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नौकरी छोड़ खड़ी की 1.4 लाख करोड़ रु की कंपनी, अब उसे छोड़ने को मजबूर हुआ शख्स

बिन्नी और सचिन बंसल ने मिलकर देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी खड़ी की।

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नई दिल्लीFlipkart के को-फाउंडर और सीईओ बिन्नी बंसल ने वालमार्ट की तरफ से निजी तौर पर गड़बड़ी करने के बाद इस्तीफा दे दिया। कभी दो दोस्तों बिन्नी और सचिन बंसल ने मिलकर 2 कमरे के फ्लैट में शुरूआत की और उसे 1.4 लाख करोड़ रु की कंपनी​ बनाया। दोनों ने मिलकर देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी खड़ी की। कंपनी के साथ कई उतार-चढ़ाव देंखे लेकिन ये कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन उसी कंपनी से गड़बड़ियो के आरोपों के कारण इस्तीफा देना पड़ेगा। हालांकि, बिन्नी के इस्तीफा देने से एक दिन पहले ही उन्हें वालमार्ट की तरफ से मेल आया था।

 

ऐसे बनी फ्लिपकार्ट

 

फ्लिपकार्ट की नींव रखने वाले दो दोस्‍त सचिन बंसल और बिन्‍नी बंसल की मुलाकात आईआईटी दिल्‍ली में हुई थी। आईआईटी ग्रैजुएट दोनों दोस्तों ने पासआउट होने के बाद तकरीबन एक साल तक अलग-अलग कंपनियों में काम किया। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते दौर को देखते हुए दोनों ने अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ज्वाइन की। यहां काम करते वक्त दोनों ने अपना बिजनेस करने का मन बनाया। इसके लिए अक्‍टूबर 2007 में दोनों ने दो-दो लाख रुपए जुटाए और अमेजन छोड़कर ई-कामर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट की नींव रखी।

 

दो कमरों से शुरू किया बिजनेस

 

सचिन और बिन्नी ने बेंगलुरू के अपने 2 कमरों वाले फ्लैट में दो कम्प्‍यूटर के साथ बुक्‍स की ऑनलाइन बिक्री के लिए वेबसाइट शुरू की। लेकिन, दस दिनों तक उन्‍हें एक भी ऑर्डर नहीं मिला। इसी बीच उन्‍हें आंध्रप्रदेश से एक ग्राहक ने ‘लिविंग माइक्रोसॉफट टू चेंज द वर्ल्‍ड’ किताब का ऑर्डर दिया। यह कंपनी के लिए पहला ऑर्डर था।

 

18 महीने बाद मिला इन्वेस्टर

 

कंपनी शुरू करने के 18 महीने बाद तक सचिन और बिन्‍नी बंसल को अपने खर्च के लिए हर महीने पैरेंटस से दस हजार रुपए मंगाने पड़ते थे। हालांकि, बिजनेस न चल पाने से वो निराश नहीं हुए। आखि‍रकार किस्‍मत ने साथ दिया और साल 2009 में एसेल पार्टनर (इंडिया) का साथ मिल गया। एसेल पार्टनर ने फ्लिपकार्ट में 10 लाख डॉलर का निवेश किया। कारोबार बढ़ता गया और फ्लिपकार्ट को निवेशक मिलते गए। साल 2010 में टाइगर ग्‍लोबल ने भी फ्लिपकार्ट में भरोसा जताया और 2 करोड़ डॉलर का निवेश किया।

 

आगे पढ़ें - शुरू की बिग बिलियन डे सेल

ऑनलाइन मनी स्‍टोर प्रीपेड वॉलेट लॉन्च

 

निवेशक मिलने से कंपनी का दायरा बढ़ता गया। फ्लिपकार्ट ने वर्ष 2011 में ऑनलाइन मनी स्‍टोर प्रीपेड वॉलेट लॉन्च किया। इसे मार्केट में काफी पसंद किया गया। कंपनी ने अपने अगले चरण में वर्ष 2012 में इन्वेस्‍टर्स से 15 करोड़ डॉलर जुटाए और डिजिटल म्‍यूजिक स्‍टोर फ्लाइट लॉन्च किया।

 

सेलर्स के लिए बनाया मार्केटप्‍लेस

 

दो स्टोर लॉन्च करने के बाद फ्लिपकार्ट ने सेलर्स को अपनी कंपनी के साथ जोड़ने का प्लान बनाया। साल 2013 में कंपनी ने इसकी लॉन्चिंग भी कर दी। सेलर्स प्लेटफॉर्म मिलने से कुछ कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट ऑनलाइन बेचने में रुचि दिखाई और प्रोडक्‍ट की बिक्री शुरू की। इसके बाद फ्लिपकार्ट को ऑनलाइन ऑर्डर मिलने लगे। इस दौरान कंपनी को अपना डिजिटल म्‍यूजिक स्‍टोर फ्लाइट बंद करना पड़ा।

 

बिग बिलियन डे सेल शुरू की..

 

2014 में कंपनी के पास ग्रास मर्चेंडाइज वॉल्‍युम एक अरब डॉलर हो गई इसके बाद कंपनी ने 30 करोड़ डॉलर में ऑनलाइन शॉपिंग प्‍लेटफॉर्म www.myntra.com खरीदा। कंपनी ने इसी साल चीनी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा की तर्ज पर इंडिया में बिग बिलियन डे सेल लगाई। वहां से कंपनी की वैल्युएशन में बड़ा अंतर आया। आज फ्लिपकार्ट 1.91 अरब डॉलर(करीब 12033 करोड़ रुपए) की कंपनी हो गई है, लेकिन कंपनी को अन्‍य कई दूसरी कंपनियों से भी कड़ी चुनौती मिल रही है। आज फ्लिपकार्ट भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी में से एक है। अब इसकी 77 फीसदी हिस्सेदारी वालमार्ट के पास है।

 

आगे पढ़ें - वालमार्ट को बेची हिस्सेदारी

मई में वालमार्ट और फ्लिपकार्ट की हुई डील

 

इससे पहले मई में वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट को 1.05 लाख करोड़ रुपए (16 अरब डॉलर) में खरीदा था। वॉलमार्ट का फ्लिपकार्ट में 77 फीसदी हिस्सा है। इस डील में फ्लिपकार्ट के दूसरे को-फाउंडर सचिन बंसल को अपना 5.5 फीसदी हिस्सा बेच दिया था। बिन्नी बंसल कंपनी की कमान अभी भी संभाले हुए थे लेकिन निजी तौर पर गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। हालांकि, उन्हें इस्तीफा देने से एक दिन पहले ही वालमार्ट की तरफ से गड़बड़ियों को लेकर ई-मेल आया था।

 

 

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