Home » Industry » Companies56% home buyers choose RERA for filing first complaint

मैजिकब्रिक कन्ज्यूमर पोल का खुलासा, शिकायत दर्ज करने के लिए रेरा को चुनते है 56 पर्सेंट लोग

एक साल पहले लागू हुए रियल स्टेट अधिनियम 2016 ने धीरे-धीरे लोगों का भरोसा जीत लिया है।

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नई दिल्ली। एक साल पहले लागू हुए रियल स्टेट अधिनियम 2016 ने धीरे-धीरे लोगों का भरोसा जीत लिया है। हाल ही में मैजिकब्रिक की ओर से किए गए कन्ज्यूमर पोल के मुताबिक घर खरीदने वाले 56 फीसदी उपभोक्ता अपनी पहली शिकायत रेरा में ही दर्ज कर रहे हैं। 56 फीसदी उपभोक्ताओं का मानना है कि वह किसी भी विवाद में रेरा से संपर्क करना पसंद करेंगे। जबकि अभी भी 23 फीसदी ऐसे उपभोक्ता हैं जो अपनी शिकायत बिल्डर के पास दर्ज कराना चाहते हैं।

 

इसके साथ ही घर खरीदने वाले 12 फीसदी उपभोक्ताओं ने बताया कि वह अपनी शिकायत उपभोक्ता अदालत में दर्ज कराएंगे। वहीं 7 फीसदी उपभोक्ता पुलिस के पास और 2 फीसदी उपभोक्ता उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के पास जाना पसंद करते हैं।

 

रियल स्टेट के क्षेत्र में रेरा ने जीता लोगों का दिल
इससे साफ जाहिर होता है कि रियल स्टेट के क्षेत्र में रेरा ने लोगों का दिल जीत लिया है। इस मामले में जयश्री कुरूप ने मैजिकब्रिक्स से कहा, धीरे -धीरे रेरा घर खरीदने वाले लोगों को आश्वस्त कर रहा है। साथ ही यह सुनिश्चित कर रहा है कि परियोजना को समय पर पूरा किया जाए। एक साल में रेरा अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं का हल निकालने की पूरी कोशिश की है। उन्होंने यह भी अह लोग रेरा  में शिकायत दर्ज कराते समय हिचकिचाते नहीं हैं। मैजिकब्रिक्स ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को लेकर उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली, गुरूग्राम, आदि के रेरा अधिकारियों से बात की।

 

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हरियाणा में 1200 लोगों ने रेरा में दर्ज कराई शिकायत
इस पर हरियाणा के श्री के के खंडेलवाल ने कहा कि अभी तक 1200 लोग रेरा में शिकायतें दर्ज करा चुके हैं। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि उनके पास कुल 1800 शिकायतें आ चुकी हैं। वहीं खंडेलवाल ने यह भी सुझाव दिया कि शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया ऑनलाइन होनी चाहिए। इसके मसाथ ही मामले को हल करने के लिए उन्हें ज्यादा बैंच की जरूरत है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के राजीव कुमार ने कहा कि उनके पास कुल 8100 शिकायतें आई है जिनमें से 2200 शिकायतों को निपटा दिया गया है। और 2019 तक सभी शिकायतों को निपटा दिया जाएगा। 

 

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रेरा अटकी हुई परियोजनाओं को निपटाने में निरंतर प्रयासरत 
मध्यप्रदेश के एंथोनी डेसा ने सुझाव देते हुए कहा कि सभी शिकायतों की पहली सुनवाई 30 दिन के अंदर हो जानी चाहिए। उपभोक्ता की गलती होने पर वह बातचीत से  समस्या का हल करने की कोशिश करते हैं। उत्तरी भारत में भी रेरा अधिकारी उपभोक्ताओं की समस्या को हल करने में लगे हुए हैं। ओद्यौगिक संगठन क्रेडाई और नारेडको ने रेरा पर विश्वास जताया है कि वह सभी परियोजनाओं को पूरा करने में मदद करेगा। इससे यह साफ है कि रेरा पर लोगों ने भरोसा करना शुरू कर दिया है और साथ ही रेरा अटकी हुई परियोजनाओं को निपटाने में निरंतर प्रयासरत है। 

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