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बंदूकों का सौदागर था यह योग गुरु, दुनिया कहती थी फ्लाइंग योगी

हम बात कर रहे हैं 70 और 80 के दशक के सबसे विवादित और मशहूर योगगुरु धीरेंद्र ब्रह्मचारी की।

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नई दिल्‍ली. पूरी दुनिया 21 जून को अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाती है। आज के समय में योग का नाम आते ही देश में बाबा रामदेव का नाम सबको याद आता है। लेकिन, 70-80 के दशक में एक ऐसा भी योग गुरु था जिसका प्रभाव, रुतबा और बिजनेस तीनों ही काबिलेगौर था। प्रभाव ऐसा कि उसकी पहुंच सीधे पीएम के घर तक थी। रुतबा ऐसा कि अपनी प्राइवेट प्‍लेन से चलता था और बिजनेस एफएमसीजी या दवा का नहीं बल्कि वह बंदूकों का सौदागर था। हम बात कर रहे हैं 70 और 80 के दशक के सबसे विवादित और मशहूर योगगुरु धीरेंद्र ब्रह्मचारी की। 

 


बंदूकों के सौदागर थे धीरेंद्र ब्रह्मचारी   
धीरेंद्र ब्रह्मचारी जम्‍मू के गांधी नगर इंडस्ट्रियल एस्‍टेट में शिव गन नाम से फैक्‍ट्री भी चलाते थे। रामचंद्र गुहा की किताब 'इंडिया ऑफ्टर नेहरू' के मुताबिक, ब्रह्मचारी जितने बड़े योग गुरू थे उतने ही बड़े बिजनेसमैन थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रह्मचारी की गन फैक्‍ट्री ने 1981, 82 में 3-3 हजार बंदूकों का प्रोडक्‍शन किया। इस दौरान कंपनी का टर्नओवर सालाना करीब 37 लाख रुपए रहा। शिव गैन फैक्‍ट्री 800 में सिंगल बैरल और 1,500 सौ रुपए में डबल बैरल बंदूकें सेल करती थी। 

 

बड़े आर्म डीलर भी थे ब्रह्मचारी 
धीरेंद्र ब्रह्मचारी उस दौर के सबसे बड़े आर्म डीलर भी माने जाते थे। रामचंद्र गुहा के मुताबिक, उस दौर के लगभग सभी बड़े रक्षा सौदों में उनकी भूमिका अहम होती थी। उस दौर में स्वीडन की कई कंपनियों से उनके काफी बेहतर संबंध भी थे। उसके फैक्‍ट्री में एक बार सौ से भी ज्‍यादा अवैध स्वीडिश बंदूकें भी बरामद हुई थीं, जिसे लेकर ब्रह्मचारी की काफी किरकिरी भी हुई।

 

विदेशी बंदूकें रखने के आरोप में घिरे ब्रह्मचारी  
1990 के दौर में धीरेंद्र ब्रह्मचारी के ऊपर अपनी गन फैक्‍ट्री में अवैध विदेशी हथियार रखने के आरोप लगे। शुरू में इन्‍हें बंदूकों का कम्‍पोनेंट बताया गया, लेकिन पुलिस का दावा था कि कम्‍पोनेंट की बजाय ये सभी विदेशी हथियार थे। पुलिस ने ब्रह्मचारी समेत उनके कई करीबियों पर मुकदमा दर्ज कर दिया। बाद में उन्‍हें शर्तों के साथ अदालत से जमानत पर रिहा किया गया। हालांकि ब्रह्मचारी इसे खुद को बदनाम करने की साजिश करार देते रहे।

 

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इंदिरा गांधी से थी खास नजदीकी
धीरेंद्र ब्रह्मचारी को देश के अब तक के सबसे बड़े योग गुरुओं में से एक माना जाता है। भारत में योग को बढ़ाने में उनकी अहम भूमिका भी रही। इसके चलते वह अपने दौर में काफी चार्चित भी रहे। राजनीतिक गलियारों में उस दौर के कांग्रेस नेताओं से उनकी खास नजदीकी भी रही। हालांकि वह उतने ही विवादित भी रहे। उन पर जमीन हड़पने से लेकर अवैध हथियार रखने जैसे कई आपराधिक आरोप भी लगे थे।

 

धीरेंद्र ब्रह्मचारी 1970 और 80 के दशक में मीडिया में काफी सुर्खियों में रहे। उन्‍हें देश की तत्‍कालीन पीएम इंदिरा गांधी का खास राजदार भी कहा जाता था।  यही नहीं इमरजेंसी के दौर में वह और भी पॉपुलर हो गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंदिरा गांधी के लगभग सभी बड़े फैसलों में उनकी बड़ी भूमिका रही।    यहां तक कहा गया कि इंदिरा गांधी अपने छोटे बेटे संजय गांधी के बाद सबसे ज्‍यादा भरोसा धीरेंद्र ब्रह्मचारी पर ही किया करती थीं।

 

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फ्लाइंग योगी भी कहते थे लोग 
योगगुरु धीरेंद्र ब्रह्मचारी की लाइफ स्‍टाइल उस दौर में बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज से भी ज्‍यादा लग्‍जरी थी। जिस वक्‍त देश में गिनती के लोग हवाई सफर करते थे, उस दौर में धीरेंद्र ब्रह्मचारी के पास अपना लग्‍जरी जेट था। इसके चलते उस दौर का मीडिया उन्‍हें फ्लाइंग योगी भी कहा करता था। धीरेंद्र ब्रह्मचारी के जम्‍मू स्थित अपर्णा आश्रम को 2000 के दौर में हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीज कर दिया गया था। इस आश्रम के पास ही उनके विमान के उतरने के लिए एक निजी हवाई पट्टी भी बनाई गई थी।

 

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अपनी ही मौत की की थी भविष्‍यवाणी 
धीरेंद्र ब्रह्मचारी की मौत का किस्‍सा भी काफी रोचक है। उन्‍होंने अपनी मौत की भविष्‍यवाणी पहले ही कर दी थी। कहा जाता है कि ब्रह्मचारी की 1994 में ठीक उसी दिन प्‍लेन हादसे में मौत हुई, जिस दिन की उन्‍होंने भविष्‍यवाणी की थी।   

 

आज भी उनसे जुड़े हैं कई राज
धीरेंद्र ब्रह्मचारी की लाइफ से जुड़े कई अन्‍य राज आज तक अनसुलझे हैं। कहा जाता है कि उनका जन्‍म बिहार में हुआ था, लेकिन यह सिर्फ अटकल ही है। धीरेंद्र ब्रह्मचारी ने कभी भी इसका खुलासा नहीं किया। मीडिया अक्‍सर उम्र और परिवार के बारे में भी उनसे सवाल करता था। वह इसका जवाब कभी नहीं देते थे, बस इतना ही कहते थे कि योगी कभी अपनी उम्र नहीं बताते। उनका दावा था कि वह 14 वर्ष की उम्र में योगी बन गए।

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