Home » Industry » CompaniesHow to start Sarग business - शुरु करें साड़ी का बिजनेस

50 हजार में शुरू हो जाता है साड़ी का बिजनेस, रमनप्रीत ने 50 लाख का कर लिया है कारोबार

आइए जानते हैं कि कैसे साड़ी का बिजनेस आपके लिए अच्छी कमाई का जरिया बन सकता है।

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नई दिल्ली। साड़ी इंडियन मार्केट में सदाबहार प्रोडक्ट है। शादी और त्योहार के सीजन में नॉर्थ से लेकर साउथ इंडिया में साड़ी की डिमांड हमेशा बनी रहती है। महिलाओं के मन से साड़ी को लेकर प्रेम कभी खत्म नहीं होने वाला.. कुछ इसी बात को ध्यान में रखकर दिल्ली की रमनप्रीत ने घर बैठे ही 50 हजार रुपए के इन्वेस्टमेंट से दो साल पहले साड़ी का बिजेनस शुरू किया। ऐसे में अगर आप साड़ी का बिजनेस करना चाहते हैं, तो रमनदीप से सीख सकते हैं। आइए जानते हैं कि कैसे साड़ी का बिजनेस आपके लिए अच्छी कमाई का जरिया बन सकता है।

 

 

बाजार की खाक छानने में मिला साड़ी बेचने का आइडिया

 

 

 

रमनप्रीत ने घर में ही अपना बुटीक से शुरूआत की थी। वह महिलाओं के लिए डिजाइनर कपड़े, सूट, लहंगा, साड़ी, गाउन सिलने का काम करती थी। इस सिलसिले में अक्सर उन्हें चांदनी चौक जैसे होलसेल बाजार में फैब्रिक, लेस, पैच वर्क खरीदने के लिए जाना पड़ता था। यहीं से उन्हें साड़ी का बिजनेस शुरू करने के बारे में सोचा। चांदनी चौक बाजार में बैठे साड़ियों और फैब्रिक के होलसेल कारोबारियों ने उन्हें सूरत में साड़ी बनाने वाले मिल मालिकों के नंबर दे दिए। रमन ने moneybhaskar.com को बताया कि वह साड़ियां खरीदने के लिए सूरत और दक्षिण भारत दोनों जगह गई। वहां की साड़ियों की फैक्ट्री और होलसेल मार्केट में काफी घूमी और वहां प्राइस को लेकर सभी डिटेल ली। वहां से पहली बार 50 हजार रुपए का साड़ी का स्टॉक खरीदकर दिल्ली ले आई।

 

 

 

50 हजार में शुरू किया बिजनेस

 

 

 

शुरू में उन्होंने अपना पूरा स्टॉक आसपड़ोस और मौजूदा बुटीक क्लाइंट को बेच दिया। धीरे-धीरे डिमांड बढ़ती गई , अब वह सूरत और दक्षिण भारत से स्टॉक मंगाकर अपने आसपड़ोस और मौजूदा बुटीक क्लाइंट को बेचती है। उनका बिजनेस अब काफी बेहतर चल रहा है। बढ़ते कारोबार को देखते हुए वह रिटेल साड़ी की दुकान खोलने का भी प्लान कर रही है। रमनप्रीत ने बताया कि उन्हें मिलों और देश की बड़ी होलसेल मार्केट से सीधे साड़ी खरीदने पर 30 से 35 फीसदी का मार्जिन एक साड़ी पर आराम से मिल जाता है। अब वह सूरत या दक्षिण भारत साड़ी खरीदने नहीं जाती। मिल मालिक उन्हें साड़ियों के कैटलॉग भेज देते हैं और उनमें वह अपनी पसंद की साड़ी मंगवाती हैं। उन्होंने बताया कि मिल मालिकों से साड़ी 250 रुपए से 2,000 रुपए में मिल जाती है।

 

 

आगे पढ़े - कितना लगा इन्वेस्टमेंट

इतना लगेगा इन्वेस्टमेंट

 

 

इन्वेस्टमेंट - 50 हजार रुपए से लेकर 2 लाख रुपए

 

 

साड़ी का बिजनेस 50 हजार रुपए से लेकर 2 लाख रुपए के इन्वेस्टमेंट में आसानी से शुरू किया जा सकता है। मिल मालिक और होलसेलर से 250 रुपए से 3,000 रुपए में अच्छी साड़ी मिल जाएगी।

 

 

यहां से खरीद सकते हैं साड़ी

 

 

आप भी घर बैठे सूरत, बंगलुरू, कांजीवरम, बनारसी, चंदेरी साड़ी मंगा सकते हैं। सूरत की ज्यादातर मिल मालिकों के नंबर और डिटेल्स ऑनलाइन मिल जाएगी। सूरत में विपुल, लक्ष्मीपति साड़ी, लक्ष्मी साड़ी, त्रिवेणी साड़ी कई ब्रांड और मिल हैं जो साड़ी होलसेल और रिटेल में बेचती हैं। आप इन साड़ी ब्रांड से साड़ियां सीधे अपने घर मंगा सकते हैं। अगर चाहे तो पहली बार साड़ी खरीदने के लिए जा भी सकते हैं। इससे आपके बेहतर संपर्क बनेंगे।

 

 

कस्टमर का रखें ध्यान

 

 

 

आप किस तरह की साड़ी बेचना चाहते हैं या कैसी साड़ी ट्रेंड में है खरीदने से पहले इन बातों का ध्यान रखें। औसत साड़ी की कीमत 250 रुपए से 2,500 रुपए तक होती है। मंहगी साड़ियां 20 हजार रुपए से 80 हजार रुपए तक की आती है। साड़ी खरीदने से पहले अपने कस्टमर की पॉकेट को ध्यान में रखें इससे बेचना आसान होगा। यदि अगर आपका कस्टमर 2,000 रुपए की साड़ी खरीदने का बजट वाला है तो उसे 15 हजार की साड़ी नहीं बेच सकते।

 

आगे पढ़े - कैसे ऑनलाइन बेचें साड़ी

ऑनलाइन रिटेलर्स से जुड़े

 

 

 

ई-कॉमर्स शॉपिंग वेबसाइट भी रिटेल कस्टमर दे रही हैं। आप ऑनलाइन भी अमेजन, मिंत्रा, स्नैपडील, क्राफ्टविला पर भी साड़ी बेच सकते हैं और घरेलू बाजार में कारोबार बढ़ा रहे हैं।

 

 

 

ऑनलाइन कैसे बेचें प्रोडक्ट

 

 

 

कैसे जुड़ सकते हैं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से

 

 

 

- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कारोबारी को रजिस्टर कराना होगा

 

 

 

- कारोबारी को पैन, जीएसटी और बैंक अकाउंट की डिटेल देनी होगी

 

 

 

- कंपनी सेलर के साथ एमओयू या करार भी करती है

 

 

 

- करार के बाद आप वेबसाइट पर अपने प्रोडक्ट और साड़ी की फोटोग्राफ अपलोड कर सकते हैं।

 

 

 

- वैरिफिकेशन के बाद प्रोडक्ट वेबसाइट पर दिखने लगते हैं।

 

 

 

- ज्यादातर कंपनियां सेलर से प्रोडक्ट ऑनलाइन बिकने के बाद कारोबारी से 1 से 9 फीसदी कमीशन लेती हैं।

 

 

 

- ऑनलाइन पेमेंट में प्रोडक्ट कस्टमर के पास पहुंचने के बाद सेलर यानी कारोबारी के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाती है।

 

 

 

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