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एयरहोस्टेस को ट्रेनिंग में करने पड़ते हैं ये काम, नहीं होगा यकीन

एयरहोस्टेस की लाइफ देखने में ग्लैमरस लगती है लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें भी काफी मुश्किल ट्रेनिंग से गुजरना पड़

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नई दिल्ली। एयरहोस्टेस की लाइफ देखने में ग्लैमरस लगती है लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें भी काफी मुश्किल ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। वह फ्लाइट में नर्स, डॉक्टर, स्विमर, लाइफ सेवर, फूड सर्वर जैसे सभी रोल निभाने होते हैं। इन रोल को निभाने के साथ उन्हें ग्लैमरस और सभ्य भी दिखना होता है। ये सभी गोल को पाने के लिए एयरहोस्टेस को टफ ट्रेनिंग दी जाती है। आइए जानते हैं कितनी टफ ट्रेनिंग दी जाती है एयरहोस्टेस को..

 

इंटरनेशनल एयलाइंस कंपनियां भेजती हैं अपने ट्रेनिंग स्कूल

 

बिजनेस इन्साइडर के मुताबिक एक एयरहोस्टेस ने बताया कि इंटरनेशनल एयरलाइंस कंपनियां जैसे डेल्टा फ्लाइट में जॉब के लिए फ्लाइट अटेंडेट और एयरहोस्टेस को काफी मुश्किल ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें जॉब ज्वाइन करने से पहले ट्रेनिंग स्कूल में भेजा जाता है। इस ट्रेनिंग को इमरजेंसी के समय एयरलाइंस कंपनियां लाइफलाइन मानती हैं इसलिय यहां फेल होने पर एयरहोस्टेस को नौकरी पर नहीं रखा जाता।

 

बेबी डिलीवरी की भी दी जाती है ट्रेनिंग

 

इंटरनेशनल एयरलाइंस कंपनियों में एयरहोस्टेस और फ्लाइट अटेंडेंट को बच्चों को लेकर खास तौर पर ट्रेनिंग दी जाती है। एक फ्लाइट अटेंडेंट के मुताबिक फ्लाइट में एयरहोस्टेस को ही डॉक्टर, पुलिस ऑफिसर, फायर फाइटर.. सभी माना जाता है। उन्हें सभी मुश्किलों और इमरजेंसी सिचुएशन की ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें आर्टिफिशियल तरीके से सांस देने से लेकर फ्लाइट में बेबी डिलीवरी करने तक की ट्रेनिंग दी जाती है।

 

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90 सेकंड में फ्लाइट को खाली करने की दी जाती है ट्रेनिंग

 

इंटरनेशनल एयरलाइंस कंपनियों में एयरहोस्टेस और फ्लाइट अटेंडेंट को पूरे प्लेन को 90 सेकंड में खाली करने की ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें 2 हफ्तों की ट्रेनिंग के बाद इमरजेंसी मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जाती है जहां अगर प्लेन के आधे गेट बंद है तब भी सभी यात्रियों के साथ प्लेन को 90 सेंकड में खाली करने की ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें पैसेंजर्स के लिए शॉर्ट इंस्ट्रक्शन याद कराए जाते हैं जैसे बेंड ओवर, स्टे डाउन, स्टे सीटेड आदि ताकि किसी भी इमरजेंसी सिचुएशन में पैसेंजर्स को हैंडल कर सके। उन्हें इमरजेंसी स्लाइडर से प्लेन खाली करना भी सिखाया जाता है।

 

इंजेक्शन लगाने की दी जाती है ट्रेनिंग

 

इंटरनेशनल एयरलाइंस कंपनियों में एयरहोस्टेस और फ्लाइट अटेंडेंट को इंजेक्शन लगाने की भी ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें इंजेक्शन के साथ तमाम बीमारियों से जुड़ी वैक्सीनेशन के बारे में बताया जाता है। ताकि इमरजेंसी के समय उन्हें लाइफ सेविंग वैक्सीनेशन और इंजेक्शन लगाने के तरीके के बारे पता हो। फ्लाइट दुनिया के तमाम देशों में जाती है ऐसे में उन्हें अलग-अलग दशों में होने वाली बीमारी और उसे जुड़ी दवाई के बारे में जानकारी दी जाती है।

 

 

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अगर नहीं आती स्विमिंग तो नहीं बन पाएंगे एयरहोस्टेस

 

 

अगर स्विमिंग नहीं आती तो इंटरनेशनल एयरलाइंस कंपनियों में एयरहोस्टेस और फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी मिलना नामुमकिन हो जाएगा। उन्हें ट्रेनिंग के दौरान पूल ड्रिल ट्रेनिंग दी जाती है। एयरहोस्टेस ने बताया कि पूल ड्रिल ट्रेनिंग में उन्हें स्विमिंग के दौरान एक दूसरे को खींचना और इमरजेंसी राफ्ट पर चढ़ाना सिखाया जाता है जो एक टफ ट्रेनिंग का पार्ट है।

 

ड्रेस कोड और ग्रूमिंग की होती है ट्रेनिंग

 

 

एयरहोस्टेस और फ्लाइट अटेंडेट को ड्रेसकोड और मेकअप की टफ ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें घड़ी पहनने के लिए कहा जाता है। बड़ी इंटरनेशनल एयरलाइंस कंपनियों में एयरहोस्टेस और फ्लाइट अटेंडेट पर्सलन इमेज कंसल्टेंट के जरिए होती है जिसके जरिए उन्हें यूनिफॉर्म और ग्रुमिंग ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें हर बार इमेज कंसल्टेंट की चेकिंग रूटीन से गुजरना होता है। असेसमेंट में स्टाफ का लुक, ड्रेस, बालों से लेकर पैरों तक का स्टाइल चेक किया जाता है। उनके बाल,  सैंडल,  सॉक्स,  फिंगरनेल्स और घड़ी पहनने के तरीके को चेक किया जाता है। अगर आपने इंटरनेशनल एयरलाइंस कंपनियों के साथ बार-बार गलती की तो उन्हें नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

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