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ओशो के इन 5 विचारों में छिपे हैं बिजनेस के बड़े मंत्र, आजमाएं होगी तरक्‍की

ओशों के विचारों में आप बिजनेस के लिए भी सीख ले सकते हैं। ये तरक्‍की करने में आपकी मदद कर सकते हैं...

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नई दिल्‍ली. मॉर्डन वर्ल्‍ड ओशो को ऐसे फिलॉसफर के तौर पर याद करता है, जिसके पास हर सवाल का जवाब होता था। जवाब भी ऐसा जिसे शायद आप सोच न सकें। कभी-कभी उनके तर्क इतने प्रभावशाली होते थे कि सामने खड़ा बड़े से बड़ा विद्वान भी शांत हो जाता है। यही कारण है कि अपने जीवन काल में उन्‍हें जैसी प्रसिद्धी मिली वैसी प्रसिद्ध अपने जीवन काल में शायद ही कोई आध्‍याम्यिक गुरू हासिल कर सका है।  

 

11 दिसंबर 1931 को पैदा हुए ओशो की मौत 19 जनवरी 1990 को रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई। ओशो ने अपने शिष्‍यों के सामने रोजाना प्रवचन देते थे। वो अपने शिष्‍यों की परेशानियां सुनते और फिर उसका समाधान बताते। ओशो के समाधान हमेशा तार्किक होते थे। उनके सामाधान में बिजनेस की सीख भी होती थी। ओशो के जन्‍मदिन के मौके पर आइए जानते हैं कि कैसे आप उनके बिचारों से बिजनेस करना सीख सकते हैं.... 

 

 

सोर्स: ओशो डॉट कॉम  

आपका फोकस हमेशा तय रहना चाहिए 

जीवन में 2 चीजें एक साथ नहीं चल सकती हैं। आपका फोकस तय होना चाहिए। अगर आप बिजनेस कर रहे हैं तो सिर्फ बिजनेस करें। मेडिटेशन कर रहे हैं तो मेडिटेशन। नहीं तो बिजनेस में मेडिटेशन आ जाएगा और मेडिटेशन मे बिजनेस। आप पर लोग हंसेंगे।   


 

अनुशासन और कंट्रोल जरूरी  

बिजनेस में असफलता के चलते आपको आया हार्ट अटैक यह बताया है कि आपका अनुशासन और कंट्रोल दोनों ठीक नहीं है। भला कैसे हो सकता है कि घाटा बिजनेस में हो रहा है और असर शरीर पर पड़ रहा है। दरअसल बीमारी असफलता छिपाने के बहाने से जयादा कुछ नहीं है। 


 

आप का प्रोडक्‍ट यूनीक  हो 

किसी से किसी तरह की प्रतिस्‍पर्धा करने की जरूरत नहीं है। आप जैसे हैं खुद में पूरे हैं। खुद को स्‍वीकार करिए। मतलब आप यूनीक होंगे, तभी आपकी पूछ होगी।  

इनोवशन के लिए भूलना जरूरी 

सवाल यह नहीं है कि आप कितना सीखते हैं। वड़ा सवाल यह है कि आप कितना भूलते हैं। कुछ नया करने के लिए पुराने को भुलाना बेहद जरूरी है।  

आप ही तय करते हैं सफलता असफलता 

आप दुखी हैं तो अपनी वजह से, आप सुखी हैं तो भी अपनी वजह से। आपकी सफलता और असफलता को कोई उत्‍तरदायी नहीं है। अपनी अपना स्‍वर्ग हैं और आप ही अपना नर्क। 

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