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गणेशजी ने किया इनके बिजनेस को हिट, काम कर गया खास आइडिया

गणेश चतुर्थी के मौके पर जानिए ऐसे बिजनेसमैन की कहानी, जिनका बिजनेस गणेशजी ने हिट किया

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नई दिल्ली. कस्टम मेड स्टैंप और क्वाइन बनाने वाले आलोक गोयल ने कभी 100 रुपए का सिक्का खरीदने के लिए अपने पिता से थप्पड़ खाया था। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने साल 1981 में 100 रुपए के सिल्वर क्वाइन निकाले थे। उस समय आलोक की जेब में 800 रुपए थे और वह इससे 100 रुपए के 5 सिल्वर क्वाइन खरीद लाए। तब 100 रुपए का सिल्वर क्वाइन उन्हें 130 रुपए में मिला। घर आए तो पिताजी ने सिक्के खरीदने के लिए बहुत डांटा। हालांकि इसके बावजूद देसी-विदेशी सिक्के जमा करने का उनका शौक खत्म नहीं हुआ। अब वह स्विट्जरलैंड, जर्मनी जैसे देशों की मिंट (सोने-चांदी के सिक्के बनाने वाली कंपनी) के बने सिक्कों को भारत में बेचने वाले अधिकृत प्रतिनिधि है। उनकी कंपनी एजी इंपैक्स विदेशी मिंट कंपनी के बनाए सोने-चांदी के कस्टम मेड सिक्के ऑनलाइन बेचती है। गणेशजी, बालाजी, साईंबाबा की तस्वीरों वाले इन सिक्कों को आलोक स्वयं डिजाइन करते हैं।

 

सबसे पहले बनाया गणेशजी का सिल्वर क्वाइन

आलोक गोयल ने moneybhaskar.com को बताया कि पहला क्वाइन गणेशजी का बनाया। सिल्वर क्वाइन पर हरे रंग के पीपल के पत्ते के गणेशजी बनाए गए हैं। उन पर लाल रूबी का टीका लगा था। गणेश चतुर्थी के दिन यह क्वाइन मंगाया गया। उन्होंने करीब 1,001 क्वाइन बेचे। मिंट ने 5,800 रुपए चार्ज किए और टैक्स और ड्यूटी के बाद क्वाइन की कीमत 6,900 रुपए आई। आलोक ने इस क्वाइन को 8,001 रुपए में बेचा और वह इसे अब 15,000 रुपए में बेच रहे हैं। इसका चूहे की शेप वाला बॉक्स आलोक ने ही डिजाइन किया।

 

 

ऐसे हुई बिजनेस की शुरुआत

स्विजरलैंड की मिंट कंपनी ने आलोक से संपर्क किया। साल 2010 में स्विट्जरलैंड फेडरल मिंट ने गोयल को उनकी हॉबी को कारोबार में तब्दील करने के लिए बुलाया। स्विट्जरलैंड की मिंट भारतीय बाजार में अपने क्वाइन आलोक के जरिए बेचना चाहती थी। गोयल ने बताया कि उन्होंने कंपनी को गोल्ड और सिल्वर के सिक्कों को भारतीय रूप में ढालकर बेचने की सलाह दी। ये आइडिया कंपनी को अच्छा लगा।

 

आगे पढ़ें - ऑथराइज इंपोर्टर बनने में लगा कितना समय...

क्वाइन के ऑथोराइज इंपोर्टर बनने में लगे 4 साल

भारत में क्वाइन का ट्रेड रेगुलेट किया जाता है और उस समय क्वाइन को ऑनलाइन बेचने की इजाजत नहीं थी। गोयल को क्वाइन का ऑथराइज इंपोर्टर बनने में 4 साल का समय लगा। इसी बीच साल 2013 में उन्होंने एजी इंपैक्स नाम से कंपनी खोली़, ताकि विदेशी मिंट के साथ मिलकर कस्टम मेड क्वाइन, स्टैंप पेपर, मेडल डिजाइन, मैन्युफैक्चर और बेचने का काम कर सके। यह कंपनी देश और विदेश में बैठे सभी लोगों को कस्टम मेड क्वाइन बेचती है। गोयल ने कहा कि उनके कस्टमर्स की गिनती में 60 फीसदी विदेशी और 40 फीसदी भारतीय है।

 

 

क्वाइन के अलावा बनाए स्टैंप

गणेशजी के बाद तिरुपति बालाजी को जर्मनी की मिंट ने बनाया। यह सबसे ज्यादा बिका। अभी हाल में आलोक गोयल ने साईं बाबा का क्वाइन बनाया। उन्होंने 500 क्वाइन बनवाए, जिसकी कीमत 9,900 रुपए है। गोयल क्वाइन के अलावा यूनिक स्टैंप भी बनाते हैं। साल 2014 में ही पहला स्टैंप गणेशजी पर बनाया, जिसकी कीमत 1,100 रुपए थी और यह अब 3,300 रुपए में बिक रहा है। दुर्गा मां की स्टैंप बनाई, जिसके 1,000 पीस अकेले केरल के एक कारोबारी ने खरीदे। उन्होंने बताया कि वह ज्यादातर रिटेलर को ही क्वाइन बेचते हैं, डीलर को नहीं।

 

आगे पढ़ें - आईटी की डिग्री नहीं होने के बाद भी चला रहे हैं आईटी कंपनी

 

क्वाइन, स्टैंप के बाद अब बना रहे हैं मेडल

आलोक ने बताया कि अब वह आजादी की थीम पर 33 नॉन सिल्वर विद सिल्वर कोटिंग मेडल बना रहे हैं। इसमें साल 1914 से 1947 तक के रहे माइलस्टोन को मेडल के जरिए बताया गया है। इसमें मीटिंग विद टैगोर, गांधी मार्च, सुभाष चंद्र बोस के साथ मीटिंग, हरिजन मूवमेंट, महात्मा गांधी के बारे में बताया गया है। 3डी तकनीक के बने मेडल की खासियत है कि इसमें मूर्ति बैठी हुई लगती है। इसे यूरोपियन मिंट बना रही है। इनकी कीमत 1,100 रुपए से शुरू है।

 

 

आईटी की डिग्री नहीं होने के बावजूद चला रहे हैं आईटी कंपनी

साल 2004 में आलोक ने आरबीआई का जारी किया 100 रुपए का सिल्वर क्वाइन 4 लाख रुपए में बेचा। आलोक ने बताया कि अब उनके पिताजी इस काम की तारीफ करते हैं। पेशे से कॉस्ट अकाउंटेट आलोक गोयल ने साल 1989 में आईटी कंपनी शुरू की। हालांकि, उन्होंने आईटी सेक्टर से जुड़ा कोई प्रोफेशनल कोर्स नहीं किया था। उनकी कंपनी एजी सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर कंसल्टैंसी प्राइवेट लिमिटेड ज्वैलरी, टीसीआई जैसी कपनियों के साफ्टवेयर बनाती है। देसी-विदेशी सिक्के जमा करने के शौक को कस्टम मेड क्वाइन और स्टैंप बेचने का कारोबार उन्होंने बीते साल ही शुरू किया।

 

 

गणेशजी के क्वाइन बिकते हैं सबसे जल्दी

गोयल ने बताया कि गणेशजी के क्वाइन सबसे जल्दी बिकते हैं। उन्होंने इसी साल जुलाई महीने में 200 क्वाइन खरीदे थे जो एक ही हफ्ते के समय में बिक गए। इसकी कीमत करीब 6,800 रुपए थी।

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