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इन 5 वजहों से हाथों में आई नौकरी गंवा देते हैं लोग, न करें ये गलतियां

इंटरव्यू में की गई इन गलतियों से फिसल सकता है हाथ आया ऑफर

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नई दिल्ली। कई बार लोगों को ये समझ में नहीं आता कि इंटरव्यू या बिजनेस मीटिंग के अच्छे तरीके से निपटने के बावजूद उनके हाथ से मौका फिसल क्यों गया। दरअसल बेहतर प्रजेंटेशन और अपने सब्जेक्ट पर कमांड से ही काम नहीं बनता। जाने अनजाने इंटरव्यू दे रहा शख्स ऐसे काम कर देता है जिससे उनके सफल होने के मौके घट जाते हैं। ऐसे में भले ही आपके जवाब अच्छे हों,इंटरव्यू लेने वाला आपको लेकर निगेटिव सोच बना लेता है। ऐसे में आपको चाहिए की सब्जेक्ट से अलग कुछ और बातों पर भी ध्यान रखना जरूरी हैं।

 

सबसे सख्त इंटरव्यूवर ने दी है ये टिप्स

 

- क्लोड लिटनर दुनिया के सबसे सख्त इंटरव्यूवर माने जाते हैं। उनके सामने अपने आइडिया, प्लान या फिर सिर्फ अपनी बात रखना काफी मुश्किल माना जाता है।

- लिटनर मशहूर शो द अप्रेन्टिस के जरिए शोहरत पा चुके हैं। उनका काम एसे प्रतियोगियों का इंटरव्यू लेना है जो 2.5 लाख पाउंड की रकम जीतने के लिए मुकाबला करते हैं।

- करीब 2 करोड़ रुपये की रकम दांव पर लगी होने की वजह से लिटनर छोटी से छोटी बात पर नजर रखते हैं।

- लिटनर से जब पूछा गया कि वो इतनी छोटी छोटी बातों पर नजर क्यों रखते हैं तो उन्होने जवाब दिया कि कम्पटीशन कड़ा होने पर यही छोटी छोटी बातें ही तय करती हैं कि विनर कौन होगा।

- लिटनर ने ही टिप्स दिए हैं ऑफऱ पाने के लिए कौन सी गलती से बचना चाहिए।

 

इंटरव्यू/मीटिंग रूम से बाहर निकलने का तरीका इंटरव्यू जितना ही अहम

- आम लोगों के मुताबिक इंटरव्यू तब खत्म होता है जब इंटरव्यू के सवाल खत्म हो जाते हैं। हालांकि लिटनर की माने तो इंटरव्यू तब खत्म होता है जब आप कमरे से बाहर निकल नहीं जाते।

- सवाल खत्म होने से लेकर मीटिंग रूम से बाहर निकलने का तरीका कड़े कंपटीशन में विनर तय कर सकता है।

- लिटनर के मुताबिक तेजी से बाहर निकलने वाले निगेटिव छाप छोड़ जाते हैं। अक्सर ऐसे लोग अपने जवाबों से इतने संतुष्ट हो जाते हैं कि उनकी बॉडी लैग्वेज में ओवर कॉन्फिडेंस आ जाता है। ये बात ही उनके लिए उल्टी पड़ जाती है।

- इंटरव्यू खत्म होने के संकेत मिलने के बाद कुछ देर के लिए ही सही रूके रहना साबित करता है कि आप इंटरव्यू से मिले किसी संकेत के बाद ढीले पड़ गए हो। भले ही ये आपका सिर्फ वहम हो। लेकिन इससे आपके लो कॉन्फिडेंस का पता चल जाता है।

- लिटनर के मुताबिक इंटरव्यू के खत्म होने के साथ सवाल जवाब खत्म हो जाते है, ऐसे में लोगों का व्यवहार सामान्य हो जाना चाहिए, उस पर इंटरव्यू से मिले संकेत हावी नहीं होने चाहिए।

- वहीं, लिटनर ऐसे लोगों से प्रभावित होते हैं जो जाते वक्त बेहद सीमित शब्दों में जता जाते हैं कि उनके लिए ये ऑफर अहम है।

 

