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8 साल पहले घर बेचकर शुरू किया बिजनेस, अब 12 शहरों में खोल दिए स्टोर

चुंबक ब्रांड रेडीमेड गारमेंट्स, बैग्स, गिफ्ट्स, ज्वैलरी, होम डेकोर जैसे प्रोडक्ट बेचता है।

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नई दिल्ली. अपना घर बेचकर बिजनेस शुरु करने का का रिस्क सभी में नहीं होता लेकिन चुंबक ब्रांड की को-फाउंडर शुभ्रा चड्ढा ने कॉरपोरेट जॉब को छोड़कर और घर बेचकर मिले पैसे से अपने कारोबार की शुरूआत की। छह महीने में ही उनका कारोबार डूबने की कगार पर पहुंच गया लेकिन इस मुश्किल घड़ी में उनके पति ने उनका साथ दिया। अब चुंबक ब्रांड की देश भर मे 17 स्टोर और ई-कॉमर्स शॉपिंग प्लेटफॉर्म है। चुंबक ब्रांड रेडीमेड गारमेंट्स, बैग्स, गिफ्ट्स, ज्वैलरी, होम डेकोर जैसे प्रोडक्ट बेचता है।

 

 

कॉरपोरेट जॉब छोड़ने की नहीं थी हिम्मत

 

 

चुंबक की को-फाउंडर शुभ्रा चड्ढा ने बिजनेस करने के बारे में नहीं सोचा था। बिजनेस करने को लेकर उनके पास आइडिया था लेकिन उनमें अच्छी सैलरी वाली कॉरपोरेट जॉब को छोड़ने की हिम्मत नहीं थी। लेकिन साल 2008 में उन्होंने अपनी बेटी के जन्म के बाद अपनी जॉब से ब्रेक लिया। बेटी के जन्म के बाद उन्होंने सोचा कि वह अब बिजनेस कर पाएंगी या कभी भी नहीं कर पाएंगी।

 

 

 

गिफ्ट बिजनेस शुरु करने का किया प्लान

 

 

उनका टारगेट ऐसे कस्टमर थे जिनकी अच्छे गिफ्ट्स की तलाश कभी खत्म नहीं होती। वह भारत के ऐसे लोगों के लिए प्रोडक्ट बनाना चाहती थी, जो बेहद अलग तरह की रेंन्ज चाहते हैं । उन्होंने शुरूआत में गिफ्ट बिजनेस के बारे में सोचा और उन्होंने ऐसे ऑप्शन सोचे जो आसानी से नहीं मिलते। उन्होंने करीब एक साल इसके कॉन्सेप्ट, डिजाइन, सप्लायर, प्राइसिंग, रिटेल स्ट्रैटजी पर काम किया और चुंबक की शुरूआत की।

 

 

आगे पढ़े - कैसे की शुरूआत..

 

घर बेचकर शुरु किया बिजनेस

 

 

चुंबक की को-फाउंडर शुभ्रा चड्ढा और उनके पति ने 40 लाख रुपए में अपना घर बेचकर बिजनेस शुरू किया। ये एक तरह का जुआं था लेकिन ये चल निकला। उसका यह फायदा हुआ कि अब उनका शहर में स्वयं का तीन कमरों का घर है। हालांकि, उनके शुरूआती छह महीने काफी मुश्किल थे और उनकी कंपनी डूबने की कगार पर पहुंच चुकी थी।

 

 

पति ने नौकरी छोड़ ज्वाइन किया बिजनेस

 

तब उनके पति प्रभाकर ने सन माइक्रोसिस्टम की नौकरी छोड़ी और चुंबक को सीईओ के पद पर फुल टाइम ज्वाइन किया। वह चुंबक का मार्केटिंग और सेल्स देखते हैं। शुभ्रा डिजाइन और प्रोडक्ट डेवलमेंट देखती है। अब उनका ब्रांड चुंबक लाइफस्टाइल ब्रांड भी बन चुका है। उनका चुंबक ब्रांड अब काफी फेमस हो चुका है। उनके आउटलेट में इंडियन कल्चर से प्रेरित कई प्रोडक्ट मिल जाएंगे।

 

साल 2010 में खोला पहला स्टोर

 

शुभ्रा ने मार्च 2010 में बंगलुरु में अपना पहला स्टोर खोला। ये स्टोर उन्होंने अपने पति विवेक प्रभाकर के साथ खोला। वह सन माइक्रोसिस्टम में फुल टाइम जॉब करते थे। उनकी शुरुआती प्रोडक्ट रेन्ज में मैग्नेट्स, की-चेन और कुशन कवर थे। अब उनके प्रोडक्ट रेन्ज में 100 से अधिक प्रोडक्ट शामिल है। वह अपने प्रोडक्ट अपनी वेबसाइट और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए बेचती हैं। उनके देश भर में 17 आउटलेट हैं।

 

आगे पढ़े - कैसे मिली फंडिंग

फंडिंग

 

उन्होंने करीब 20 लाख डॉलर का फंड सीडफंड इंडिया के जरिए लिया। इसके बाद सीडफंड और मैट्रिक्स पार्टनर ने चुंबक की फंडिंग की। चुंबक ने साल 2015 में 2,000 वर्ग फीट का स्टोर खोला ताकि वह अपना प्रोडक्ट रेन्ज अच्छे तरीके डिस्प्ले कर सके। शुरुआत के दो साल में चुंबक के प्रोडक्ट ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और मल्टी ब्रांड आउटलेट पर बिकते थे जहां उन्हें अच्छा रिस्पॉन्स मिला। चुंबक की ब्रांडिंग होने लगी थी।

 

अपने ब्रांड पर किया फोकस

 

शुभ्रा के मुताबिक उनके पास दो ऑप्शन थे। पहला, दूसरे स्टोर को सप्लाई करते रहें और थोड़े प्रॉफिट में खुश रहें। दूसरा, ब्रांड में इन्वेस्ट करें और अपने स्टोर्स खोलें और लॉन्ग टर्म प्रॉफिट पर फोकस करें। उन्होंने चुंबक के 44 कियॉस्क एक साल में खोले। उन्होंने ज्यादा भीड़ वाले माल और मार्केट एरिया में अपने कियॉस्क खोले जिसका फायदा उन्हें मिला। फिर उन्होंने 2,000 वर्ग फीट वाले स्टोर खोलने शुरू किए जिसके बाद उन्होंने कियॉस्क पर फोकस न के बराबर कर दिया। शुभ्रा ब्रांड को इंडिया का अपना लाइफस्टाइल ब्रांड बनाना चाहती है।

 

 

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