Home » Industry » CompaniesBSNL unions defer indefinite strike by 1 week to December 10

BSNL ने 10 दिसंबर तक स्थगित की अनिश्चितकालीन हड़ताल

रविवार को बीएसएनएल के कर्मचारी यूनियन ने टेलीकॉम सेक्रेटरी अरूणा सुंदरराजन ने मुलाकात की थी।

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नई दिल्ली। सार्वजनिक दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल(BSNL) के सभी कर्मचारियों ने दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा से मुलाकात किए जाने के चलते 10 दिसंबर तक अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित करने का फैसला किया है। कर्मचारियों ने बीते रविवार को यह फैसला किया। इससे पहले बीएसएनएल के कर्मचारियों ने सोमवार से हड़ताल पर जाने का फैसला किया था। रविवार को बीएसएनएल के कर्मचारी यूनियन ने टेलीकॉम सेक्रेटरी अरूणा सुंदरराजन ने मुलाकात की थी , जिसके बाद उनका मानना है कि बैठक में उनकी कुछ मांगों को लेकर प्रगति हुई है।

 

इनमें 4जी स्पेक्ट्रम के आवंटन, पेंशन में संशोधन सहित अन्य मुद्दे शामिल हैं। अरूणा सुंदरराजन से मुलाकात के बाद ऑल यूनियन्स ऐंड असोसिएशन्स ऑफ बीएसएनएल (एयूएबी) ने बयान जारी कर कहा है कि वे तीसरे वेतन संशोधन की उनकी मांग पर सचिव के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। 

 

एयूएबी ने किया हड़ताल को 1 सप्ताह के लिए टालने का फैसला
इस स्थिति में ऑल यूनियन्स ऐंड असोसिएशन्स ऑफ बीएसएनएल (एयूएबी) ने बयान में कहा 'वर्तमान परिस्थितियों में संचार राज्य मंत्री से बातचीत की संभावनाओं को सुनिश्चित करने के लिए एयूएबी ने अनिश्चितकालीन हड़ताल को 1 सप्ताह के लिए टालने का फैसला किया।' आपको बता दें कि बीएसएनएल यूनियन की मांग है कि सार्वजनिक सेक्टर की फर्म को 4जी स्पेक्ट्रम का आवंटन किया जाए ताकि वह बाजार में प्रतिस्पर्धा करने और बाजार में अपनी हिस्सेदारी को बनाए रखने में सक्षम हो। 

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निष्कर्ष नहीं निकला तो 10 दिसंबर से जाएंगे हड़ताल पर
इसके अलावा यह भी मांग की है कि दूसरे और तूसरे वेतन संशोधन समितियों के आधार पर कर्मचारियों के वेतन में भी संशोधन किया जाए। इसके साथ ही एयूएबी ने यह भी कहा कि यदि माननीय संचार राज्य मंत्री  के साथ मीटिंग में कोई अच्छा निष्कर्ष नहीं निकला तो वह 10 दिसंबर को रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।

 

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बीएसएनएल ने रिलायंस जियो को ठहराया जिम्मेदार
बीएसएनएल की कर्मचारी यूनियन ने दूरसंचार क्षेत्र में आए वित्तीय संटक के लिए रिलायंस जियो को जिम्मेदार ठहराया है। कर्मचारियों ने  आरोप लगाया है कि सरकार रिलायंस जियो को अन्य कंपनियों की तुलना में ज्यादा संरक्षण दे रही है। कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि सरकार ने बीएसएनएल को 4जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन इसलिए नहीं किया ताकि कोई भी कंपनी रिलायंस जियो से प्रतिस्पर्धा ना कर सके। कंपनी ये यह भी कहा कि रिलांयस जियो की ओर से बाजार को बिगाड़ने वाली दरें रखे जाने के चलते सूचना दूरसंचार क्षेत्र संकट में है।  

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