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गुजरातियों के 5 सक्सेस मंत्र बनाते हैं उन्हें सफल कारोबारी, होते हैं खास गुण

मोदी ने भी माना-कॉस्ट कम करने के लिए खासी मेहनत करते हैं गुजराती

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नई दिल्ली. गुजरातियों को देश के सबसे सफल कारोबारियों में शुमार किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी माना है कि गुजराती अपने बिजनेस प्रोजेक्ट की कॉस्ट कम करने के लिए खासी मेहनत करते हैं। आइए जानते हैं कि गुजराती क्यों सफल कारोबारी होते हैं और वह कैसे किसी डील पर काम करते हैं। आइए जानते हैं गुजरातियों के बिजनेस करने के सीक्रेट..

 

 

1. नहीं होती एमबीए डिग्री की जरूरत

माना जाता है कि गुजरातियों के जीन्स में ही बिजनेस बसा होता है। इन्हें कारोबार करने के लिए किसी भी एमबीए डिग्री की जरूरत नहीं होती है। वह बिना किसी हायर एजुकेशन के कारोबार संभाल सकते हैं। मुकेश अंबानी, गौतम अडानी इसका सबसे अच्छा उदाहरण हैं। इन्होंने हायर एजुकेशन छोड़कर बिजनेस संभाल लिया था।

 

 

2. गुजराती फैमिली में ही होते हैं कारोबारी जीन्स

गुजराती परिवारों में ज्यादातर मामा, मौसा, काका, भाई या पापा कोई न कोई बिजनेस जरूर करता मिलेगा। गुजराती परिवारों में बच्चों को कारोबारी टिप्स इन लोगों से बचपन में ही मिलने लगते हैं।

 

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3. बेस्ट मनी मैनेजर

गुजराती नौकरी मिलने पर भी बिजनेस करने के बारे में सोचता है। यह कहावत गुजरातियों में फेसम है कि थोड़ा समय मिले तो ये बिजनेस के बारे में ही सोचते हैं। वह सोचने से ज्यादा करने पर भरोसा करते हैं। 

 

 

4. अच्छा होता है गणित

गुजराती गणित में उतने अच्छे नहीं होते लेकिन वह मनी मैनेजमेंट करना अच्छे से जानते हैं। गुजराती ऐसा मानते हैं कि उन्हें कोई धोखा नहीं दे सकता।

 

 

5. जोखिम लेने से नहीं घबराते

गुजराती जोखिम लेने से नहीं घबराते। वह अपनी जिंदगी को भी ऐसे ही जीते हैं। इस मामले में सन फार्मा के एमडी दिलीप सांघवी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, अडानी ग्रुप के एमडी गौतम अडानी का नाम आता है, क्योंकि ये लोग बिजनेस में रिस्क लेने से नहीं घबराते।

 

आगे पढ़ें – क्यूं गुजरातियों को ऑर्डर लेना नहीं पसंद..

पीएम ने भी बताए थे गुजरातियों के गुण

मोदी ने बताया कि जब गुजराती और अहमदाबादी कोई चीज खरीदने जाते हैं तो एक-एक पैसे का हिसाब लगाते हैं। घाटे और फायदे के एक रूप-रंग को जांचते हैं। बैंक से लोन लेने जाते हैं, तो 10 बैंक का चक्कर काटते हैं। एक बैंक में 10-10 बार जाते हैं और देखते हैं कि कम रेट पर कौन सा बैंक लोन दे रहा है। अगर कोई आधा फीसदी भी कम कर दे तो खुशी मनाते हैं। ये गुजराती अच्छे से जानते हैं कि कैसे अपने लिए बेस्ट डील ढूंढनी है।

 

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