बिज़नेस न्यूज़ » Industry » Companiesइन 5 लोगों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं बिल गेट्स, इनमें पोलियो के खिलाफ लड़ने वाले भारत के डॉक्टर मैथ्‍यू वर्गीस भी

इन 5 लोगों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं बिल गेट्स, इनमें पोलियो के खिलाफ लड़ने वाले भारत के डॉक्टर मैथ्‍यू वर्गीस भी

गेट्स का कहना है कि इन लोगों के दूसरों की भलाई करने की सोच ने उन्‍हें बहुत ज्‍यादा प्रभावित किया है...

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नई दिल्‍ली. दुनिया में लाखों लोग ऐसे हैं, जो बिल गेट्स को हीरो या यूं कहें अपना आदर्श मानते हैं। उनकी तमन्‍ना गेट्स की तरह की एक कामयाब अमीर इंसान बनने की है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्‍हें खुद बिल गेट्स अपना हीरो मानते हैं। गेट्स का कहना है कि इन लोगों के दूसरों की भलाई करने की सोच ने उन्‍हें बहुत ज्‍यादा प्रभावित किया है और उन्‍होंने इन सभी से कुछ न कुछ प्रेरणा ली है। बिल गेट्स की इस लिस्‍ट में 5 लोग शामिल हैं और रोचक बात यह है कि इनमें एक भारतीय भी है। आइए आपको बताते हैं कौन हैं ये 5 लोग और उनकी किस बात ने गेट्स को प्रभावित किया है- 

 


1. एडा ओकोली

एडा ओकोली एक नाइजीरियाई डॉक्‍टर हैं। एडा उस वक्‍त सुर्खियों में आईं जब दुनियाभर में इबोला नाम के वायरस की चर्चा थी। एडा लागोस हॉस्पिटल में इबोला के मरीजों की देखभाल में जुटी थीं। मरीजों का इलाज करते-करते एडा भी इबोला वायरस से ग्रसित हो गईं। ठीक होने के बाद एडा भविष्‍य में फैल सकने वाली महामारियों की रिसर्च, इलाज और रोकथाम में जुट गईं। उन्‍होंने अपना मेडिकल करियर इसी काम को समर्पित कर दिया। बिल गेट्स को खुद एडा ने इबोला से अपने संघर्ष की दास्‍तान बताई थी। उनकी हिम्‍मत और आशावादी व्‍यक्तित्‍व ने गेट्स को अत्‍यधिक प्रभावित किया। 

 

 

2. सेजेनेट केलेमू

सेजेनेट केलेमू इथोपिया के एक गांव से हैं। इस वक्‍त वह नैरोबी में इंटरनेशनल सेंटर फॉर इन्‍सेक्‍ट फिजियोलॉजी एंड इकोलॉजी की डायरेक्‍टर जनरल हैं। एक गांव से निकलकर इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने के सफर के पीछे सेजेनेट के गांव से जुड़ा एक वाकया है। सेजेनेट के गांव में एक बार टिड्डियों के झुंड ने फसल को खराब कर दिया था, जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। इस वाकये का सेजेनेट पर इतना ज्‍यादा असर हुआ कि उन्‍होंने ज्‍यादा फसल उगाने और ज्‍यादा आय कमाने में किसानों की मदद करने का फैसला कर लिया। उन्‍होंने ठान लिया कि वह विज्ञान की मदद से किसानों के काम आएंगी। अपने इस इरादे को पूरा करने के लिए सेजेनेट ने एग्रीकल्‍चर की पढ़ाई की। वह अमेरिका के ग्रेजुएट स्‍कूल में गईं और कॉलेज की डिग्री वाली अपने क्षेत्र की पहली महिला बन गईं। इसके बाद सेजेनेट ने दक्षिण अमेरिका के एक इंटरनेशनल रिसर्च इंस्‍टीट्यूट को ज्‍वॉइन किया। उन्‍होंने 25 सालों तक विदेश में प्‍लांट पैथोलॉजिस्‍ट के रूप में काम किया और फिर 2007 में वापस अफ्रीका लौटीं। अब उनका उद्देश्‍य वैज्ञानिकों की एक नई जनरेशन की अगुवाई करने का था। एक ऐसी जनरेशन जो दुनिया के छोटे किसानों को ज्‍यादा अनाज उगाने में मदद कर सके ताकि किसान गरीबी से बाहर आ सकें। 

 

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3. मैथ्‍यू वर्गीस

भारत के डॉ. मैथ्‍यू वर्गीस दिल्‍ली के सेंट स्‍टीफेंस हॉस्पिटल में ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं। डॉ. वर्गीस भारत में पोलियो वार्ड चलाने वाले अकेले इन्‍सान हैं। अपने वार्ड में डॉ. वर्गीस रिकन्‍स्‍ट्रक्टिव सर्जरी के जरिए पोलियो के मरीजों का इलाज करते हैं और उन्‍हें चल-फिर सकने के काबिल बनाते हैं। भारत में 2011 में हुआ पोलियो उन्‍मूलन दुनिया में पब्लिक हेल्‍थ के क्षेत्र में हासिल की गई बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। 2011 के बाद से भारत में पोलियो का एक भी नया केस सामने नहीं आया है लेकिन देश में अभी भी हजारों मरीज पोलियो से जूझ रहे हैं। 

 

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4. कैमिली जोन्‍स

कैमिली जोन्‍स वाशिंगटन के क्विन्‍सी के एक गांव में पली-बढ़ीं। 2008 में उन्‍होंने सिएटल पैसिफिक यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। 2010 में टीचर बनने के लिए कैमिली अपने होमटाउन लौट गईं। कैमिली का पढ़ाने का तरीका थोड़ा अलग है। वह स्‍टूडेंट्स को थ्‍योरी के बजाय प्रैक्टिकल के जरिए प्रशिक्षण देती हैं। कैमिली अपने स्‍टूडेंट्स को साइंस, टेक्‍नोलॉजी, इंजीनियरिंग, आर्ट्स और गणित में मौजूद संभावनाओं की खोज करने के लिए प्रेरित करती हैं। 2017 में उन्‍हें वाशिंगटन स्‍टेट टीचर ऑफ द ईयर चुना गया था। 

 

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5. एना रॉसलिंग

एना रॉसलिंग गैपमाइंडर की को-फाउंडर हैं। वह आर्ट और साइंस के जरिए दुनिया और इसमें रहने वालों की जिंदगी को समझाने की कोशिश कर रही हैं। बिल गेट्स के मुताबिक, वह एना के डॉलर स्‍ट्रीट को उनके काम का सबसे अच्‍छा उदाहरण मानते हैं। डॉलर स्‍ट्रीट में एना ने फोटो और बिग डाटा के जरिए यह समझाने की कोशिश की है कि लोग दुनिया में किस तरह से रहते हैं। गेट्स का मानना है कि रॉसलिंग की कोशिशें लोगों को खुद को और इस दुनिया को बेहतर तरीके से समझाने में मदद कर रही हैं। 

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