Home » Industry » Companiesकामयाबी के लिए बिल गेट्स को छोड़नी पड़ी थी ये बुरी आदत - Bill gates had to quit this common bad habit to become successful

कामयाबी के लिए बिल गेट्स को छोड़नी पड़ी थी एक बुरी आदत, हर इन्‍सान में है मौजूद

बिल गेट्स को भी कामयाबी हासिल करने के लिए अपनी एक खराब आदत को छोड़ना पड़ा था।

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नई दिल्‍ली. अरबों डॉलर की कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर और अरबपति बिल गेट्स को कौन नहीं जानता। कामयाबी पाने की चाह रखने वाले कई इन्‍सानों के लिए तो वह आदर्श हैं। लोग उन्‍हें फॉलो करते हैं। लेकिन कामयाबी पाने और अमीर बनने का सपना यूं ही पूरा नहीं हो जाता। इसके लिए कड़ी मेहनत तो जरूरी है ही, साथ ही खराब आदतों को भी छोड़ना जरूरी है। बिल गेट्स को भी कामयाबी हासिल करने के लिए अपनी एक खराब आदत को छोड़ना पड़ा था। उसके बाद वह इस मुकाम पर पहुंचे। वह आदत थी काम को टालने की आदत। यह आदत बहुत ही कॉमन है और ज्‍यादातर लोगों में होती है। लेकिन कामयाब बनने की राह में यह भी एक बड़ा रोड़ा है। 

 

गेट्स ने कहां किया था इसका खुलासा 

सबसे पहले 2005 में यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्‍का-लिंकन के कॉलेज ऑफ बिजनेस एडमिनिस्‍ट्रेशन के स्‍टूडेंट्स के साथ एक सेशन में गेट्स ने अपनी इस खराब आदत का जिक्र किया। इस सेशन में उनके साथ अरबपति इन्‍वेस्‍टर वॉरेन बफे भी मौजूद थे। इसके बाद 2016 में भी बिल गेट्स ने अपनी इस टाल-मटोल वाली आदत का जिक्र किया था। तब उन्होंने आस्‍क मी एनीथिंग रेडिट पोस्‍ट में इस पर चर्चा की थी। 

 

सोर्स- CNBC मेक इट 

 

आगे पढ़ें- गेट्स को कब लगी यह आदत 

कॉलेज में विकसित हुई ये आदत 

गेट्स बताया कि वह पहले बड़े पैमाने पर काम को टालने वाले हुआ करते थे। गेट्स के अंदर यह बुरी आदत तब विकसित हुई, जब वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में स्‍टूडेंट हुआ करते थे। वह कॉलेज टाइम में अपनी क्‍लासेज अटेंड नहीं करते थे, इसके बजाय वह उन क्‍लासेज को अटेंड करते थे, जिनमें उनका एडमिशन नहीं था। 

इसकी वजह थी कि उन्‍होंने फैसला किया था कि वह सबसे अलग बनेंगे और कोई क्‍लास अटेंड नहीं करेंगे। पास होने के लिए वह फाइनल एग्‍जाम से केवल कुछ दिन पहले, कभी-कभी केवल दो दिन पहले जमकर पढ़ाई करते थे। उन्‍हें जल्‍दी-जल्‍दी सब तैयारी करनी होती थी। इसके चलते लोगों के सामने मेरी ऐसी छवि बन गई थी कि यह इन्‍सान ऐन वक्‍त से पहले कुछ नहीं करता। 

 

आगे पढ़ें- छुटकारा पाने में लगे कई साल 

आदत को छोड़ने में लगे कई साल 

गेट्स के मुताबिक, जब मैंने बिजनेस में कदम रखा तो मैंने पाया कि काम को टालना बहुत ही खराब आदत है। मेरी ऐन वक्‍त पर काम करने की आदत को किसी ने नहीं सराहा। तब मैंने इस आदत को छोड़ने का फैसला किया। मैंने कॉलेज के उन्‍हीं स्‍टूडेंट्स की तरह बनने का फैसला किया, जो हर वक्‍त ऑर्गेनाइज्‍ड र‍हते थे और वक्‍त पर अपना काम करते थे। लेकिन ऐसा तुरंत नहीं हो सका, मुझे इस आदत को छोड़ने में कई साल लग गए। 

 

आगे पढ़ें- स्‍टडीज और रिसर्च भी मानते हैं बुरा 

स्‍टडीज और रिसर्च भी टाल-मटोल की आदत को बता चुके हैं नुकसानदेह 

चीजों को आगे के लिए टालना और ऐन वक्‍त पर काम निपटाने की आदत को कई स्‍टडीज में भी खराब बताया गया है। स्‍टडीज के मुताबिक, भले ही काम को टालने से आपको थोड़े समय के लिए आजादी मिल जाए लेकिन इसकी लागत इस शॉर्ट टर्म आजादी से कहीं ज्‍यादा चुकानी होती है। एक रिसर्च के मुताबिक, टाल-मटोल की आदत इन्‍सान की काम करने की योग्‍यता को प्रभावित करती है और इसके चलते इन्‍सान को ज्‍यादा दबाव और टेंशन का सामना करना पड़ता है।   

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