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बेतुकी हरकतों वाले रिचर्ड से सीख सकते हैं अमीरी का सबक, बेटी ने किताब में खोला पिता का राज

कामयाबी पाने में किसी के लिए भी साबित हो सकती है मददगार...

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नई दिल्‍ली. वर्जिन ग्रुप के को-फाउंडर रिचर्ड ब्रैनसन का नाम दुनिया के अरबपतियों की लिस्‍ट में शुमार है। फोर्ब्‍स के मुताबिक, रिचर्ड ब्रैनसन इस वक्‍त 510 करोड़ डॉलर यानी 35 हजार करोड़ रुपए से भी ज्‍यादा दौलत के मालिक हैं। लेकिन अमीर होने के साथ-साथ वह अपनी बेतुकी आदतों के लिए भी मशहूर हैं। उनकी इन आदतों में शर्त हारने पर एयरहोस्‍टेस जैसा गेटअप लेना, टांगों की शेव कराना, मॉडल्‍स के साथ अजीबो-गरीब फोटोशूट आदि शामिल है। लेकिन इन सबके बावजूद वह अपनी बेटी होली ब्रैनसन के रोल मॉडल हैं। होली का मानना है कि उनके पिता की कामयाबी में उनके बिजनेस स्किल्‍स के अलावा उनकी एक खास आदत का भी हाथ है।

 

होली ने अपने अरबपति पिता की इस आदत का जिक्र अपनी किताब डब्‍ल्‍यूइकोनॉमी (WEconomy) में किया है और यह भी कहा है कि यह आदत कामयाबी पाने में किसी के लिए भी मददगार साबित हो सकती है। आइए बताते हैं कि होली के नजरिए से क्‍या है उनके पिता की वह खास आदत- 

 

पहले जानें होली ब्रैनसन को

होली ब्रैनसन रिचर्ड ब्रैनसन की सबसे बड़ी बेटी हैं और डॉक्‍टर हैं। इसके अलावा वह परोपकार के कामों में जुटी रहती हैं। 2008 में होली ने अपने पिता की कंपनी वर्जिन ग्रुप को एक इंटर्न के तौर पर ज्‍वॉइन किया था। इसकी वजह थी कि होली अपने मेडिकल करियर से एक ब्रेक चाहती थीं। होली को यह ब्रेक इतना रास आया कि वह वर्जिन ग्रुप से ही जुड़ गईं और इस वक्‍त वह वर्जिन होटल्‍स के विस्‍तार में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। होली ब्रैनसन वर्जिन यूनाइट की चेयरपर्सन होने के साथ अपने नॉन-प्रॉफिट वेंचर बिग चेंज की फाउंडर व ट्रस्‍टी भी हैं। इसके अलावा वह युवा लोगों को सेलिब्रेट करने वाले सालाना इवेंट वी डे यूके की को-चेयरपर्सन भी हैं। 

 

पिता के बारे में क्‍या कहा किताब में

होली ने किताब डब्‍ल्‍यूइकोनॉमी में बताया है कि किसी इन्‍सान के लिए पैसे कमाकर देने के साथ आपके आसपास की दुनिया को प्रभावित करने वाला एक उद्देश्‍यपूर्ण करियर बनाना कितना महत्‍वपूर्ण है। होली का कहना है कि इस के लिए उनके रोल मॉडल उनके पिता रिचर्ड ब्रैनसन हैं। उनके पिता की कामयाबी में उनके बिजनेस स्किल्‍स का तो हाथ है ही, लेकिन एक आदत का भी योगदान है। वह आदत है लोगों को सुनना और उनसे सलाह लेना। होली की किताब को पूरा करने में उनके सह-लेखक फिलांथरोपिस्‍ट क्रैग और मार्क कीलबर्गर का भी हाथ है। 

 

CEO से लेकर अजनबी इन्‍सान तक से सलाह लेने में रखते हैं यकीन

होली आगे बताती हैं, पापा हमेशा से खुले विचारों के, ईमानदार, सवाल पूछने वाले और सलाह लेने वाले रहे हैं। यहां तक कि वह अपने बच्‍चों से भी सलाह लेते हैं। उनकी यह आदत आज भी बरकरार है। मुझे लगता है कि ऐसा होना बेहद जरूरी है। आपको जितना आप बोलते हैं, उतना सुनना या उससे ज्‍यादा सुनने की आदत भी होनी चाहिए। मेरे पिता ने लोगों को सुनकर कई अच्‍छी चीजें सीखी हैं। होली के मुताबिक, मेरे पिता इस बात में यकीन रखते हैं कि सलाह लेना बेहद काम का होता है और यह किसी से भी ली जा सकती है। फिर भले ही वह कोई सीईओ हो, रिशेप्‍सनिस्‍ट हो या कोई सड़क पर जा रहा अजनबी। 

 

आगे पढ़ें- और क्‍या कहा किताब में 

कस्‍टमर्स और इंप्‍लॉइज के विचारों को देते हैं तवज्‍जो

होली आगे कहती हैं कि जहां तक वर्जिन ग्रुप की बात है तो उनके पिता रिचर्ड अपने इंप्‍लॉइज और कस्‍टमर्स की सलाह को फैसले लेते वक्‍त तवज्‍जो देते हैं। जब वह वर्जिन अटलांटिक पर होते हैं तो वह कस्‍टमर्स से चैट कर पूछते हैं कि क्‍या मेरे लिए कोई सलाह है, क्‍या कोई टिप्‍स हैं, क्‍या ऐसा कुछ है, जो आपको पसंद न आया हो, मैं क्‍या बदलाव कर सकता हूं। होली कहती हैं कि मेरे पिता कस्‍टमर्स से मिलने वाली हर प्रतिक्रिया को लिखते हैं और उसके मुताबिक कदम उठाते हैं। 

 

आगे पढ़ें- कम्‍युनिटी को भी बना सकते हैं बेहतर 

कम्‍युनिटी को भी बनाया जा सकता है बेहतर: होली 

रिचर्ड ब्रैनसन का मानना है कि बिजनेस को जिंदगियों को बेहतर बनाने वाला होना चाहिए। इसी सोच को अपनाते हुए होली का मानना है कि दूसरों की सलाह लेने के लिए तैयार रहना एंटरप्रेन्‍योर्स और इंप्‍लॉइज दोनों के करियर को आगे ले जाने में मददगार है। साथ ही इससे उन्‍हें अपनी कम्‍युनिटी के काम आ सकने के रास्‍ते तलाशने में भी मदद मिलती है। 

 

सोर्स- CNBC

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