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नकली GST बि‍ल यूज कर रहे हैं बि‍जनेसमैन-असली को ऐसे पहचानें, हर दुकानदार को नहीं है आपसे टैक्‍स लेने का हक

महज 2 महीने में 2000 की कर चोरी पकड़ी गई है।

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नई दि‍ल्‍ली। जीएसटी को लागू हुए 1 साल बीत चुका है, मगर अभी भी यह पूरी तरह से स्‍ट्रीमलाइन नहीं हो पाया है। खुद सरकार ने पि‍छले महीने यह जानकारी दी कि महज 2 महीने में 2000 की कर चोरी पकड़ी गई है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड (CBEC) के सदस्य जॉन जोसेफ के मुताबिक, बिजनेसमैन नकली बिल का इस्तेमाल कर रहे हैं। दि‍ल्‍ली स्‍थि‍त चार्टर्ड एकाउंटेंट, रवि‍ शंकर गुप्‍ता ने बताया कि‍ केवल वही दुकानदार जीएसटी वसूल सकता है, जि‍सने रजि‍स्‍ट्रेशन कराया है।  मनी भास्‍कर आपको बता रहा है कि‍ नकली जीएसटी बि‍ल और जीएसटी नंबर को कैसे पकड़ना है। अपने मोबाइल से ये काम कर सकते हैं। सबसे पहले आपको ये चेक करना होगा कि‍ दुकानदार को GST वसूलने का अधि‍कार है भी या नहीं।

2,000 करोड़ रुपए से अधिक की चोरी

जोसफ 28 जून को कहा था, "हमने 1-2 महीने की छोटी अवधि में 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की चोरी का पता लगाया है, जो बहुत थोड़ा है, जीएसटी इंटेलिजेंस विंग जीएसटी चोरी रोकने के लिए व्‍यापक स्‍तर पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। जोसफ ने कहा कि जांच से पता चला है कि योजनाबद्ध तरीके से माल के लिए फर्जी चालान तैयार किए जा रहे हैं, लेकिन माल सप्‍लाई नहीं किया जा रहा है। इन चालानों के आधार पर, कुछ कंपनियां इनपुट टैक्‍स क्रेडिट का दावा कर रही हैं। इसके अलावा, सामान को वास्तव में एक्‍सपोर्ट किए बिना, कुछ कंपनियां फर्जी चालानों के आधार पर जीएसटी रिफंड का दावा कर रही हैं। ऐसे में यह स्‍टडी करना बेहद जरूरी है कि सिस्‍टम में कहां खामी है।  आगे पढ़ें.......

ऐसे करें चेक 
 

1. मान लें आप कि‍सी रेस्‍टोरेंट जाते हैं और खाने के बि‍ल में जीएसटी भी लगा आता है तो ऐसा वही रेस्‍टोरेंट कर सकता है जि‍सने अपना रजि‍स्‍ट्रेशन कराया हो। अगर आपको जरा भी शक है तो महज कुछ सेकेंड में इसे चेक कर सकते हैं। 

अगर कोई आपसे जीएसटी वसूल रहा है तो उसे आपको बि‍ल देना चाहि‍ए। सबसे पहले तो अगर बि‍ल पर जीएस टि‍न (GSTIN) नहीं दि‍या है तो मान लें कि‍ ये बि‍ल फर्जी है। अगर बि‍ल पर जीएस टि‍न (GSTIN) दि‍या है तो आप उसे चेक करें। इस नंबर से आप पहचान सकते हैं कि‍ जि‍स दुकान या होटल से आपको बि‍ल मि‍ला है वह रजि‍स्‍टर्ड है भी या नहीं। इसे आप सरकार की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।
 इसका लिंक है - https://services.gst.gov.in/services/searchtp 

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सर्च करेंगे तो आएगी डि‍टेल


2. यहां आपको बि‍ल पर लि‍खा 15 अंकों वाला जीएसटीन नंबर डालकर सर्च करना होगा। उस दुकानदार की डि‍टेल आपके सामने आ जाएगी।  जीएसटीएन 15 अंकों का नंबर होता है जो रजि‍स्‍ट्रेशन कराने वाले हर दुकानदार को दि‍या जाता है। इसमें अंक और अंग्रेजी के अक्षर होते हैं। इसके पहले दो अंक राज्‍य का कोड होते हैं। अगले 10 नंबर उस दुकानदार या कंपनी का पैन नंबर होता है।
इसमें लि‍खे गए 13वें नबर से ये पता चलता है कि‍ इस दुकान या होटल ने कि‍तने रजि‍स्‍ट्रेशन कराए हैं। मान लें कि‍ कि‍सी दुकानदार ने कि‍सी राज्‍य में अलग अलग बि‍जनेस के लि‍ए एक ही पैन नंबर पर 5 रजि‍स्‍ट्रेशन कराए हैं तो 13वां नंबर 5 होगा। 14वां नंबर हमेशा z होता है। अगर कंपनी के रजि‍स्‍ट्रेशन की गि‍नती दो अंकों को पार करती है तो z की जगह वो गि‍नती आ जाती है। 15वां नंबर चेक कोड होता है जो खामि‍यां पकड़ने के लि‍ए यूज होता है। 


गड़बड़ी की शि‍कायत यहां करें
अगर दुकानदार आपसे गलत रेट पर जीएसटी ले रहा है या बि‍ना रजि‍स्‍ट्रेशन कराए टैक्‍स वसूल रहा है तो आप उसकी शि‍कायत कर सकते हैं। ईमेल -  helpdesk@gst.gov.in

 

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