Home » Industry » Companiesकम सैलरी के अलावा ये 3 चीजें भी होती हैं नौकरी छोड़ने की वजह -Despite of good salary people leave their jobs due to these reasons

पैसों के अलावा इन 3 वजहों से नौकरी छोड़ते हैं लोग, नाकाम रह जाती हैं कंपनियां

स्‍टडीज दर्शाती हैं कि आज के टाइम में लोग एक ही जगह पर सालों तक काम करने के बजाय जल्‍दी-जल्‍दी नौकरी बदलना पसंद करते हैं

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नई दिल्‍ली. स्‍टडीज दर्शाती हैं कि आज के टाइम में लोग एक ही जगह पर सालों तक काम करने के बजाय जल्‍दी-जल्‍दी नौकरी बदलना पसंद करते हैं। सैलरी और बेनिफिट्स, करियर में प्रोग्रेस, चैलेंजिंग रिस्‍पॉन्सिबिलिटीज आदि नौकरी छोड़ने की प्रमुख वजह होते हैं। लेकिन कई बार इन चीजों के मिलते हुए भी लोग नौकरी बदलते हैं। अच्‍छी सैलरी के बावजूद इम्‍प्‍लॉइज का मन काम में नहीं लगता। इसकी वजह यह है कि सैलरी के अलावा भी इम्‍प्‍लॉइज के लिए कुछ चीजें मायने रखती हैं और कंपनी में इनका न मिलना नौकरी छोड़ने की वजह बनता है। सीएनबीसी की एक रिपोर्ट में एक स्‍टडी के हवाले से ऐसी ही तीन वजहों का जिक्र है। आइए जानते हैं क्‍या हैं ये वजह- 

 

1. कम्‍युनिकेशन की कमी

स्‍टडी के मुताबिक, लोगों के बीच खराब कम्‍युनिकेशन या कम्‍युनिकेशन की कमी नौकरी छोड़ने की एक प्रमुख वजह होती है। उदाहरण के लिए कई बार इंप्‍लॉइज को कंपनी में हुए बदलावों या नए बेनिफिट्स के बारे में पता ही नहीं चल पाता। इंप्‍लॉइज और इंप्‍लॉयर में कम्‍युनिकेशन होना बहुत जरूरी है। फिर भले ही यह आमने-सामने बैठकर हो या फिर फोन या ईमेल के जरिए। कम्‍युनिकेशन अच्‍छा होने पर इंप्‍लॉयर भी इंप्‍लॉइज की परेशानियों और उनकी दिक्‍कतों से अवगत रहता है और समस्‍याओं का हल निकालने में मदद मिलती है। 

 

आगे पढ़ें- क्‍या है दूसरी वजह

 

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2. फ्लेक्सिबिलिटी न होना 

किसी भी कंपनी के इंप्‍लॉइज चाहते हैं कि इंप्‍लॉयर के व्‍यवहार में या यूं कहें कंपनी के कल्‍चर में कुछ हद तक फ्लेक्सिबिलिटी हो। यानी वह नए आइडिया और नई चीजों को अपना सके और मॉडर्न कल्‍चर के हिसाब से खुद में बदलाव कर सके। इसके अलावा कंपनी में हर किसी को एक ही तराजू में तौलने वाला इनवायरमेंट न हो। हर इंप्‍लॉई की दिक्‍कत, इंटरेस्‍ट और जरूरतें अलग-अलग होती हैं। उदाहरण के लिए युवा इंप्‍लॉइज का इंटरेस्‍ट जिम और एंटरटेनमेंट में हो सकता है तो ज्‍यादा उम्र वाले स्‍टाफ का इंटरेस्‍ट चाइल्ड केयर और सेविंग्‍स प्‍लान्‍स में। अगर फ्लेक्सिबिलिटी नहीं है तो कई इंप्‍लॉइज ऐसी जगह पर काम करना पसंद नहीं करते और नई नौकरी ढूंढने लगते हैं।  

 

आगे पढ़ें- तीसरी वजह

 

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3. जब अच्‍छे काम के बावजूद कंपनी न दे तवज्‍जो 

इंप्‍लॉई किसी कंपनी के लिए तभी पूरे डेडिकेशन से काम करता है, जब उसे लगे कि कंपनी भी उसके बारे में सोचेगी। वह चाहता है कि अगर वह अपने काम को अपना 100 फीसदी दे रहा है तो कंपनी भी उसकी प्रोगेस और डेवलपमेंट के बारे में सोचे। इसलिए इंप्‍लॉयर को चाहिए कि वह अपने इंप्‍लॉइज को उनकी क्षमता पहचानने और उन्‍हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी मदद मुहैया कराए। जहां पर इंप्‍लॉइज को उनके काम और टैलेंट के मुताबिक क्रेडिट और आगे बढ़ने के मौके नहीं मिलते, वहां के लिए काम करना इंप्‍लॉइज को भी पसंद नहीं आता। 

 

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