Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

बिज़नेस न्यूज़ » Industry » CompaniesBudget Impact: एक अप्रैल से महंगे होंगे टीवी, कंपनियां 5-10% तक बढ़ाएंगी कीमत

Budget Impact: एक अप्रैल से महंगे होंगे टीवी, कंपनियां 5-10% तक बढ़ाएंगी कीमत

नई दिल्ली। बजट में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का असर 1अप्रैल से शुरू हो जाएगा। सोनी, सैनसुई, फिलिप्स जैसी इंपोर्ट बेस्ड कंपनियां अपने प्रीमियम टीवी की कीमतों मे 5 से 10 फीसदी दाम बढ़ा सकती है। कई कंपनियों ने अपने डीलर्स और रिटेलर्स को इसकी सूचना दे दी है।


 

कंपनियां बढ़ा सकती है दाम

 

विजय सेल्स के एमडी नीलेश गुप्ता ने moneybhaskar.com को बताया कि जो कंपनियां इंडिया में मैन्युफैक्चरिंग की जगह इंपोर्ट करती हैं। उन्होंने दाम बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं। गुप्ता ने बताया कि ज्यादातर कंपनियों के मंहगे एचडी क्वालिटी एलईडी, एलीसीडी टीवी के पैनल्स और काफी पार्ट इंपोर्ट होते हैं। उनके दाम 1 अप्रैल से बढ़ सकते हैं।


 

1 अप्रैल से बढ़ेंगे दाम

 

इंडस्ट्री के मुताबिक काफी कंपनी ऐसी हैं जो अपने महंगे एलईडी, एलीसीडी, कर्व्ड टीवी के दाम 1 अप्रैल से 5 से 10 फीसदी तक बढ़ाएंगी। कंपनियों ने रिटेलर्स को 1 अप्रैल से नई प्राइस लिस्ट लाने के लिए कहा है। देश में ज्यादातर महंगे टीवी और एलईडी के पार्ट्स इंपोर्ट होते हैं और उन्हें इंडिया में लाकर असेंबल किया जाता है।

 

ऑटो एक्‍सपो 2018: कंपनि‍यों ने शोकेस कि‍या इंडस्‍ट्री का फ्यूचर, 2018 नहीं 2030 की है तैयारी

 

 

सरकार ने बजट में बढ़ाई कस्टम ड्युटी

 

अगर आप सोनी, फिलिप्स, एलजी, सैमसंग जैसे ब्रांड के महंगे टीवी या एलईडी खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो 1 अप्रैल से पहले खरीद लें। सरकार ने टीवी के पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। बजट में सरकार ने एसलीसीडी, एलईडी, ओएलईडी पैनल्स और अन्य पार्ट्स पर लगने वाली कस्‍टम ड्यूटी जो 7.5 फीसदी से 10 फीसदी थी, उसे बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा कुछ एलसीडी, एलईडी टीवी पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी नहीं थी, उस पर 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगा दी है।


 

इससे पहले कंपनियां एसी के दाम बढ़ा चुकी हैं..


कंज्‍यूमर ड्यूरेबल कंपनियेों ने 15 जनवरी से एसी के दाम 7 से 10 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। कंपनियों के मुताबिक उन्होंने इन्पुट कॉस्ट बढ़ने के कारण एसी के दाम बढ़ाएं हैं। एलजी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीते साल कॉपर की कीमत 5,500 डॉलर प्रति टन थी जो इस साल बढ़कर 6,800 डॉलर प्रति टन हो गई है। एसी में 70 फीसदी से ज्यादा कॉपर का इस्तेमाल होता है। वीडियोकॉन के एक अधिकारी के मुताबिक डॉलर महंगा होने, कॉपर और स्टील की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कंप्‍यूमर ड्यूरेबल कंपनियों की लागत बढ़ गई है जिसके कारण कंपनियों को दाम बढ़ाने पड़े हैं।


 

आगे पढ़ें... कितना बड़ा है कंज्‍यूमर ड्यूरेबल सेक्टर का मार्केट

 

 

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.