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बदल रहे हैं नौकरी, तो वेतन को लेकर न करें 7 गलतियां

अगर आप नौकरी बदल रहे हैं, तो नए इम्प्लॉयर के साथ सैलरी पर बातचीत करते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।

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नई दिल्ली। अगर आप नौकरी बदल रहे हैं, तो नए इम्प्लॉयर के साथ सैलरी पर बातचीत करते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। आमतौर पर यूथ जेनरेशन और महिलाएं सैलरी के लिए बारगेन नहीं करते या बहुत जल्दी सैलरी के लिए हां या न कर देते हैं। ऐसा करने से हम हमेशा अपनी वैल्यू से कम सैलरी पाते हैं। यहां आपको ऐसी 7 सावधानियां बता रहा है, जो सैलरी पर बात करते समय अपनानी चाहिए।

 

 

सैलरी ऑफर’ पर बारगेन न करना

 

युवा वर्ग और महिलाएं अक्सर ये गलतियां करती हैं। वह ऑफर सैलरी पर बारगेन नहीं करते। जबकि, अगर ये लगता है कि आपको सैलरी कम ऑफर की गई है तो उस पर बारगेन करें। बेहतर सैलरी की मांग करे। कम सैलरी स्वीकार करने से शॉर्ट टर्म में आप कम कमाएंगे और वेतन बढ़ोतरी कम होगी। लंबे समय में नौकरी बदलने पर भी आपके वेतन बढ़ोतरी अन्य के मुकाबले कर रहेगी। ऑफर सैलरी पर बारगेन करना गलत नहीं है। ये आपका अधिकार है।

 

इम्प्लॉयर को कभी भी अपनी सैलरी के बारे में न बताएं..

 

इंटरव्यू के दौरान आप ये कभी न बताए की आप कितनी सैलरी लेना चाहते हैं। अक्सर नौकरी देने वाले ये पूछते हैं कि आप कितनी सैलरी लेना चाहते हैं। आप सैलरी को नेगोशिएबल रखें। सैलरी को बताकर फिक्स न कर दें।

 

आप अपनी वैल्यू से ज्यादा जरूरत पर फोकस करें

 

इम्प्लॉयर ये कभी नहीं सोचेगा कि आप अपना लोन भर पाएंगे या नहीं, बच्चों की फीस भर पाएंगे या नहीं, आपका खर्च चलेगा या नहीं। सैलरी पर बातचीत करने से पहले अपनी जरूरतों पर रिसर्च कर लें कि आपको अपने खर्च और सेविंग के लिए कितनी न्यूतम सैलरी चाहिए। आप इंटरव्यू में अपनी जरूरत पर फोकस करें न कि वैल्यू पर।

 

आगे पढ़ें – अपनी मार्केट वैल्यू का कैलकुलेशन कर लें..

जानें अपनी वैल्यू

 

अब काफी सारे ऑनलाइन टूल मौजूद हैं जो आपकी इंडस्ट्री और अनुभव के मुताबिक सैलरी बताते हैं। इससे आप अपनी मार्केट वैल्यू जान सकते हैं। आप ऑनलाइन अपने नए इम्प्लॉयर का सैलरी स्ट्रक्चर और परफॉर्मेंस अप्रेजल चेक कर सकते हैं। अगर आप सैलरी नेगोशिएट नहीं कर रहे हैं, तो आपको ये पता होगा कि मार्केट में आपकी और कंपनी की क्या वैल्यू है।

 

सैलरी ऑफर बहुत जल्दी स्वीकार या अस्वीकार करना

 

इंटरव्यू के दौरान ही ऑन स्पॉट सैलरी के कारण जॉब स्वीकार या अस्वीकार न करें। आप ये कहिए कि आपको सोचने के लिए समय चाहिए और बाद में जवाब देंगे। जॉब इंटरव्यू से लेकर फाइनल ऑफर में 15 से 20 दिन का समय आराम से लग जाता है। ऐसे में आपके पास सोचने और बारगेन करने का काफी समय होता है। इस समय में आप बेस्ट ऑफर के बारे में आराम से सोच सकते हैं।

 

आगे पढ़ें – सैलरी बारगेन पर न हों नाराज

सैलरी नेगोसिएशन को पर्सनली न ले

 

सैलरी नेगोशिएशन प्रॉसेस को पर्सनली न लें। इम्प्लॉयर के साथ जॉब और सैलरी की बातचीत का अगर कोई हल नहीं निकलता, तो नाराज या परेशान न हों। आप अपने इम्प्लॉयर को धन्यवाद करें और भविष्य में साथ काम करने का भरोसा जताकर आगे बढ़ जाएं। क्योंकि, अगली जॉब ऑफर में आपको कभी भी पुराने लोग मिल सकते हैं। इसलिए रिश्ते या छवि खराब करने से कोई फायदा नहीं है।

 

सैलरी का फाइनल ऑफर राइटिंग में लें

 

आप जो भी सैलरी लेना स्वीकार करते हैं, उसे ई-मेल पर मंगाए। अपने इम्प्लॉयर से जॉब ऑफर और सैलरी स्ट्रक्चर की जानकारी ई-मेल पर मंगाए। इससे किसी भी इम्पलॉयर को परेशानी नहीं होनी चाहीए। अगर कंपनी या इंप्लॉयर ऐसा करने से मना करता है, तो वहां नौकरी करने को लेकर सजग हो जाए कि कहीं आप गलत फैसला तो नहीं ले रहे।

 

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