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फ्लिपकार्ट छोड़ने के बाद बिन्नी बंसल वॉलमार्ट से मांगेंगे 700 करोड़ रुपए, ये है बड़ी वजह

कंपनी में अपनी बाकी हिस्सेदारी बनाए रखेंगे बिन्नी बंसल

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नई दिल्ली। Flipkart के को-फाउंडर और सीईओ बिन्नी बंसल ने वालमार्ट की तरफ से निजी तौर पर गड़बड़ी करने के बाद कुछ ही समय पहले अपने पद से इस्तीदा दे दिया था। जिसके बाद अब मिंट में छपी एक खबर के मुताबिक बिन्नी बंसल अब वॉलमार्ट से नकद रकम की मांग कर सकते हैं। वॉलमार्ट और फ्लिकार्ट में हुए अनुबंध के बाद बंसल को वॉलमार्ट में 4-4.5 फीसदी हिस्सेदारी से अगस्त 2020 के बाद 5,964 करोड़ मिलने  चाहिए। हालांकि इस्तीफे के बाद बंसल को तत्काल लगभग 700 करोड़ रुपए का छोटा भुगतान मिल सकता है। अगस्त 2020 के भुगतान के बाद, बंसल फ्लिपकार्ट में अपने शेष हिस्से को जारी रखेंगे।

 

 बिन्नी बंसल और वॉलमार्ट ने अपने प्रवक्ता के जरिए अभी इस खबर पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है। गौरतलब है कि बिन्नी बंसल और सचिन बंसल ने मिलकर फ्लिपकार्ट को शुरू किया था।  उन्होंने कंपनी के साथ कई उतार-चढ़ाव देंखे लेकिन ये कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन उसी कंपनी से गड़बड़ियो के आरोपों के कारण इस्तीफा देना पड़ेगा। हालांकि, बिन्नी के इस्तीफा देने से एक दिन पहले ही उन्हें वालमार्ट की तरफ से मेल आया था।

 

अगली स्लाइड में पढ़ें कैसे बनी थी फ्लिपकार्ट

ऐसे बनी फ्लिपकार्ट

फ्लिपकार्ट की नींव रखने वाले दो दोस्‍त सचिन बंसल और बिन्‍नी बंसल की मुलाकात आईआईटी दिल्‍ली में हुई थी। आईआईटी ग्रैजुएट दोनों दोस्तों ने पासआउट होने के बाद तकरीबन एक साल तक अलग-अलग कंपनियों में काम किया। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते दौर को देखते हुए दोनों ने अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ज्वाइन की। यहां काम करते वक्त दोनों ने अपना बिजनेस करने का मन बनाया। इसके लिए अक्‍टूबर 2007 में दोनों ने दो-दो लाख रुपए जुटाए और अमेजन छोड़कर ई-कामर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट की नींव रखी।

 

दो कमरों से शुरू किया बिजनेस

सचिन और बिन्नी ने बेंगलुरू के अपने 2 कमरों वाले फ्लैट में दो कम्प्‍यूटर के साथ बुक्‍स की ऑनलाइन बिक्री के लिए वेबसाइट शुरू की। लेकिन, दस दिनों तक उन्‍हें एक भी ऑर्डर नहीं मिला। इसी बीच उन्‍हें आंध्रप्रदेश से एक ग्राहक ने ‘लिविंग माइक्रोसॉफट टू चेंज द वर्ल्‍ड’ किताब का ऑर्डर दिया। यह कंपनी के लिए पहला ऑर्डर था।

 

 

 अगली स्लाइड में पढ़ें 18 महीने बाद मिला इन्वेस्टर

कंपनी शुरू करने के 18 महीने बाद तक सचिन और बिन्‍नी बंसल को अपने खर्च के लिए हर महीने पैरेंटस से दस हजार रुपए मंगाने पड़ते थे। हालांकि, बिजनेस न चल पाने से वो निराश नहीं हुए। आखि‍रकार किस्‍मत ने साथ दिया और साल 2009 में एसेल पार्टनर (इंडिया) का साथ मिल गया। एसेल पार्टनर ने फ्लिपकार्ट में 10 लाख डॉलर का निवेश किया। कारोबार बढ़ता गया और फ्लिपकार्ट को निवेशक मिलते गए। साल 2010 में टाइगर ग्‍लोबल ने भी फ्लिपकार्ट में भरोसा जताया और 2 करोड़ डॉलर का निवेश किया।

 

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