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Tech in gadgets: गूगल की तरह Microsoft भी देता है कमाई का मौका, वेबसाइट-ब्‍लॉग है तो ऐसे करें अप्‍लाई

अगर आप ब्‍लॉग या वेबसाइट चलते हैं तो आप भी माकइक्रोसॉफ्ट और यायू के साझा एड नेटवर्क मीडिया नेट के जरिए कमाई कर सकते हैं।

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नई दिल्‍ली. जब भी हम अपनी वेबसाइट, यू-ट्यूब या ब्‍लॉग को मोनेटाइज करने की बात करते हैं तो सबसे पहला नाम गूगल का आता है। भारत समेत दुनिया भर के ज्‍यादातर लोग अपने यू-ट्यूब चैनल, ब्‍लॉग या वेबसाइट के लिए गूगल के एडवर्टाइजिंग नेटवर्क का यूज करते हैं। ज्‍यादातर लोग यह कोशिश करते हैं कि उनके डिजिटल प्‍लेटफॉर्म को गूगल अप्रूव  कर दे और वह एडसेंस के जरिए कमाई कर सकें।  

 

ऐसा नहीं है कि मार्केट में गूगल के अलावा और कंपनियां नहीं हैं, लेकिन उनका रेट गूगल के मुकाबले बेहद कम होता है। tech in gadgets के इस अंक में आज हम आपको ऐसे ही एडवर्टाइजिंग नेटवर्क के बारे में जानते हैं, जिसके जरिए आप गूगल की टक्‍कर का पैसा कमा सकते हैं। कभी कभी यह पैसा गूगल के मुकाबले ज्‍यादा भी होता है। इस  एडवर्टाइजिंग नेटवर्क का नाम मीडिया डॉट नेट है।

 

क्‍या है मीडिया डॉट नेट
मीडिया डॉट नेट बिंग सर्ज इंजन का एडवर्टाइजिंग नेटवर्क है। बिंग याहू और माइक्रोसॉफ्ट का साझा प्रोडक्‍ट है। दरअसल गूगल के ठीक उलट इसके ज्‍यादातर यूजर अमेरिका और वेस्‍टर्न वर्ल्‍ड में हैं। यही कारण है इसपर अमेरिका और‍ ब्रिटेन के एडवर्टाइजर ही ज्‍यादा आते हैं। इसलिए आपको एड के रेट भारत के मुकाबले बेहतर मिलते हैं।       

 

कैसे हासिल करें मीडिया डॉट नेट का एड नेटवर्क 
इसे हासिल करने का प्रॉसेस बेहद सिंपल है। सबसे पहले आप मीडिया डॉट नेट की वेबसाइट पर जाएं। वहीं आपके पास साइनअप का ऑप्‍शन आएगा। यहां आप अपनी वेबसाइट, ब्‍लॉग और इमेल से जुड़ी जानकारी भरें। इसके बाद आपको अपना नाम भरना पड़ेगा और आपकी अप्‍लीकेशन सबमिट करनी होगी। 2 से 5 दिन बाद बाद कंपनी की ओर  से आपको कन्‍फर्मेशन या रिजक्‍शन मेल आती है। अगर आप एक से ज्‍यादा वेबसाइट या ब्‍लॉग चलाते हैं तो उसके लिए एक ही अकाउंट से काम चल सकता है। कमाई का इसमें कोई फर्क नहीं पड़ता है।   

 

रीजनल लैंग्‍वेज की वेबसाइट है तो सेलेक्‍शन कठिन 
दअरसल इस एड नेटवर्क पर गूगल के टक्‍कर के पैसे मिलते तो हैं, लेकिन  इसकी अपनी सीमा भी है। क्‍योंकि बिंग ब्राउजर के पास ज्‍यादातर यूजर अमेरिका और ब्रिटेन में हैं। इसलिए यह एड नेटवर्क अंग्रेजी वेबसाइट को ज्‍यादा प्राथमिकता देता है। अगर आपकी वेबसाइट या ब्‍लॉग की प्राइमरी लैंग्‍वेज अग्रेंजी है और सेकेंड्री लैंग्‍वेज हिंदी और कोई और भारतीय भाषा हैं तो यहां से अप्रूवल मिलने की चांस ज्‍यादा होता है। अगर अंग्रेजी की वेबसाइट है तो आपके लिए बेस्‍ट चांस है। 

 

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