बेहद खास है 23 डिजिट का यह चेकबुक नंबर, बता देते हैं आपके अकाउंट की कुंडली

checkbook 23 digit बड़े और सेफ ट्रांजेक्‍शन के लिए हममे से ज्‍यादातर लोग कैश की बजाय चेक का यूज करना बेहतर समझते हैं। इलेक्‍ट्रॉनिक चेक मार्केट में आने के बाद अब फ्रॉड की गुंजाइश भी बेहद कम हो गई है। लेकिन इसे सबसे ज्‍यादा सेफ बनाते हैं नीचे लिखे गए 23 नंबर। अकाउंट नंबर, डेट नाम के अलावा चेक पर सबसे नीचे चार हिस्‍सों में लिखे इन नंबरों का बेहद खास मतलब होता है। आइए हम आपको इन्‍हीं नंबरों के बारे में बताते हैं...

moneybhaskar

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Oct 23,2018 04:35:00 PM IST

नई दिल्‍ली. बड़े और सेफ ट्रांजेक्‍शन के लिए ज्‍यादातर लोग कैश की बजाय चेक यूज करना बेहतर समझते हैं। मार्केट में इलेक्‍ट्रॉनिक चेक आने के बाद अब फ्रॉड की गुंजाइश भी बेहद कम हो गई है। लेकिन इसे सबसे ज्‍यादा सेफ बनाते हैं नीचे लिखे गए 23 नंबर। अकाउंट नंबर, डेट नाम के अलावा चेक पर सबसे नीचे चार हिस्‍सों में लिखे नंबरों का बेहद खास मतलब होता है। आइए हम आपको इन्‍हीं नंबरों के बारे में बताते हैं...

चार हिस्‍सों में लिखे होते है 23 डिजिट

- चेक पर ये 23 नंबर अलग-अलग चार हिस्‍सों में लिखे होते हैं।

- पहले हिस्‍से में जहां 6 नंबर लिखे होते हैं, वहीं दूसरे हिस्‍से में 9 नंबर लिखे होते हैं।

- इसके साथ ही तीसरे हिस्‍से में 6 तथा चौथे और आखिरी हिस्‍से में 2 नंबर लिखे होते हैं।

तीसरा हिस्सा

-तीसरा हिस्‍सा आपके बैंक अकाउंट नंबर के बारे में बताता है।

-अगली छह डिजिट या तीसरा हिस्‍सा बैंक एकाउंट नंबर की जानकारी देता है।

-यह नंबर नई इलेक्‍ट्रॉनिक चेक बुक्स में होता है, पहले की चेक बुक्स में यह नंबर नहीं होता था।

आगे पढ़ें- क्‍या मतलब होता है आखिरी के 2 डिजिट वाले हिस्‍से का...

चौथा हिस्सा - ट्रांजेक्शन आईडी होता है चौथा हिस्सा। - आखिरी की दो डिजिट ट्रांजेक्शन आईडी होती है। 29, 30 और 31 नंबर एट पार चेक को दर्शाते हैं और 09, 10 और 11 लोकल चेक को। - दूसरा हिस्सा बताता है एमआईसीआर कोड इसका मतलब Magnetic Ink Corrector Recognition होता है। - इस दूसरे हिस्से में आगे के कुल 9 डिजिट्स शामिल होते हैं। - यह नंबर बताता है कि आपका चेक किस बैंक से जारी हुआ है। - इसे चेक रीडिंग मशीन पढ़ती है। यह तीन हिस्सों में बंटा होता है। आगे पढ़ें - 9 डिजिट के एमआईसीआर कोड के 3 हिस्सों के बारे मेंMICR code का 9 डिजिट बंटा होता है 3 हिस्सों में - चेक के दूसरे हिस्से की नौ डिजिट कुल तीन हिस्सों में बंटी होती है। - इसमें पहला हिस्सा सिटी कोड होता है। इसकी मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि चेक किस शहर का है। - दूसरा हिस्सा बैंक कोड होता है। इसकी तीन डिजिट यूनीक कोड होता है। हर बैंक का अलग यूनीक कोड होता है। उदाहरण के तौर पर एक्सिस बैंक का 211 आदि। - तीसरा हिस्सा ब्रांच कोड के बारे में बताता है। हर बैंक का ब्रांच कोड अलग होता है। यह कोड बैंक से जुड़े हर ट्रांजैक्शन में इस्तेमाल किया जाता है।
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