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बिड़ला को रहा जिंदगी भर इस बात का मलाल, बेटी को दी हर बात की आजादी

कुमार मंगलम बिड़ला चार्टेड अकाउंटेंट नहीं करना चाहते थे

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नई दिल्ली। देश के अमीरों में टाटा-बिड़ला-अंबानी का नाम आता है। ऐसा माना जाता है कि वह इतने अमीर है कि जिंदगी में जो चाहे कर सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। कुमार मंगलम बिड़ला चार्टेड अकाउंटेंट नहीं करना चाहते थे लेकिन उनके पास अपने पिता से यही बात कहने की हिम्मत नहीं थी। उन्हें अपनी इच्छा के विपरीत सीए करनी पड़ा लेकिन उन्होंने यही गलती अपने बच्चों के साथ नहीं की। उन्होंने अपनी बेटी को सिंगर और बेटे को क्रिकेटर बनने दिया और जबरदस्ती उन्हें कारोबार में शामिल नहीं किया। इस बात का खुलासा उन्होंने खुद एक अखबार को दी गई जानकारी में किया है।

 

सीए करना था सबसे बड़ी चुनौती

 

चार्टेड अकाउंटेंसी करना कुमार मंगलम बिड़ला की लाइफ का सबसे बड़ी चुनौती था क्योंकि वह वो नहीं करना चाहते थे लेकिन उसके बावजूद उन्होंने पहले अटैम्प्ट में सीए न सिर्फ क्लीयर की बल्कि टॉप भी किया। बिड़ला ने स्वयं सीए क्लीयर करने वाले चार सालों को 'फोर पेनफुल ईयर्स' माना है। ये उनकी यादों में अभी भी फ्रेश है। एक इवेंट के दौरान उन्होंने स्वयं कहा कि वह सीए नहीं करना चाहते थे लेकिन उनके पिता आदित्य विक्रम बिड़ला चाहते थे कि वह सिर्फ वहीं करें क्योंकि उन्हें लगता था कि यही उस समय उनके लिए बेस्ट है।

 

बी. कॉम की पढ़ाई के साथ किया सीए

 

देश के कॉरपोरेट घरानों में बिड़ला परिवार का नाम सबसे ज्यादा फेमस है। कुमार मंगलम बिड़ला उस समय बी. कॉम की पढ़ाई कर रहे थे और उनके पिता चाहते थे कि वह साथ में सीए का एग्जाम भी दे। वह दो सप्ताह के गैप में बीकॉम और सीए दोनों के एग्जाम दे रहे थे। तब उनके सभी दोस्तों को लगता था कि वह पागल हो गए हैं। वह उस दौरान पढ़ाई, पढ़ाई और सिर्फ पढ़ाई कर रहे थे।

 

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पिता को मना करने के नहीं थी हिम्मत

 

उन्हें यह सब करना अच्छा नहीं लग रहा था लेकिन उनके पास अपने पिता को मना करने की हिम्मत नहीं थी। उस समय उन्होंने अपने पिता पर भरोसा किया और वही किया जो उन्होंने कहा लेकिन अब उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। वह खुश हैं कि उनके पिता ने उन्हें सीए करने को कहा। कुमार मंगलम बिड़ला की टेलिकॉम कंपनी आइडिया का हाल में में वोडाफोन के साथ मर्जर हुआ है। वह अल्ट्राटेक सीमेंट के चेयरमैन है।

 

अब नहीं है पछतावा

 

कुमार मंगलम बिड़ला ने माना कि उनके पास कोई बड़ा टैलेंट नहीं था। वह रॉकस्टार या राइटर नहीं बनना चाहते थे। इसलिए वह उस गुस्से से बच गए जो उन्हें कुछ और नहीं कर पाने की वजह से होता क्योंकि उनके पास दूसरा ऑप्शन नहीं था। बिड़ला का मानना है कि लाइफ आपको जो कार्ड देती है आपको उसके साथ प्ले करना होता है। अब उन्हें प्रोफेशनल फ्रंट पर कोई पछतावा नहीं है। कुमार मंगलम बिड़ला सिर्फ 28 साल के थे जब उन्होंने बिड़ला ग्रुप की गद्दी संभाली। बिड़ला के कमान संभालने के बाद कंपनी का टर्नओवर 20 गुना बढ़ा है।

 

 

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अपने बच्चों को दी सब करने की इजाजत

 

कुमार मंगलम बिड़ला और उनकी वाइफ नीरजा बिड़ला के तीन बच्चे हैं। उनकी बेटी अनन्याश्री 22 साल, आर्यमान विक्रम बिड़ला 20 साल और उनकी छोटी बेटी अद्वेतेशा 14 साल की है। कुमार मंगलम बिड़ला के बेटे आर्यमान विक्रम बिड़ला एक प्रोफेशनल क्रिकेटर और बेटी सिंगर है। बिड़ला ने स्वयं माना कि अब एजुकेशन और करियर ऑप्शन बहुत अलग हैं। अब ऑप्शन पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा है जो उनके समय में नहीं थे।

 

बेटी और बेटे को दी करियर चुनने की आजादी

 

बिड़ला के मुताबिक अपनी बेटी अनन्या के लिए बिड़ला ने कहा कि उनकी बेटी मध्यप्रदेश में हर जगह पर गई और कई गांवों में लोगों के घर तक गई है जो वह स्वयं नहीं करते। बड़ी बेटी अनन्या बिड़ला अपने कॉरपोरेट और म्यूजिक करियर में बैलेंस बनाए हुए है। अनन्या बिड़ला इंटरनेशनल लेवल पर अपने म्यूजिक एलबम लॉन्च कर चुकी हैं। अनन्या ने माइक्रोफाइनेंस फर्म स्वतंत्र प्राइवेट लिमिटेड बनाई है। उनका यह कारोबार देश के 2 राज्यों में फैला है। इसकी 18 ब्रांच में 100 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। उनका बेटा आर्यमान प्रोफेशनल क्रिकेटर हैं। मध्यप्रदेश की अंडर 19 टीम में हैं। साल 2018 के आईपीएल में वह 30 लाख रुपए में राजस्थान रॉयल की टीम में भी शामिल हुए थे।

 

 

 

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