Home » Industry » Companiesगुजराती क्यों होते हैं बिजनेस में सफल - Business secret of Gujraati

गुजराती क्यों होते हैं बिजनेस में सबसे ज्यादा सफल, ये है सक्सेस मंत्र

गुजराती सफल कारोबारी होते हैं और वह डील पर पूरा फोकस करते हैं। आइए जानते हैं गुजरातियों के बिजनेस करने के सीक्रेट..

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नई दिल्ली। गुजराती कारोबारी देश के सबसे सफल कारोबारी होते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी माना है कि गुजराती अपने बिजनेस प्रोजेक्ट को लेकर कॉस्ट कम करने को लेकर बहुत मेहनत करते हैं। आइए जानते हैं कि गुजराती क्यूं सफल कारोबारी होते हैं और वह कैसे किसी डील पर काम करते हैं। आइए जानते हैं गुजरातियों के बिजनेस करने के सीक्रेट..

 

इनके परिवार में ही है कारोबारी जीन्स

 

- गुजराती परिवार में ज्यादातर मामा, मौसा, काका, भाई या पापा कोई न कोई बिजनेस जरूर करता मिलेगा। गुजराती परिवारों में बच्चो को कारोबारी टिप्स इन लोगों से बचपन में ही मिलने लगते हैं।

 

- माना जाता है कि गुजरातियों के जीन्स में ही बिजनेस बसा होता है। इन्हें कारोबार करने के लिए किसी भी एमबीए डिग्री की जरूरत नहीं होती है। वह बिना किसी हायर एजुकेशन के कारोबार संभाल सकते हैं। मुकेश अंबानी, गौतम अडानी इसका बेस्ट उदाहरण हैं। इन्होंने हायर एजुकेशन छोड़कर बिजनेस संभाला।

 

 

आगे पढ़ें – क्यूं गुजरातियों को ऑर्डर लेना नहीं पसंद

गुजरातियों को नहीं पसंद ऑर्डर लेना

 

गुजरातियों को दूसरे लोगों के ऑर्डर लेना पसंद नहीं होता। ये गौतम अडानी और धीरूभाई अंबानी को दूसरों से ऑर्डर लेना पसंद नहीं था। वह हमेशा अपने लिए काम करना चाहते हैं। गौतम अडानी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें दूसरों से ऑर्डर लेना पसंद नहीं था इसलिए उन्होंने अपना कारोबार करने के बारे में सोचा। धीरूभाई अंबानी ने भी कहा है कि अपने सपनों को पूरा करों, नहीं तो कोई और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आपको हायर कर लेगा।

 

गुजराती कुछ भी सकते है बेच

 

 

 

गुजराती अच्छे सेल्समैन होते हैं। ऐसा माना जाता है कि अंटार्टिका में आइसक्रीम बेच सकते हैं और रेगिस्तान में रेत। सामान बेचना उनके बाएं हाथ का काम है। धीरूभाई अंबानी इसका बेस्ट उदाहरण है।

 

 

आगे पढ़ें – मैथ्स में अच्छा नहीं होने के बावजूद मनी मैनेजमेंट में हैं बेस्ट

 

बेस्ट मनी मैनेजर

 

- गुजरातियों को नौकरी मिलने पर भी बिजनेस करने के बारे में सोचता है। ये कहावत गुजरातियों में फेसम है कि थोड़ा समय मिले तो ये बिजनेस के बारे में ही सोचते हैं। वह सोचने से ज्यादा करने पर भरोसा रखते हं।

 

 

- गुजराती गणित में उतने अच्छे नहीं होते लेकिन वह मनी मैनेजमेंट करना अच्छे से जानते हैं। गुजराती ऐसा मानते है कि उन्हें कोई धोखा नहीं दे सकता।

 

 

आगे पढ़ें – गुजरातियों रिस्क लेने में क्यूं नहीं घबराते..

 

 

 

जोखिम लेने से नहीं घबराते

 

 

गुजराती जोखिम लेने से नहीं घबराते। वह अपनी जिंदगी को भी ऐसे ही जीते हैं। इस मामले में सन फार्मा के एमडी दिलीप सांघवी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, अडानी ग्रुप के एमडी गौतम अडानी का नाम आता है क्योंकि ये लोग बिजनेस में रिस्क लेने से नहीं घबराते।

 

 

पीएम मोदी के मुताबिक गुजराती सफलता के पीछे ये है कारण

 

मोदी ने बताया कि जब गुजराती और अहमदाबादी कोई चीज खरीदने जाते हैं तो एक-एक पैसे का हिसाब लगाते हैं। घाटे और फायदे के एक रूप-रंग को जांचते हैं। बैंक से लोन लेने जाते हैं, तो 10 बैंक का चक्कर काटते हैं। एक बैंक में 10-10 बार जाते हैं और देखते हैं कि कम रेट पर कौन सा बैंक लोन दे रहा है। अगर कोई आधा फीसदी भी कम कर दे तो खुशी मनाते हैं। ये गुजराती अच्छे से जानते हैं कि कैसे अपने लिए बेस्ट डील ढूंढनी है।

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