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नौकरी देने से पहले अमेजन खुद से करती है 3 सवाल, जेफ बेजोस ने 20 साल पहले किए थे सेट

बेजोस चाहते थे कि कंपनी जैसे-जैसे आगे बढ़े, उसके स्‍टैंडर्ड्स भी उच्‍च हों...

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नई दिल्‍ली. अमेजन के फाउंडर और दुनिया के सबसे अमीर शख्‍स जेफ बेजोस की कंपनी में इस वक्‍त 5 लाख से ज्‍यादा इंप्‍लॉई हैं। लेकिन 1995 में जब बेजोस ने अपने ऑफिस को गैराज से सियाटन के ऑफिस में शिफ्ट किया था, तो अमेजन की टीम केवल 10 लोगों की थी।  

 

बेजोस चाहते थे कि कंपनी जैसे-जैसे आगे बढ़े, उसके स्‍टैंडर्ड्स भी उच्‍च हों। इसलिए बेजोस ने 20 साल पहले 1998 में शेयरहोल्‍डर्स को एक लेटर लिखा। इस लेटर में उन्‍होंने इंप्‍लॉइज की हायरिंग के लिए तीन सरल सवालों का उल्‍लेख किया था, जो कैंडीडेट्स के लिए न होकर रिक्रूटर्स यानी नियुक्ति करने वालों के लिए थे बेजोस ने लेटर में अपील की थी कि किसी भी कैंडीडेट को नौकरी देने से पहले रिक्रूटर्स खुद से ये तीन सवाल करें।  आइए आपको बताते हैं कि क्‍या थे जेफ बेजोस द्वारा 20 साल पहले सेट किए गए वे सवाल-  


1. क्‍या यह इन्‍सान आपको पसंद है?

सबसे पहले जेफ बेजोस अमेजन रिक्रूटर्स को किसी भी कैंडीडेट के बारे में व्‍यक्तिगत तौर पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। यानी यह कि रिक्रूटर्स प्रोफशनल न होकर पर्सनल लेवल पर सोचें कि उन्‍हें कैंडीडेट कैसा लगा। बेजोस लिखते हैं कि मैं हमेशा ही ऐसे लोगों के साथ काम करने की कोशिश की है, जिन्‍हें मैं पसंद करता हूं, जिनकी तारीफ करता हूं और मैं अपनी कंपनी से भी यही मांग करता हूं। अगर आप इस तरह से सोचते हैं तो ज्‍यादातर ऐसा होता है कि आप उनसे कुछ न कुछ सीखते हैं। बेजोस की इस स्‍ट्रैटेजी को फेसबुक सीईओ मार्क जुकरबर्ग भी फॉलो करते हैं। 

 

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2. क्‍या इस इंसान के आने से ग्रुप के एवरेज इफेक्टिवनेस लेवल में इजाफा होगा?

बेजोस के इस सवाल का उद्देश्‍य किसी इंसान की इनोवेशन के लिए क्षमता को आंकना है। बेजोस अपने लेटर में लिखते हैं कि चीजें तेजी से और लगातार बदल रही हैं। इसलिए मैं लोगों से कंपनी को आज से 5 साल बाद के समय के हिसाब से ध्‍यान में रखने को कहता हूं। इसी के मुताबिक कैंडीडेट की क्षमता का आकलन जरूरी है। 

 

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3. इस इंसान की खासियत क्‍या है?

बेजोस के मुताबिक, किसी कैंडीडेट के व्‍यक्तिगत टैलेंट पर विचार करना भी जरूरी है। कई लोगों में खास स्किल्‍स, रुचियां और दृष्टिकोण होता है। हो सकता है कि कुछ चीजें आपके काम से जुड़ी हुई न हों और इनसे रोज के काम में कोई मदद न मिले। लेकिन ये चीजें आपके काम और काम की जगह को आनंदायक बना सकती हैं।  

 

सोर्स- CNBC

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