Advertisement
Home » Industry » CompaniesA cow shelter that earns in millions

गौशाला से भी आप कमा सकते हैं लाखों रुपए, जाने क्या है पूरी प्रक्रिया

गौशाला में करें गायों की सेवा और कमाएं लाखों भी

1 of

नई दिल्ली। एक गौशाला से भी आप लाखों रुपए कमा सकते हैं और इसे सच कर दिखाया है राजस्थान के श्री गोपाल गौशाला ने। श्री गोपाल गौशाला झुंझुनू शेखावाटी क्षेत्र की प्राचीनतम गौशाला है। यह गौशाला राजस्थान के शेखावाटी अंचल की राणी सती दादी की नगरी झुंझुन मे स्थित है, जिसकी स्थापना लगभग 110 वर्ष पहले हुई थी। इस गौशाला की स्थापना श्री हरिनारायणजी नाजिम की प्रेरणा व सहयोग से हुई थी। जिसे बाद में श्री जमनाधरजी टीबडा व श्री मख्खनलालजी खेतान ने इसकी तन मन धन से सेवा कर इसे प्रगति के नए मुकाम पर पहुंचाया। वर्तमान में गौशाला में 1258 गायें हैं। गौशाला में 25 कर्मचारी है जो सेवा भाव से कार्य मे लगे रहते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गौशाला ने साल 2017-18 में 3.5 करोड़ रुपए के राजस्व के साथ  50 लाख रुपए की कमाई की।

 

गौशाला में गायों के लिए खरीदा जाता है 20 मिलियन रुपए का चारा
आपको बता दें कि इसमें से 110 लाख राजस्व सिर्फ दूध बेचने और खाद से आता है। इसके साथ ही केंद्र सरकार से इस गौशला को 83 लाख रुपए का अनुदान दिया जाता है। इसके साथ ही गौशाला में गायों के लिए 200 लाख रुपए का चारा खरीदा जाता है जबकि हर साल गायों के लिए नया घर बनाने के लिए 20 लाख रुपए खर्च किए जाते हैं। श्री गोपाल गौशाला के एक अधिकारी का कहना है कि इस साल बनाए गए गायों के घर पिछली बार से ज्यादा बड़े हैं। इस गौशाला की एक और खासियत यह है कि इसमें 31 फाउंडिग मेंबर्स हैं जिन्होंने इस गौशाला की स्थापना के दौरान 100,000 रुपए की प्रारंभिक पूंजी की थी। इन्हीं 31 मेंबर्स में से कुछ को गौशाला का अधिकारी बनाया गया है। 

 

अगली स्लाइड में पढ़ें देख-परख के खरीदा जाता है गायों के लिए चारा

गायों के लिए खरीदा जाता है 11 किलो चारा
बात की जाए तो गौशाला के अंदर सभी काम अपने समय से किए जाते हैं ताकि गायों की सेहत अच्छी बने रहे। गौशाला के  अंदर 2 किलोमीटर तक फैले 2 वेयरहाउस हैं। यह इतने बड़े हैं कि इसमें कोई एयरक्राफ्ट आसानी से आ सकता है।  इस वेयरहाउस में गायों का चारा नरखा हुआ है। गौशाला के ही एक कर्मी ने बताया कि हम गायों के लिए चारा काफी देख-परख कर खरीदते हैं और ध्यान रखते हैं कि उसमें कोई धूल और मिट्‌टी ना हो। उन्होंने यह भी बताया कि वह ज्यादातर मानसून के बाद किसानों से चारा खरीदते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह किसानों से 11 किलो चारा खरीदते हैं जिससे 3 महीनों तक गायों का पेट भरा जा सकता है। चारे के अलावा गायों को भुट्‌टा और सरसों भी खिलाया जाता है जिससे उनका पोषण होता है। यह उन्हें खाना खिलाने के बाद खिलाया जाता है।

 

अगली स्लाइड में पढ़ें कैसे की जाती है गायों में कैल्शियम की कमी पूरी

दिल्ली से बुलाया जाता है जानवरों के डॉक्टर को
इसके अलावा गौशाला में चूने से भरा एक बड़ा तालाब है जिसका पानी पिलाकर गायों में कैल्शियम की कमी को पूरा किया जाता है।  इसके अलावा राय ने बताया कि गौशाला में बीमार गायों के एक अलग जगह बनाई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि जब भी कोई गाय बीमार पड़ती है तो उसे देखने के लिए दिल्ली से जानवरों के डॉक्टर को बुलाया जाता है जिसे हर दौरे के 6 हजार रुपए दिए जाते हैं। इसके साथ ही गायों के बच्चों के लिए एक अलग जगह बनाई गई है।  राय ने बताया कि हर साल गौशाला में 120 नए बच्चे जन्म लेते हैं। इसी के साथ ही राय ने यह भी बताया कि सभी गायों का दूध स्टाफ द्वारा ही निकाला जाता है इसके लए किसी मशीन का इस्तेमाल नहीं किया जाता। प्रतिदिन गायों से 600 लीटर दूध निकाला जाता है जिसके बाद इस दूध को शहरों के पास मौजूद सभी डेयरी में भेजा जाता है।                       

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Advertisement
Don't Miss