एक शब्द के जवाब सही नहीं

- आमतौर पर सवाल छोटे होते हैं और जवाब उससे लंबे। ऐसे में अगर सवाल लंबा पूछा जाए और बदले में जवाब काफी छोटा मिले तो इससे इंटरव्यूवर असहज हो सकते हैं। जो बाद में आपके लिए ही नुकसानदेह साबित होगा।

- लिटनर के मुताबिक हां या न जैसे जवाबों से बचें। वो मानते हैं कि एक शब्द के जवाब से बुरा कुछ नहीं हो सकता। भले ही जवाब सही हो लेकिन इंटरव्यूवर आपको सुनना चाहता है और आपके जवाबों में से आगे के सवाल तलाशना चाहता है।

- छोटे जवाबों से आप उसे इसमें से एक भी मौका नहीं दोगे तो नुकसान आपका ही है।

 

इंटरव्यूवर से ज्यादा दोस्ताना रवैया सही नहीं

- एक अच्छा इंटरव्यूवर माहौल को हल्का बनाने की लगातार कोशिश करता है। लिटनर के मुताबिक ये उस इंटरव्यूवर की खासियत है आपकी नहीं।

- लिटनर सलाह देते हैं कि माहौल को लेकर इंटरव्यू लेने वाले को फॉलो तो करें लेकिन उसे कभी ओवरटेक न करें।

- यानि दोस्ताना माहौल में दोस्ताना रवैया रखना अच्छा है लेकिन जरूरत से ज्यादा फ्रैंडली होना आपके लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।

- वहीं अगर माहौल गंभीर है या सामान्य हो तो अपनी तरफ से उसे हल्का बनाने की कोशिश जोखिम भरी साबित हो सकती है।

- लिटनर की सलाह है कि इंटरव्यू के दौरान अपनी सीमाओं की पहचान करना जरूरी है, माहौल पर नजर रखें लेकिन फोकस सवालों और उसे जवाबों पर ही हो ते बेहतर होगा।

लापरवाही अच्छी नहीं

 

इंटरव्यू में लापरवाही हमेशा घातक होती है, और ये कई तरीकों से सामने आ सकती है।

- आपका लेट पहुंचना, जरूरी डाक्यूमेंट्स न रखना

- टार्गेट कंपनी के बारे में जानकारी नहीं रखना ये ऐसी लापरवाही है जो कई बार अच्छे से अच्छे कैंडीडेट को कंपटीशन से बाहर कर देती हैं।

- लिटनर के मुताबिक समय पर पहुंचना आपकी जिम्मेदारी है, लेट होने का कारण भले ही कितना ही सही क्यों न हो आप अपनी बढ़त खो देते हैं।

- वहीं टार्गेट कंपनी के बारे में जानकारी न रखने से संकेत मिलते हैं कि ऑफर मिलने से पहले आप कंपनी को लेकर गंभीर नहीं हैं। ये दोनो ही बड़े निगेटिव संकेत हैं।

 

अन्य उम्मीदवारों से तुलना न करें

- खुद को बेस्ट साबित करने की आपकी कोशिश आपको फील गुड तो करा सकती है, लेकिन हो सकता है कि इंटरव्यूवर को ये बातें पसंद न आएं।

- वहीं खुद को बेस्ट साबित कर हो सकता है आप उस समय ऑफर पा लें, लेकिन जॉब पर आते ही मैनेजमेंट आपके परफॉर्मेंस और आपके दावों की तुलना करने लगे और खरा न उतरने पर आपके हाथ आया मौका जल्द ही हाथ से निकल भी सकता है।

- लिटनर के मुताबिक आप क्या कर सकते हैं ये बताना काफी है, क्योंकि बेस्ट चुनना इंटरव्यू लेने वालों का काम है।

- लिटनर ने बताया कि कई बार वो बेस्ट लगने वाले लोगों को चुनते हैं, लेकिन काम पर आने के बाद वो उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते। ऐसे में सलेक्शन करने वाले उसी इंटरव्यू सेशन से ऐसे लोगों को बुला लेते हैं जिन्होने प्रदर्शन को लेकर ज्यादा ईमानदार रवैया दिखाया था।

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