Home » Industry » Companiesफेसबुक पर नहीं दिखेंगे बिटकॉइन जैसी क्रिप्‍टोकरेंसी के विज्ञापन - Facebook bans ads for cryptocurrencies

बिटकॉइन के खिलाफ फेसबुक ने खोला मोर्चा, उठाया ये सख्‍त कदम

बिटकॉइन जैसी ही अन्‍य क्रिप्‍टोकरेंसी भी इस वक्‍त लोगों को लुभा रही हैं। लोग उनमें मुनाफा देखकर इन्‍वेस्‍ट कर रहे हैं।

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वाशिंगटन. दुनिया में इस वक्‍त बिटकॉइन काफी चर्चा में है। इसकी वजह है, इसकी लगातार बढ़ रही कीमतें। 2009 में जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब इसकी कीमत 15 पैसे थी लेकिन आज बिटकॉइन की कीमत 6  लाख रुपए के ऊपर जा चुकी है। पिछले महीने दिसंबर में यह 13 लाख रुपए के पार चला गया था।

 
बिटकॉइन जैसी ही अन्‍य क्रिप्‍टोकरेंसी भी इस वक्‍त लोगों को लुभा रही हैं। लोग उनमें मुनाफा देखकर इन्‍वेस्‍ट कर रहे हैं। लेकिन यह इन्‍वेस्‍टमेंट पूरी तरह सु‍रक्षित है, इस बात की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। हालांकि भारत में इस मुद्रा को न तो आधिकारिक अनुमति है और न ही इसे रेग्युलेट करने का कोई नियम बना है। 
 
दुनिया में जैसे-जैसे वर्चुअल या डिजिटल करेंसी का चलन बढ़ रहा है, उसके खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं। डिजिटल करेंसी के बढ़ते के चलन में धोखाधड़ी या जालसाजी बहुत ही आम है। इसी को देखते हुए फेसबुक ने अपने प्‍लेटफॉर्म पर हर तरह की क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित विज्ञापनों पर बैन लगा दिया है। इसके पीछे उद्देश्‍य लोगों को गुमराह करने वाले विज्ञापनों और धोखाधड़ी से बचाना है। फेसबुक प्रॉडक्‍ट मैनेजमेंट डायरेक्‍टर रॉब लेदर्न ने एक ब्‍लॉगपोस्‍ट में फेसबुक द्वारा क्रिप्‍टोकरेंसी के विज्ञापनों पर रोक लगाए जाने की घोषणा की।
 
आगे पढ़ें- क्‍या कहा फेसबुक ने 

क्‍या कहना है फेसबुक का 

फेसबुक ने कहा है कि वह उन फाइनेंशियल प्रॉडक्‍ट्स और सर्विसेज से जुड़े विज्ञापनों को बैन कर रही है, जो लोगों को गुमराह कर रहे हैं या फिर उनमें भ्रम फैला रहे हैं। ऐसे प्रॉडक्‍ट्स में बायनरी ऑप्‍शंस, इनीशियल कॉइन ऑफरिंग्‍स (आईसीओ) और क्रिप्‍टोकरेंसी शामिल किए गए हैं। पोस्‍ट में लेदर्न ने कहा कि हम चाहते हैं कि लोग धोखे या जालसाजी में फंसने के डर के बिना फेसबुक विज्ञापनों के जरिए नए प्रॉडक्‍ट और सर्विसेज के बारे में जानें। आगे कहा कि ऐसी कंई कंपनियां हैं, जो बायनरी ऑप्‍शंस, आईसीओ और क्रिप्‍टोकरेंसी का विज्ञापन कर रही हैं, जबकि ऐसी करेंसी फिलहाल विश्‍वसनीय तरीके से ऑपरेशनल नहीं हैं। 

 

आगे पढ़ें- क्‍या है आईसीओ और इनीशियल कॉइन ऑफरिंग्‍स 

क्‍या है आईसीओ और इनीशियल कॉइन ऑफरिंग्‍स 

इनीशियल कॉइन ऑफरिंग्‍स या आईसीओ कंपनियों के लिए इन्‍वेस्‍टर्स क्रिप्‍टोग्राफिक एसेट्स बेचकर फंड जुटाने का एक जरिया है। 

 

आगे पढ़ें- अमेरिका में डिजिटल करेंसी से हो रही थी ठगी 

एक अमेरिकी कंपनी द्वारा ठगी का मामला आया है सामने  

यूएस सिक्‍योरिटीज एंड एक्‍सचेंज कमीशन ने इसी हफ्ते टेक्‍सास की एक कंपनी एराइजबैंक द्वारा की जाने वाली इनीशियल कॉइन ऑफरिंग को बंद कर दिया। एराइजबैंक पर आरोप था कि वह बॉक्‍सर इवांडर होलीफील्‍ड जैसे सेलिब्रिटी एंडोर्सर्स  और सोशल मीडिया की आड़ लेकर इन्‍वेस्‍टर्स को ठग रही थी। कंपनी ने इसके लिए एराइजकॉइन नामक करेंसी का इस्‍तेमाल किया और उसका लक्ष्‍य लोगों से 100 करोड़ डॉलर ठगने का था। इसमें से कंपनी ने इन्‍वेस्‍टर्स से 60 करोड़ डॉलर कमा भी लिए थे। 

 

आगे पढ़ें- फेसबुक ला सकती है नई पॉलिसी 

 

ला सकती है नई पॉलिसी 

लेदर्न ने संकेत दिया कि भविष्य में क्रिप्‍टोकरेंसी से ताल्‍लुक रखने वाले बिजनेस के विज्ञापनों के लिए फेसबुक एक नई पॉलिसी ला सकती है। 

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