Home » Industry » CompaniesChandni Chowk private lockers have space to keep three suitcases filled with notes

चांदनी चौक के प्राइवेट लॉकर में नोटों से भरे तीन सूटकेस रखने की जगह

हिसाब नहीं देने पर 1 करोड़ के देने पड़ सकते हैं 1.4 करोड़

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नई दिल्ली। chandni chowk |चांदनी चौक के प्राइवेट लॉकर में छापेमारी के दौरान इनकम टैक्स विभाग को कई राज मालूम हुए हैं। विभाग के अधिकारी धीरे-धीरे इसका खुलासा कर रहे हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि चांदनी चौक के इस प्राइवेट लॉकर में नोटों से भरे तीन सूटकेस आसानी से रखे जा सकते हैं। अमूमन बैंकों के लॉकर्स में इतनी अधिक जगह नहीं होती है। यही वजह है कि खारी-बावली से लेकर चांदनी चौक के बड़े व्यापारी बैंक लॉकर की जगह इन लॉकर में अपनी नकदी रखना अधिक पसंद करते थे। बताया जा रहा है कि छापेमारी की और कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

 

कैश का सही हिसाब नहीं देने पर 1 करोड़ के 1.4 करोड़ देना होगा
इनकम टैक्स के अधिकारियों के मुताबिक नगदी का सही हिसाब नहीं देने पर व्यापारियों को एक करोड़ रुपये की नकदी के बदले 1.4 करोड़ रुपए देने पड़ सकते हैं। अगर ये रुपए कालेधन साबित हुए तो एक करोड़ की राशि पर 35 लाख टैक्स और 105 फीसदी तक जुर्माने के प्रावधान की वजह से उन्हें 1.4 लाख करोड़ रुपए देने होंगे। ऐसे में जो व्यापारी कैश में मिले 25 करोड़ रुपए का सही हिसाब देने में सक्षम नहीं होंगे, वे अपने रुपए को क्लेम नहीं करेंगे। हालांकि विभाग प्राइवेट लॉकर में रखने वाले 300 से अधिक कारोबारियों की तलाश कर रही है।   

 

नोटबंदी के बाद पुराने रुपये को नए में बदल कर उसे बैंक लॉकर या घर में छिपाने के बजाय उसे प्राइवेट लॉकर में छिपाने का काम किया गया। अब सरकार की सख्ती पर प्राइवेट लॉकर पर छापेमारी का सिलसिला शुरू गया है। इनकम टैक्स के अधिकारियों के मुताबिक उनकी सूचना के मुताबिक देश के सिर्फ बड़े शहरों के प्राइवेट लॉकर में 500 करोड़ रुपए कैश होने की आशंका है। दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में हाल ही में इनकम टैक्स की छापेमारी के दौरान एक छोटी सी दुकान में चल रहे प्राइवेट लॉकर से 25 करोड़ रुपए कैश बरामद किए गए। यह दुकान मेवे की है, लेकिन यहां प्राइवेट लॉकर चलाने का काम भी हो रहा था।

 

इनकम टैक्स अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें अपने सोर्स के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय से भी काले धन के बारे में सूचना मुहैया कराई जा रही है जिसके आधार पर छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि छापेमारी का यह सिलसिला जारी रहेगा और दिल्ली के साथ मुंबई, बंगलुरु जैसे शहरों में भी भारी मात्रा में कालेधन के रूप में नकदी होने की सूचना है।  कुछ माह पहले दिल्ली के साउथ एक्स में स्थित प्राइवेट लॉकर में इनकम टैक्स ने छापमारी की थी जिसमें करोड़ों रुपए बरामद किए गए थे। 

 

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भीड़भाड़ वाले इलाके की छोटी दुकान से चलते है ये रैकेट
इनकम टैक्स के अधिकारियों ने बताया कि प्राइवेट लॉकर का काम मुख्य रूप से भीड़भाड़ वाले बाजार की छोटी-छोटी दुकानों से ऑपरेट किया जा रहा है ताकि वहां हर कोई आसानी से नहीं पहुंच सकता है। वहां छापेमारी की कार्रवाई भी आसान नहीं होती है। यही वजह है कि दिल्ली के सबसे व्यस्तम बाजार चांदनी की छोटी सी दुकान में कई बड़े व्यापारियों ने यहां के लॉकर में अपनी-अपनी नकदी छिपा रखी थी। उन्होंने बताया कि प्राइवेट लॉकर चलाने वाले पैसे रखने एवं उसकी देखरेख के एवज में बैंकों के मुकाबले काफी मोटी रकम वसूलते हैं। सरकार से इजाजत लेकर भी प्राइवेट लॉकर का काम किया जाता है, लेकिन यहां मिलने वाली रकम या किसी भी चीज के लिए सरकार जिम्मेदार नहीं होती है।

 

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थोक व्यापारियों के व्यापार की भी हो सकती है जांच
सूत्रों के मुताबिक इनकम टैक्स विभाग को इस बात की आशंका है कि दिल्ली के कई थोक व्यापारियों का कारोबार हवाला के माध्यम से आने वाले पैसे से चल रहा है। ऐसे में, इन कारोबारियों के पूरे व्यापार की पड़ताल की योजना बनाई जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस माह में कम से कम दर्जन भर से अधिक जगहों पर छापेमारी की कार्रवाई के लिए टीम तैयार की गई है।

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