनत करना

टेस्‍ला मोटर्स के को-फाउंडर एलन मस्‍क को अपनी मां से कड़ी मेहनत कभी न छोड़ने की सीख मिली। उनकी मां माये एक मॉडल और न्‍यूट्रीशनिस्‍ट हैं। उनका कहना है कि इन्‍सान को कड़ी मेहनत करनी चाहिए। आप जितनी कड़ी मेहनत करते हैं, आपका काम उतना ही बेहतर होता है और उतना ही अच्‍छा परिणाम निकलता है।  

 

रिचर्ड ब्रैनसन- आत्‍मनिर्भर बनो

वर्जिन ग्रुप के को-फाउंडर रिचर्ड ब्रैनसन के मुताबिक, जब वह 4 साल के थे तो उनकी मां ने उनके खराब बर्ताव पर उन्‍हें सड़क के किनारे छोड़ दिया और कहा कि वह अब खुद रास्‍ता ढूंढकर घर आएं। ब्रैनसन कहते हैं कि मां के इस कदम के पीछे मकसद था कि वह चाहती थीं कि उनके बच्‍चे दूसरों पर निर्भर न रहें और आत्‍मनिर्भर बन पाएं। 

 

एंजेला एहरेंट्स- थोड़े और काम की हमेशा गुंजाइश 

एप्‍पल की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ रिटेल, एंजेला एहरेंट्स के मुताबिक, उनकी मां का कहना है कि आपकी जिंदगी और यहां तक कि आपके एक दिन में भी आप जो कर रहे हैं या कर सकते हैं, उससे थोड़ा ज्‍यादा करने के लिए हमेशा वक्‍त होता है। हमारी काम को हैंडल करने की क्षमता, हमें मिलने वाले काम से ज्‍यादा होती है। 

 

मार्क जुकरबर्ग- अपने जुनून का करो पीछा

फेसबुक फाउंडर मार्क जुकरबर्ग के माता-पिता ने हमेशा अपने बच्‍चों को वह करने के लिए प्रेरित किया, जो उन्‍हें पसंद था। इससे जुकरबर्ग को सीख मिली कि अपने जुनून यानी पैशन को कभी छोड़ना नहीं चाहिए। उसे पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए। 

 

शेरिल सैंडबर्ग- नेक इन्‍सान बनो

फेसबुक की COO शेरिल सैंडबर्ग ने अपनी मां एडेले से नेकी करना सीखा। उनकी मां का कहना था कि सबसे जरूरी चीज है एक अच्‍छा और दूसरों की परवाह करने वाला इन्‍सान बनना। 

 

आगे पढ़ें- क्‍या है अन्‍य एंटरप्रेन्‍योर्स की दास्‍तान

एरियाना हफिंगटन- मल्‍टीटास्किंग नुकसानदेह

हफपोस्‍ट की को-फाउंडर एरियाना हफिंगटन को अपनी मां से काम पर पूरी तरह ध्‍यान कैसे दिया जाए, इसकी सीख मिली। एरियाना ने अपनी किताब थ्राइव में जिक्र किया है कि मेरी मां का मानना है कि जीवन में कई चीजों को एक साथ करने से आप उन गिफ्ट्स को खो देते हैं, जो किसी एक टास्‍क पर अपना 100 फीसदी देने से मिलते हैं। यानी परिणाम पर मल्‍टीटास्किंग का असर दिखता है। 

आगे पढ़ें- बारबरा कॉरकोरन की कहानी

बारबरा कॉरकोरन- अच्‍छी चीजों पर करो फोकस

अमेरिकी बिजनेसवुमन, इन्‍वेस्‍टर बारबरा कॉरकोरन ने एक बार कहा था कि उनकी मां ने कभी उनकी या उनके भाई-बहनों की आलोचना नहीं की। उन्‍होंने हमेशा बच्‍चों के अच्‍छा करने पर उनकी तारीफ की। इससे हमें सीख मिली कि हमेशा पॉजिटिव एटीट्यूड रखना चाहिए और लोगों की अच्‍छी चीजों को देखना चाहिए। 
 
आगे पढ़ें- क्‍या कहते हैं डेमंड जॉन

डेमंड जॉन- जिम्‍मेदार बनो

अमेरिकी लेखक, इन्‍वेस्‍टर और बिजनेसमैन डेमंड जॉन के मुताबिक, उनकी मां हमेशा इस बात का ख्‍याल रखती थीं कि उनका बेटा अपनी हर नाकामयाबी की जिम्‍मेदारी खुद पर ले। वह उससे भागे नहीं और न ही उसे किसी और पर डाले। 

 

आगे पढ़ें- एक अन्‍य एंटरप्रेन्‍योर

शॉन्‍डा रिह्म्‍स- अपने लिए खड़े हो

एग्‍जीक्‍यूटिव प्रोड्यूसर शॉन्‍डा रिह्म्‍स कहती हैं कि जब भी स्‍कूल में कुछ होता था तो उनकी मां का पहला सवाल होता था कि क्‍या तुमने उन्‍हें खुद पर हावी होने दिया या फिर अपना स्‍टैंड लिया। वह हमेशा कहती थीं कि इन्‍सान को अपनी मदद के लिए खुद खड़ा होना आना चाहिए। 

 

सोर्स- इंक डॉट कॉम

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