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बेहद खास है 23 डिजिट का यह चेकबुक नंबर, बता देगा आपके अकाउंट की कुंडली

चेक पर लिखे 23 नंबर इसे सबसे सेफ बनाते हैं। अकाउंट नंबर, डेट नाम के अलावा चेक पर सबसे नीचे चार हिस्‍सों में लिखे इन नंबर

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नई दिल्ली। अभी हाल में एसबीआई से जुड़ें बैंकों का आपस में विलय हो गया है। 1 जनवरी से इन बैंकों की पुरानी चेकबुक मान्य नहीं हगी। ऐसे में आपके लिए बैंक की चेकबुक पर छपे नंबरो के बारे में जानना जरूरी हो जाता है। चेक पर लिखे 23 नंबर इसे सबसे सेफ बनाते हैं। अकाउंट नंबर, डेट नाम के अलावा चेक पर सबसे नीचे चार हिस्‍सों में लिखे इन नंबरों का बेहद खास मतलब होता है। आइए हम आपको इन्‍हीं नंबरों के बारे में बताते हैं...

 

चार हिस्‍सों में लिखे होते है 23 डिजिट

 

- चेक पर ये 23 नंबर अलग अलग चार हिस्‍सों में लिखे होते हैं।

 

- पहले हिस्‍से में जहां 6 नंबर लिखे होते हैं, वहीं दूसरे हिस्‍से में 9 नंबर लिखे होते हैं।

 

- इसीके साथ ही तीसरे हिस्‍सें में 6 तथा चौथे और आखिरी हिस्‍से में 2 नंबर लिखे होते हैं।

 

आगे पढ़ें - शुरुआती 6 डिजिट वाले पहले हिस्‍से के बारे में....

तीसरा हिस्सा

 

तीसरा हिस्‍सा आपके बैंक अकाउंट नंबर के बारे में बताता है।

 

अगली छह डिजिट या तीसरा हिस्‍सा बैंक एकाउंट नंबर की जानकारी देता है।

 

यह नंबर नई इलेक्‍ट्रॉनिक चेक बुक्स में होता है, पहले की चेक बुक्स में यह नंबर नहीं होता था।

 

आगे पढ़ें- क्‍या मतलब होता है आखिरी के 2 डिजिट वाले हिस्‍से का...

ट्रांस्जेक्शन आईडी

 

- ट्रांस्जेक्शन आईडी होता है चौथा हिस्‍सा

 

- आखिरी की दो डिजिट ट्रांस्जेक्शन आईडी होती है। 29, 30 और 31 नंबर एट पार चेक को दर्शाते हैं और 09, 10 और 11 लोकल चेक को।

 

- दूसरा हिस्‍सा बताता है एमआईसीआर कोड इसका मतलब Magnetic Ink Corrector Recognition होता है।

 

- इस दूसरे हिस्‍से में आगे के कुल नौ डिजिट्स शामिल होते हैं।

 

- यह नंबर बताता है कि आपका चेक किस बैंक से जारी हुआ है।

 

- इसे चेक रीडिंग मशीन पढ़ती है। यह तीन हिस्‍सों में बंटा होता है।

 

आगे पढ़ें - 9 डिजिट के एमआईसीआर कोड के 3 हिस्‍सों के बारे में

MICR code का 9 डिजिट बंटा होता है 3 हिस्‍सों में

 

- चेक के दूसरे हिस्‍से की नौ डिजिट कुल तीन हिस्‍सों में बंटी होती है।

 

- इसमें पहला हिस्‍सा सिटी कोड होता है। इसकी मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि चेक किस शहर का है।

 

- दूसरा हिस्‍सा बैंक कोड होता है। इसकी तीन डिजिट यूनीक कोड होता है। हर बैंक का अलग यूनीक कोड होता है। उदाहरण के तौर पर एक्सिस बैंक का 211 आदि।

 

- तीसरा हिस्‍सा ब्रांच कोड के बारे में बताता है। हर बैंक का ब्रांच कोड अलग होता है। यह कोड बैंक से जुड़े हर ट्रांजैक्शन में इस्तेमाल किया जाता है।

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