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पिता से विरासत में नहीं मिली अमीरी, फिर भी खड़ा किया अरबों का बिजनेस

देश के इन अबपतियों को अंबानी, बिड़ला, टाटा की तरह अपने परिवार से विरासत में बड़ा कारोबार नहीं मिला था

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नई दिल्ली। देश के इन अबपतियों को अंबानी, बिड़ला, टाटा की तरह अपने परिवार से विरासत में बड़ा कारोबार नहीं मिला था लेकिन तब भी इन कारोबारियों ने अरबों का कारोबार खड़ा कर दिया। देश के ये नए अरबपति काफी मेहनत के बाद इस मुकाम पर पहुंते हैं और इन्होंने देश के टॉप 100 अमीर भारतीय की लिस्ट में जगह बनाई है। आइए जानते हैं ऐसे ही कारोबारियों के बारे में....

 

आचार्य बालकृष्ण – सीईओ, पतंजलि

 

इंडिया के अमीर लोगों में रैंकिंग – 19

 

नेटवर्थ – 6.55 अरब डॉलर

 

फोर्ब्स रिचेस्ट लिस्ट में बालकृष्ण की एंट्री बीते साल 2016 में 48th रैंक के साथ हुई थी। पतंजलि के सीईओ बालकृष्ण सियासी तौर पर मजबूत बाबा रामदेव के बचपन के दोस्त हैं। दोनों ने पतंजलि आयर्वेद साल 2006 में बनाया। बालकृष्ण के पास पतंजलि के 97% शेयर होल्डिंग्स हैं। हालांकि, रामदेव का कंपनी में कोई शेयर नहीं है, लेकिन वो इसके ब्रांड एम्बेसडर जरूर हैं। कंपनी को बालकृष्ण ही ऑपरेट करते हैं। अब वह फोर्ब्स की लिस्ट में उनकी 19वी रैंकिंग है और अब उनकी नेटवर्थ 6.55 अरब डॉलर है।

 

 

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विजय शेखर शर्मा, एमडी पेटीएम

 

इंडिया के अमीर लोगों में रैंकिंग – 99

 

नेटवर्थ – 1.47 अरब डॉलर

 

 

पेटीएम के एमडी विजय शेखर शर्मा अलीगढ़ के एक मिडिल क्लास परिवार से हैं। उनकी मां हाउसवाइफ और पिता स्कूल टीचर थे। स्कूल की पढ़ाई करने क बाद उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। हिंदी मीडयम से पढ़ाई होने के कारण वह इंगलिश में कमजोर थे और अपनी इस कमी पर काबू पाने के लिए वह एक ही किताब के हिंदी और इंग्लिश वर्जन लाते और साथ-साथ पढ़ते।

 

उन्होंने पेटीएम शुरू करने से पहले एक्सएस और वन97 जैसी कंपनियां बनाई और अपनी सारी जमा पूंजी इसमें लगा दी। उनके पार्टनर उन्हें छोड़कर चले गए। मार्केट में स्मार्टफोन आए तो उन्होंने शॉपिंग वेबसाइट और रीचार्ज प्लेटफॉर्म के तौर पर पेटीएम शुरू की। अब पेटीएम मोबाइल वॉलेट के साथ बिलिंग पेमेंट प्लेटफॉर्म भी है। नोटबंदी का सबसे ज्यादा फायदा पेटीएम को मिला और इसने विजय शेखर को अरबपतियों की गितनी में शामिल कर दिया।

 

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किरन मजुमदार शाह

 

इंडिया के अमीर लोगों में रैंकिंग – 72

 

नेटवर्थ – 2.16 अरब डॉलर

 

बॉयकॉन की चेयरमैन किरन मजुमदार शाह का जन्म बंगलुरू की गुजराती फैमिली में हुआ। उन्हेोंने जियोलॉजी में पढ़ाई की। वह मेडिकल स्कूल में पढ़ना चाहती थी लेकिन उन्हें स्कॉलरशिप नहीं मिला। अपने पिता के कहने पर उन्होंने शराब बनाने (फर्मनटेशन साइंस) की पढ़ाई कर कार्लटन कंपनी में नौकरी की।

 

इसी दौरान उन्होंने आयरलैंड में बॉयकॉन बॉयोकेमिलकल्स लिमिटेड में नौकरी की और फिर साल 1978 में इंडिया आकर बॉयोकॉन की शुरूआत की। उन्होंने बंगलुरू के अपने किराए के घर से 10,000 रुपए के फंड्स शुरुआत की। शुरूआत में उन्हें फंड्स से लेकर टैलेंटेड कर्मचारी सभी जगह परेशानी आई। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपनी सभी परेशानियों के लिए सॉल्युशंस निकाले। आज बॉयकॉन देश की बड़ी कंपनियों की गिनती में शामिल है।

 

 

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दिलीप सांघवी

 

इंडिया के अमीर लोगों में रैंकिंग – 9

 

नेटवर्थ – 12. 1 अरब डॉलर

 

 

दिलीप सांघवी सन फार्मा के फाउंडर हैं। दिलीप सांघवी ने सन फार्मा को भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी बना दिया है। दिलीप सांघवी ने अपने सहयोगी प्रदीप घोष के साथ सन फार्मास्यूटिकल्स की स्थापना की थी। गुजरात के अमरेली में पैदा हुए दिलीप सांघवी को 2016 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने सन फार्मा को बड़ी फार्मा कंपनी बनाने में काफी मेहनत की।

 
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