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नकली GST बि‍ल यूज कर रहे हैं बिजनेसमैन -असली को ऐसे पहचानें, हर दुकानदार को नहीं है आपसे टैक्‍स लेने का हक

खुद सरकार ने पि‍छले महीने यह जानकारी दी कि‍ महज 2 महीने में 2000 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई है।

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नई दि‍ल्‍ली। जीएसटी को लागू हुए 1 साल बीत चुका है, मगर अभी भी यह पूरी तरह से स्‍ट्रीमलाइन नहीं हो पाया है। खुद सरकार ने पि‍छले महीने यह जानकारी दी कि‍ महज 2 महीने में 2000 करोड़ रुपए की कर चोरी पकड़ी गई है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड (CBEC) के सदस्य जॉन जोसेफ के मुताबिक, बिजनेसमैन नकली बिल का इस्तेमाल कर रहे हैं।

 

दि‍ल्‍ली स्‍थि‍त चार्टर्ड एकाउंटेंट, रवि‍ शंकर गुप्‍ता ने बताया कि‍ केवल वही दुकानदार जीएसटी वसूल सकता है, जि‍सने रजि‍स्‍ट्रेशन कराया है।  मनी भास्‍कर आपको बता रहा है कि‍ नकली जीएसटी बि‍ल और जीएसटी नंबर को कैसे पकड़ना है। अपने मोबाइल से ये काम कर सकते हैं। सबसे पहले आपको ये चेक करना होगा कि‍ दुकानदार को GST वसूलने का अधि‍कार है भी या नहीं। आगे पढ़ें

ऐसे करें चेक 
1 मान लें आप कि‍सी रेस्‍टोरेंट जाते हैं और खाने के बि‍ल में जीएसटी भी लगा आता है तो ऐसा वही रेस्‍टोरेंट कर सकता है जि‍सने अपना रजि‍स्‍ट्रेशन कराया हो। अगर आपको जरा भी शक है तो महज कुछ सेकेंड में इसे चेक कर सकते हैं। 
अगर कोई आपसे जीएसटी वसूल रहा है तो उसे आपको बि‍ल देना चाहि‍ए। सबसे पहले तो अगर बि‍ल पर जीएस टि‍न (GSTIN) नहीं दि‍या है तो मान लें कि‍ ये बि‍ल फर्जी है। अगर बि‍ल पर जीएस टि‍न (GSTIN) दि‍या है तो आप उसे चेक करें। इस नंबर से आप पहचान सकते हैं कि‍ जि‍स दुकान या होटल से आपको बि‍ल मि‍ला है वह रजि‍स्‍टर्ड है भी या नहीं। इसे आप सरकार की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।
 इसका लिंक है - https://services.gst.gov.in/services/searchtp  आगे पढ़ें 

 

सर्च करेंगे तो आएगी डि‍टेल
 यहां आपको बि‍ल पर लि‍खा 15 अंकों वाला जीएसटीन नंबर डालकर सर्च करना होगा। उस दुकानदार की डि‍टेल आपके सामने आ जाएगी।  जीएसटीएन 15 अंकों का नंबर होता है जो रजि‍स्‍ट्रेशन कराने वाले हर दुकानदार को दि‍या जाता है। इसमें अंक और अंग्रेजी के अक्षर होते हैं। इसके पहले दो अंक राज्‍य का कोड होते हैं। अगले 10 नंबर उस दुकानदार या कंपनी का पैन नंबर होता है।
इसमें लि‍खे गए 13वें नबर से ये पता चलता है कि‍ इस दुकान या होटल ने कि‍तने रजि‍स्‍ट्रेशन कराए हैं। मान लें कि‍ कि‍सी दुकानदार ने कि‍सी राज्‍य में अलग अलग बि‍जनेस के लि‍ए एक ही पैन नंबर पर 5 रजि‍स्‍ट्रेशन कराए हैं तो 13वां नंबर 5 होगा। 14वां नंबर हमेशा z होता है। अगर कंपनी के रजि‍स्‍ट्रेशन की गि‍नती दो अंकों को पार करती है तो z की जगह वो गि‍नती आ जाती है। 15वां नंबर चेक कोड होता है जो खामि‍यां पकड़ने के लि‍ए यूज होता है। 

 

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